लंदन के ऐतिहासिक लॉर्ड्स मैदान पर आखिरकार मैनचेस्टर सुपर जायंट्स की किस्मत बदल गई। फाइनल में लगातार दो बार हारने के बाद टीम ने तीसरे मौके को हाथ से नहीं जाने दिया और ट्रेंट रॉकेट्स को पांच विकेट से हराकर पहली बार हंड्रेड का खिताब अपने नाम कर लिया। टीम की इस जीत के सबसे बड़े नायक न्यूजीलैंड के बल्लेबाज टिम साइफर्ट रहे, जिन्होंने सिर्फ 38 गेंदों पर 72 रन की तूफानी पारी खेलकर लक्ष्य की राह आसान कर दी।
बता दें कि मैनचेस्टर सुपर जायंट्स को पहले मैनचेस्टर ओरिजिनल्स के नाम से जाना जाता था। टीम इससे पहले 2022 के फाइनल में ट्रेंट रॉकेट्स और 2023 के फाइनल में ओवल इनविंसिबल्स से हार गई थी। ऐसे में लॉर्ड्स में मिली यह जीत उसके लिए खास रही। दूसरी ओर, अंक तालिका में शीर्ष पर रहने वाली ट्रेंट रॉकेट्स की टीम लगातार दूसरी बार खिताब जीतने से चूक गई।
ट्रेंट रॉकेट्स को पहले बल्लेबाजी के लिए भेजे जाने के बाद फिन एलन और बेन डकेट ने अच्छी शुरुआत की। दोनों ने तेज गेंदबाज गस एटकिंसन, जोश टंग और सोनी बेकर का सामना करते हुए पहले विकेट के लिए 48 रन जोड़े। इसके बाद कप्तान जोस बटलर ने अफगानिस्तान के कलाई के स्पिन गेंदबाज नूर अहमद को आक्रमण पर लगाया। नूर ने चार गेंदों के भीतर एलन और डकेट दोनों को आउट कर मैच का रुख बदल दिया।
एनेरिन डोनाल्ड ने आते ही नूर अहमद पर हमला किया और शुरुआती छह गेंदों में 17 रन ठोक दिए। वह 19 गेंदों पर 38 रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद ट्रेंट रॉकेट्स का स्कोर एक समय 97 रन पर पांच विकेट हो गया था। ऐसा लग रहा था कि टीम बड़ा स्कोर नहीं बना पाएगी, लेकिन लुईस ग्रेगरी और मिशेल सैंटनर ने पारी को संभाल लिया।
ग्रेगरी ने लियाम डॉसन और गस एटकिंसन की गेंदों पर लगातार छक्के लगाए। आखिरी 30 गेंदों में ट्रेंट रॉकेट्स ने 61 रन जोड़कर स्कोर 158 रन तक पहुंचाया। एनेरिन डोनाल्ड ने 38, लुईस ग्रेगरी ने 32 और बेन डकेट ने 31 रन बनाए। मैनचेस्टर की ओर से नूर अहमद ने तीन और सोनी बेकर ने दो विकेट लिए।
लक्ष्य का पीछा करते हुए मैनचेस्टर सुपर जायंट्स ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। टिम साइफर्ट ने मोहम्मद आमिर के शुरुआती पांच गेंदों पर 14 रन बटोर लिए। इसके बाद उन्होंने पॉल वाल्टर के साथ केवल 31 गेंदों में 61 रन की साझेदारी की। साइफर्ट ने सिर्फ 23 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और 38 गेंदों पर 72 रन बनाए, जिसमें सात छक्के शामिल रहे।
कप्तान जोस बटलर ने 14 गेंदों पर 23 रन बनाए, जबकि लियूस डू प्लॉय ने नाबाद 27 रन की उपयोगी पारी खेली। साइफर्ट उस समय आउट हुए जब टीम को 22 गेंदों में 23 रन चाहिए थे। इसके बाद हेनरिक क्लासेन का शानदार कैच एनेरिन डोनाल्ड ने पकड़ा और माइकल ब्रेसवेल दूसरी गेंद पर बिना खाता खोले आउट हो गए। मुकाबला आखिरी पांच गेंदों तक पहुंच गया, लेकिन लियाम डॉसन ने धैर्य बनाए रखा और बेन सैंडरसन की गेंद पर मिडविकेट के ऊपर से छक्का लगाकर दो गेंद शेष रहते टीम को चैंपियन बना दिया।
मौजूद जानकारी के अनुसार, साइफर्ट को पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन के लिए सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का पुरस्कार भी मिला। उन्होंने प्रतियोगिता में 394 रन बनाए, जो पूरे टूर्नामेंट में दूसरा सबसे बड़ा व्यक्तिगत रन स्कोर रहा। मैनचेस्टर सुपर जायंट्स की यह जीत इसलिए भी यादगार रहेगी क्योंकि टीम ने लंबे इंतजार और दो फाइनल हार के बाद आखिरकार लॉर्ड्स में अपना पहला हंड्रेड खिताब हासिल किया है।

