नागौर मंडी में जीरा 20 हजार रुपए क्विंटल तक बिका:सौंफ के भाव 13,500, इसबगोल के 12 हजार रुपए/क्विंटल; मूंग की अच्छी खरीदारी

नागौर मंडी में जीरा 20 हजार रुपए क्विंटल तक बिका:सौंफ के भाव 13,500, इसबगोल के 12 हजार रुपए/क्विंटल; मूंग की अच्छी खरीदारी

नागौर की विशिष्ट कृषि उपज मंडी में सोमवार को कई प्रमुख जिंसों के भाव में मजबूती दिखाई दी। 17 अगस्त के औसत भावों के अनुसार जीरा, सौंफ और इसबगोल सहित मसाला फसलों में किसानों को अच्छे दाम मिल रहे हैं। वहीं मूंग में भी क्वालिटी के हिसाब से भावों में बड़ा अंतर देखने को मिला। मंडी में बोली के दौरान अलग-अलग गुणवत्ता और आवक के अनुसार भावों में उतार-चढ़ाव बना रहा। सोमवार को जीरे का भाव 16 हजार से 20 हजार रुपए प्रति क्विंटल रहा। इसका औसत भाव 18 हजार रुपए दर्ज किया गया। जीरा नागौर मंडी की प्रमुख मसाला फसलों में शामिल है और ऊंची क्वालिटी के जीरे की मांग बनी हुई है। सौंफ के भाव 7 हजार से 13,500 रुपए प्रति क्विंटल रहे। इसका औसत भाव 10 हजार रुपए रहा। अच्छी क्वालिटी की सौंफ को 13,500 रुपए तक का भाव मिला। वहीं इसबगोल 9 हजार से 12 हजार रुपए के बीच बिका, जबकि इसका औसत भाव 10,500 रुपए रहा। मूंग में क्वालिटी के हिसाब से बड़ा अंतर मूंग के भावों में सबसे ज्यादा अंतर देखने को मिला। मंडी में मूंग का न्यूनतम भाव 5,500 रुपए, औसत भाव 6 हजार रुपए और अधिकतम भाव 7,500 रुपए प्रति क्विंटल रहा। यानी अच्छी क्वालिटी की मूंग को सामान्य मूंग की तुलना में काफी बेहतर भाव मिला। ग्वार 5,100 से 5,750 रुपए प्रति क्विंटल के बीच रहा। इसका औसत भाव 5,500 रुपए रहा। ग्वार में फिलहाल कारोबार सीमित दायरे में दिखाई दे रहा है। चना 5,750 तक, सरसों का अधिकतम भाव 8 हजार चना मंडी में 5,400 से 5,750 रुपए प्रति क्विंटल बिका। इसका औसत भाव 5,550 रुपए रहा। सरसों यानी रायड़ा का भाव औसतन 40 प्रतिशत फैट (तेल) के आधार पर दर्ज किया गया। इसमें 8 हजार रुपए प्रति क्विंटल तक का भाव रहा। अन्य जिंसों में असालिया 5,600 से 6 हजार, दाना मेथी 6 हजार से 6,500, सिंधी सुवा 6 हजार से 7,900 और तारामीरा 5,800 से 6,200 रुपए प्रति क्विंटल रहा। ज्वार 4 हजार से 5 हजार रुपए के बीच बिकी, जबकि काला तिल 9 हजार से 11 हजार और सफेद तिल 10 हजार से 11,500 रुपए प्रति क्विंटल तक रहा। आगे भी क्वालिटी पर निर्भर रहेंगे भाव मंडी में इस समय अधिकांश जिंसों के भाव में गुणवत्ता का असर साफ दिखाई दे रहा है। एक ही जिंस में न्यूनतम और अधिकतम भाव के बीच बड़ा अंतर है। ऐसे में अच्छी क्वालिटी, साफ-सफाई और नमी कम होने वाली उपज को बेहतर दाम मिलने की संभावना है। मंडी में दिनभर होने वाली बोली के दौरान आवक और मांग के हिसाब से भावों में बदलाव भी हो सकता है।

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