New Delhi SAF Conference: 25 से अधिक देश विमानन ईंधन के टिकाऊ विकल्पों पर करेंगे चर्चा

New Delhi SAF Conference: 25 से अधिक देश विमानन ईंधन के टिकाऊ विकल्पों पर करेंगे चर्चा

देश में पर्यावरण अनुकूल विमान ईंधन (एसएएफ) के उत्पादन और उपयोग को बढ़ावा देने के प्रयासों के बीच दूसरे एसएएफ सम्मेलन में उद्योग जगत से जुड़े लोगों, विशेषज्ञों समेत 25 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है। सम्मेलन के आयोजक गैर-लाभकारी संगठन एसएएफ एसोसिएशन की ओर से मंगलवार को जारी बयान के अनुसार, 28-29 सितंबर को यहां आयोजित बैठक में 1,000 से अधिक प्रतिनिधियों, 100 से अधिक वैश्विक वक्ताओं तथा विमानन, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, निवेश और वित्त क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है। बयान के अनुसार, ‘इंडिया एसएएफ सम्मेलन, 2026’ भारत के उभरते पर्यावरण अनुकूल विमान ईंधन परिवेश को वैश्विक और दक्षिण एशियाई बाजारों से जोड़ने वाला एक प्रमुख मंच होगा।

एसएएफ एसोसिएशन के महासचिव रोहित कुमार ने बयान में कहा, ‘‘भारत के पास टिकाऊ विमान ईंधन के क्षेत्र में वैश्विक केंद्र बनने का अवसर है, लेकिन इसके लिए केवल लक्ष्य तय कर देना काफी नहीं होगा। इसके लिए सरकार, उद्योग, प्रौद्योगिकी, वित्त और वैश्विक भागीदारों को साथ लाकर एक पूर्ण परिवेश विकसित करना होगा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘एसएएफ एसोसिएशन का उद्देश्य सरकार, उद्योग, प्रौद्योगिकी, वित्त और वैश्विक भागीदारों को एक मंच पर लाकर पर्यावरण अनुकूल विमान ईंधन की महत्वाकांक्षा को परियोजनाओं, निवेश और उत्पादन में बदलना है। इंडिया एसएएफ सम्मेलन इस दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।’’
बयान में कहा गया कि सम्मेलन को पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय, जैव प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार का कार्यालय और इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन सहित प्रमुख संस्थानों और अंतरराष्ट्रीय एसएएफ भागीदारों का समर्थन प्राप्त है।

सम्मेलन में पर्यावरण अनुकूल ईंधन के मानक एवं प्रमाणन, टिकाऊ कच्चा माल, प्रौद्योगिकी, परियोजना वित्तपोषण, आपूर्ति श्रृंखला और बड़े पैमाने पर उत्पादन जैसे विषयों पर चर्चा होगी। अंतरराष्ट्रीय क्षमता निर्माण और प्रौद्योगिकी कार्यक्रम में वैश्विक विशेषज्ञ हिस्सा लेंगे। इसके अलावा मंत्रिस्तरीय सत्र, प्रौद्योगिकी सम्मेलन, निवेशक एवं खरीदार मंच कारोबारी एवं सरकारी स्तर की बैठकों के साथ प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी।

उल्लेखनीय है कि टिकाऊ विमानन ईंधन इस्तेमाल किए गए खाना पकाने के तेल, पशु वसा, कृषि अवशेष और कैप्चर की गई कार्बन डाइऑक्साइड जैसे नवीकरणीय स्रोतों तथा अपशिष्ट पदार्थों से बनाया जाता है। विमानन क्षेत्र का वैश्विक कार्बन उत्सर्जन में 2.5 प्रतिशत योगदान है। ऐसे में पर्यावरण अनुकूल विमान ईंधन के उपयोग से कार्बन उत्सर्जन में उल्लेखनीय कमी आ सकती है।

साथ ही एसएएफ उत्पादन के विस्तार से किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी लाभ मिलने की संभावना है। एक अनुमान के मुताबिक, एसएएफ के लिए आवश्यक कच्चे माल के उत्पादन से किसानों की आय में प्रति हेक्टेयर 15,000 से 29,000 रुपये तक की अतिरिक्त आमदनी हो सकती है।

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