कर्नाटक विधान परिषद ने उत्तराखंड के हल्द्वानी स्थित रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की आठ अगस्त को आयोजित रैली के बाद श्री राम सेना द्वारा मंच के किये गए कथित ‘शुद्धिकरण’ अनुष्ठान की निंदा करने के लिए सोमवार को एक प्रस्ताव पारित किया। आरोप है कि आठ अगस्त को खरगे की राजनीतिक रैली के दो दिन बाद, 10 अगस्त को श्री राम सेना ने उसी जगह पर गंगाजल का छिड़काव किया और ‘हवन’ किया। इस अनुष्ठान से राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया और कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि यह दलितों के प्रति भेदभावपूर्ण सोच को दर्शाता है।
कर्नाटक विधान परिषद में इस संबंध में कांग्रेस के विधान पार्षद (एमएलसी) एफ एच जक्कप्पनवर, डी थिमैया, थिपन्ना कामकनूर, डी टी श्रीनिवास, बालकीस बानू, जगदेव गुट्टेदार और अन्य ने निंदा प्रस्ताव पेश किया।जक्कप्पनावर ने प्रस्ताव को पढ़ा जिसमें कहा गया, ‘‘मनुवादियों ने उस जगह को ‘शुद्ध’ करने के लिए हवन किया जहां डॉ. मल्लिकार्जुन खरगे खड़े होकर भाषण दे रहे थे। एक सार्वजनिक अनुष्ठान किया गया, जिससे भारत के संविधान का अपमान हुआ।’’
उन्होंने सवाल किया, ‘‘क्या आपको इस बात पर शर्म आती है कि आप दलितों से जुड़ी प्रथाओं का पालन कर रहे हैं? क्या आप दलितों को दूर रख रहे हैं?
क्या आप उनके साथ भेदभाव कर रहे हैं? क्या आप उस जगह को शुद्ध कर रहे हैं जहां खरगे ने भाषण दिया था? क्या आपको शर्म नहीं आती?’’
राज्य सरकार में मंत्री बी. नागेंद्र के इस्तीफे की मांग कर रही भाजपा के हंगामे के बीच, इस प्रस्ताव को सदन ने पारित कर दिया।

