सरैया थाना क्षेत्र के एक गांव में एक अधेड़ व्यक्ति के पेट से ऑपरेशन कर कफ सिरप और निहार तेल की बोतलें निकाली गईं। यह घटना 17 अगस्त, सोमवार को सामने आई। चिकित्सकों के अनुसार, ऑपरेशन के बाद मरीज खतरे से बाहर है। जानकारी के मुताबिक, अधेड़ व्यक्ति को शौच न होने और पेट में असहनीय दर्द की शिकायत थी। अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के बाद अल्ट्रासाउंड में पेट में बोतलनुमा कुछ पदार्थ होने की पुष्टि की। इसके बाद डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर पेट से एक कफ सिरप की बोतल और निहार तेल की छोटी बोतल बाहर निकाली। बताया गया कि दोनों बोतलें एक लंबी लकड़ी से जुड़ी हुई थीं। चिकित्सकों ने मरीज से घटना के कारणों के बारे में जानने का प्रयास किया, लेकिन उसने सच्चाई बताने से परहेज किया। मरीज ने बताया कि उसने स्प्राइट की एक बोतल पी थी, जिसके बाद उसे नशा जैसा महसूस हुआ और उसे कुछ याद नहीं रहा। सुबह पेट में गैस और दर्द होने पर उसे अस्पताल लाया गया। डॉक्टरों ने बताया कि ऑपरेशन सफल रहा और मरीज अब खतरे से बाहर है। कुछ दिनों बाद उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी। सरैया थाना क्षेत्र के एक गांव में एक अधेड़ व्यक्ति के पेट से ऑपरेशन कर कफ सिरप और निहार तेल की बोतलें निकाली गईं। यह घटना 17 अगस्त, सोमवार को सामने आई। चिकित्सकों के अनुसार, ऑपरेशन के बाद मरीज खतरे से बाहर है। जानकारी के मुताबिक, अधेड़ व्यक्ति को शौच न होने और पेट में असहनीय दर्द की शिकायत थी। अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के बाद अल्ट्रासाउंड में पेट में बोतलनुमा कुछ पदार्थ होने की पुष्टि की। इसके बाद डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर पेट से एक कफ सिरप की बोतल और निहार तेल की छोटी बोतल बाहर निकाली। बताया गया कि दोनों बोतलें एक लंबी लकड़ी से जुड़ी हुई थीं। चिकित्सकों ने मरीज से घटना के कारणों के बारे में जानने का प्रयास किया, लेकिन उसने सच्चाई बताने से परहेज किया। मरीज ने बताया कि उसने स्प्राइट की एक बोतल पी थी, जिसके बाद उसे नशा जैसा महसूस हुआ और उसे कुछ याद नहीं रहा। सुबह पेट में गैस और दर्द होने पर उसे अस्पताल लाया गया। डॉक्टरों ने बताया कि ऑपरेशन सफल रहा और मरीज अब खतरे से बाहर है। कुछ दिनों बाद उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी।

