बैंकिंग सुधारों के लिए जल्द बनेगी हाई-लेवल कमेटी:वित्त मंत्री ने कहा- बैंकों के पास NPA सबसे कम, रिफॉर्म्स के लिए सही समय

बैंकिंग सुधारों के लिए जल्द बनेगी हाई-लेवल कमेटी:वित्त मंत्री ने कहा- बैंकों के पास NPA सबसे कम, रिफॉर्म्स के लिए सही समय

सरकार जल्द ही बैंकिंग सेक्टर के लिए अपनी उच्च स्तरीय समिति (हाई-लेवल कमेटी) के सदस्यों और संरचना का ऐलान करेगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय ‘PSB कॉन्फ्लुएंस 2026’ के पहले दिन यह घोषणा की। वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ठ सूत्र के मुताबिक, इस कमेटी का गठन इसी महीने (मार्च 2026) में किया जा सकता है। बजट 2026-27 में रखा गया था कमेटी का प्रस्ताव इस हाई-लेवल कमेटी को गठित करने का प्रस्ताव सबसे पहले केंद्रीय बजट 2026-27 में रखा गया था। वित्त मंत्री सीतारमण ने विकसित भारत के लिए बैंकिंग पर हाई-लेवल कमेटी बनाने की योजना का ऐलान किया था। इसका मुख्य मकसद बैंकिंग क्षेत्र को देश के आर्थिक विकास के लक्ष्यों के अनुरूप ढालना और समीक्षा करना है। हालांकि, अभी तक इस समिति का औपचारिक रूप से गठन होना बाकी है। 2047 के विकसित भारत लक्ष्य पर रहेगा फोकस वित्त मंत्री ने साफ किया कि यह पैनल 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र (विकसित भारत) बनाने की दिशा में बैंकों की भूमिका पर अपना ध्यान केंद्रित करेगा। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान कहा, “कमेटी विकसित भारत की ओर बैंकों की भूमिका की समीक्षा करेगी। साल 2047 अब बहुत दूर नहीं है।” NPA सबसे निचले स्तर पर, सुधारों को लागू करने का सही समय वित्त मंत्री ने देश के बैंकिंग सेक्टर में आए सुधारों और परिसंपत्ति गुणवत्ता (एसेट क्वालिटी) का जिक्र करते हुए नए बदलावों की जरूरत बताई। सीतारमण ने कहा, “बैंकिंग सेक्टर में नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NPA) अब तक के सबसे निचले स्तर पर हैं। ऐसे में भारतीय बैंक अब नए बैंकिंग सुधारों को अपनाने के लिए पहले से बेहतर स्थिति में हैं।” रिपोर्ट आते ही सिफारिशों पर तेजी से होगा काम निर्मला सीतारमण ने भरोसा दिया कि समिति की रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद सरकार सुझाई गई सिफारिशों को लागू करने में देरी नहीं करेगी। उन्होंने कहा, “जैसे ही कमेटी अपनी रिपोर्ट सौंपेगी, हम उसकी सिफारिशों पर तेजी से कार्रवाई करेंगे।” पब्लिक सेक्टर बैंकों का रिकॉर्ड ₹1.98 लाख करोड़ का मुनाफा देश के सरकारी बैंकों की वित्तीय सेहत में लगातार सुधार देखा जा रहा है। वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (PSBs) ने कुल मिलाकर रिकॉर्ड 1.98 लाख करोड़ रुपए से अधिक का शुद्ध लाभ (नेट प्रॉफिट) दर्ज किया है। इस मजबूत वित्तीय स्थिति के बल पर ही सरकार अब बड़े बैंकिंग रिफॉर्म्स की दिशा में कदम बढ़ा रही है। क्या होता है ‘विकसित भारत 2047’ का विजन? भारत सरकार का लक्ष्य है कि देश की आजादी के 100 साल पूरे होने (2047) तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाया जाए। इस विज़न को हासिल करने के लिए बुनियादी ढांचे, आर्थिक विकास और बैंकिंग तंत्र में बड़े पैमाने पर सुधार की आवश्यकता है। क्या होते हैं NPA? नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NPA) उन लोन या अग्रिमों (Advances) को कहा जाता है जिनका ब्याज या मूलधन तय समय (सामान्यतः 90 दिन) तक वापस नहीं आता। बैंकों का NPA कम होना उनकी मजबूत वित्तीय स्थिति का संकेत माना जाता है।

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