श्रमिकों का सरकार के खिलाफ हल्लाबोल:ईपीएफ पेंशन 7500, न्यूनतम वेतन 30 हजार रुपए करने की मांग

श्रमिकों का सरकार के खिलाफ हल्लाबोल:ईपीएफ पेंशन 7500, न्यूनतम वेतन 30 हजार रुपए करने की मांग

हनुमानगढ़ में भारतीय मजदूर संघ के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर सोमवार को श्रमिकों, कर्मचारियों, संविदा कर्मियों और विभिन्न श्रमिक संगठनों ने जिला मुख्यालय पर लंबित मांगों को लेकर आवाज उठाई। संगठनों ने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और संबंधित मंत्रियों के नाम एडीएम को ज्ञापन सौंपकर श्रमिक हितों से जुड़ी मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की मांग की। भारतीय मजदूर संघ ने ईएसआईसी की वेतन सीमा 21 हजार से बढ़ाकर 42 हजार रुपए करने तथा न्यूनतम ईपीएफ पेंशन 1 हजार से बढ़ाकर 7500 रुपए प्रतिमाह करने की मांग की। संगठन ने पेंशन में महंगाई भत्ता जोड़ने और ईपीएस वेतन सीमा बढ़ाने की भी मांग रखी। योजना कर्मचारियों और संविदाकर्मियों के मानदेय पर जोर संगठन ने बोनस की गणना एवं पात्रता सीमा में संशोधन, आंगनबाड़ी, आशा, मिड-डे मील और अन्य योजना कर्मचारियों के मानदेय में वृद्धि तथा संविदा कर्मचारियों को समान कार्य के लिए समान वेतन देने की मांग उठाई। इसके साथ ही श्रमिक-विरोधी प्रावधानों में संशोधन, बैंकिंग क्षेत्र में पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करने और ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा 20 लाख से बढ़ाकर 40 लाख रुपए करने की मांग की गई। देशभर में राष्ट्रीय न्यूनतम वेतन 30 हजार रुपए प्रतिमाह निर्धारित करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही। रोडवेज में 13 हजार से अधिक पदों पर भर्ती की मांग राजस्थान परिवहन निगम संयुक्त कर्मचारी फैडरेशन ने रोडवेज कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं को लेकर अलग ज्ञापन सौंपा। इसमें ड्राइवरों की पदोन्नति, वर्ष 2025-26 में रोकी गई कंडक्टरों की पदोन्नति जारी करने और कर्मचारियों के उत्पीड़न पर रोक लगाने की मांग की गई। फैडरेशन ने रोडवेज में रिक्त 13 हजार से अधिक पदों पर भर्ती, नई बसें खरीदने और संविदा कर्मचारियों के नियमन की मांग भी रखी। ओवरटाइम भुगतान और सातवें वेतनमान की मांग रोडवेज कर्मचारियों को साप्ताहिक विश्राम देने, बकाया ओवरटाइम का भुगतान करने और वेतन विसंगतियां दूर करने की मांग की गई। सेवानिवृत्त कर्मचारियों की सुविधाएं बढ़ाने तथा रोडवेज कर्मचारियों को सातवें वेतनमान का लाभ देने की मांग भी ज्ञापन में शामिल थी। वहीं, जलदाय तकनीकी कर्मचारी संघ ने विभागीय स्तर पर सहमति एवं प्रस्तावित कर्मचारियों की मांगों का शीघ्र क्रियान्वयन करवाने की मांग की। लंबे समय से मांगें लंबित, कर्मचारियों में असंतोष संगठनों ने कहा कि लंबे समय से मांगों का समाधान नहीं होने के कारण कर्मचारियों में असंतोष है। उन्होंने सरकार से मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेकर राहत प्रदान करने का आग्रह किया। इस अवसर पर इन्द्राज घोटिया, फतेह सिंह झाझड़िया, अनिल यादव सहित कई पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।

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