असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने सोमवार को राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा की और पुलिस को अपराध रोकने एवं जांच में सुधार के लिए ज़्यादा मज़बूत, आधुनिक तथा जन-केंद्रित तरीका अपनाने का निर्देश दिया। एक सरकारी परिपत्र से यह जानकारी सामने आयी है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने बताया कि शर्मा ने कानून-व्यवस्था और पुलिस प्रशासन के अहम पहलुओं की समीक्षा के लिए एक बैठक की अध्यक्षता की।
पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) हरमीत सिंह तथा पुलिस एवं गृह विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी बैठक में शामिल हुए। मुख्यमंत्री कार्यालय ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘ बातचीत बाल विवाह, बहुविवाह, अपराध नियंत्रण, होम गार्ड और ग्राम रक्षा दल में सुधार, डायल 112, बटालियन परियोजना, पुलिस आवास और पुलिस थाने के अधिकार-क्षेत्र को तर्कसंगत बनाने जैसे मुद्दों पर केंद्रित रही।’’
इसमें कहा गया है कि शर्मा ने अपराध रोकने, जांच को मज़बूत करने और दोषियों को समय पर सज़ा दिलाने के लिए एक मज़बूत, आधुनिक और जनोन्मुखी पुलिस प्रणाली की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। असम सरकार ने छह जुलाई को विधानसभा को बताया था कि 2016 में राज्य में पहली बार भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद से, राज्य भर में दर्ज लगभग 10 लाख मामलों में से पुलिस ने सिर्फ 54 प्रतिशत मामलों में ही आरोपपत्र दाखिल किये।
इस बीच, मुख्य सचिव रवि कोटा ने बताया कि उन्होंने दिन में असम राइफल्स (पूर्व) के महानिरीक्षक मेजर जनरल इंदरजीत सिंह भिंडर के साथ बातचीत की। उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘हमने आपसी हित के मामलों पर विचार-विमर्श किया, जिसमें सुरक्षा, सीमा प्रबंधन और विकास के क्षेत्रों में नागरिक-सुरक्षा समन्वय और संस्थागत तालमेल को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया।

