सीहोर में फर्जी FX Trade ऐप से 20 लाख ठगे:3 आरोपी गिरफ्तार, कई राज्यों में चला रहे थे नेटवर्क, कई मोबाइल और फर्जी सिम जब्त

सीहोर में फर्जी FX Trade ऐप से 20 लाख ठगे:3 आरोपी गिरफ्तार, कई राज्यों में चला रहे थे नेटवर्क, कई मोबाइल और फर्जी सिम जब्त

सीहोर पुलिस ने साइबर ठगी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए फर्जी कॉल सेंटर और ‘FX Trade’ नाम के ट्रेडिंग ऐप से चल रहे गिरोह का भंडाफोड़ किया है। कोतवाली थाना पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में 20 लाख रुपए से ज्यादा की ठगी सामने आई है। पुलिस को ठगी की रकम करोड़ों रुपए तक पहुंचने की आशंका है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 5 कंप्यूटर, 1 लैपटॉप, कई मोबाइल फोन, फर्जी बैंक खातों की पासबुक, चेकबुक और सिम कार्ड जब्त किए हैं। लोन का झांसा देकर लिए दस्तावेज शाजापुर निवासी अभिषेक मुकाती ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि मुख्य आरोपी सतीश ने सीहोर बस स्टैंड पर लोन दिलाने का झांसा देकर उनके बैंक खाते से जुड़े दस्तावेज, एटीएम कार्ड और सिम कार्ड ले लिए थे। बाद में अभिषेक को पता चला कि उनके बैंक खाते का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम मंगाने के लिए किया जा रहा है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। 6 महीने से चल रहा था कॉल सेंटर जांच के दौरान पुलिस ने शीतल बिहार कॉलोनी में दबिश दी। यहां पिछले छह महीने से अवैध कॉल सेंटर संचालित किया जा रहा था। पुलिस ने मौके से आरोपियों को गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि आरोपी सतीश अपने साथियों के साथ मिलकर लोगों को फोन करते थे। वे इन्वेस्टमेंट और ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का लालच देकर लोगों से पैसे लगवाते थे। खुद का बनाया था फर्जी FX Trade ऐप गिरोह ने लोगों को ठगने के लिए अपना फर्जी ‘FX Trade’ ऐप बना रखा था। आरोपी लोगों को इस ऐप के जरिए पैसे लगाने के लिए कहते थे। रकम सीधे किराए पर लिए गए बैंक खातों में जमा कराई जाती थी। पुलिस के अनुसार, मनी ट्रेल से बचने के लिए आरोपी रकम जमा होने के बाद तुरंत एटीएम से नकदी निकाल लेते थे। जांच में यह भी सामने आया है कि इन बैंक खातों के खिलाफ देश के अलग-अलग राज्यों में कई शिकायतें दर्ज हैं। इससे पुलिस को गिरोह के अंतरराज्यीय नेटवर्क से जुड़े होने की जानकारी मिली है। रोज 100 लोगों को निशाना बनाने का टारगेट पुलिस के मुताबिक, कॉल सेंटर में 6 कर्मचारी काम करते थे। उन्हें हर दिन करीब 100 लोगों को फोन कर निशाना बनाने का काम दिया जाता था। आरोपी संपन्न लोगों के मोबाइल नंबर ब्लड डोनेशन डायरेक्ट्री से हासिल करते थे। इसके बाद उन्हें फोन कर निवेश और ट्रेडिंग में मुनाफे का झांसा दिया जाता था। पुलिस ने सतीश मेवाड़ा और कल्याण मेवाड़ा, दोनों निवासी ग्राम भैंसरोद, शाजापुर तथा शुभम वर्मा निवासी ग्राम सेमरा दांगी, सीहोर को गिरफ्तार किया है। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है। जांच के दौरान ठगी की रकम और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों के बारे में और जानकारी सामने आने की उम्मीद है।

​ 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *