जामताड़ा के कुंडहित प्रखंड में आकना गांव से सटकी स्कूल तक करीब डेढ़ किलोमीटर लंबी मुख्य सड़क लंबे समय से जर्जर है। सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। बारिश के मौसम में स्थिति और खराब हो गई है। गड्ढों में पानी भर जाने के कारण उनकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है। इससे ग्रामीणों के साथ बंगाल के बाबूजोड़ बाजार और कॉलेज आने-जाने वाले छात्र-छात्राओं को भी रोजाना परेशानी उठानी पड़ रही है। दोपहिया वाहन चालकों और पैदल राहगीरों के लिए यह रास्ता खासा जोखिम भरा हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की बदहाली के कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। खासकर सुबह और दोपहर के समय स्कूल-कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों की आवाजाही अधिक रहती है। ऐसे में अभिभावक भी बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। ग्रामीणों के अनुसार, बारिश के दौरान सड़क पर बने गड्ढों में पानी जमा होने से वाहन चालकों को यह पता नहीं चल पाता कि सड़क कितनी गहरी है। अब तक नहीं हुई स्थायी पहल ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की समस्या नई नहीं है। लंबे समय से सड़क जर्जर होने के बावजूद इसकी मरम्मत या पुनर्निर्माण के लिए ठोस पहल नहीं की गई। ग्रामीणों ने कई बार संबंधित जनप्रतिनिधियों और विधानसभा अध्यक्ष को सड़क की स्थिति से अवगत कराया है। इसके बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों के मुताबिक, सड़क कई गांवों के लोगों के लिए महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। आकना और आसपास के गांवों के लोग इसी रास्ते से बंगाल के बाबूजोड़ बाजार, कॉलेज और अन्य जरूरी स्थानों तक पहुंचते हैं। सड़क खराब होने के कारण खासकर बरसात के दिनों में आवागमन प्रभावित होता है। ग्रामीणों का कहना है कि किसी मरीज को अस्पताल ले जाने या जरूरी काम से बाहर जाने की स्थिति में भी इस सड़क से गुजरना मुश्किल हो जाता है। वहीं दोपहिया वाहन चालकों को गड्ढों और पानी के कारण दुर्घटना का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द सड़क निर्माण की मांग की सड़क की बदहाली को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीण सब्यसाची बागती, पिंटू बागती, ललन मंडल, मनोज कुमार समेत दर्जनों लोगों ने जिला प्रशासन से मामले में शीघ्र पहल करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि करीब डेढ़ किलोमीटर सड़क की स्थायी मरम्मत या पुनर्निर्माण होने से आसपास के गांवों के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि केवल गड्ढों में मिट्टी या पत्थर डालकर अस्थायी मरम्मत से समस्या का समाधान नहीं होगा। सड़क का स्थायी निर्माण जरूरी है, ताकि बरसात में भी आवागमन सुचारू रह सके। ग्रामीणों ने प्रशासन से सड़क की स्थिति का निरीक्षण कर जल्द काम शुरू कराने की मांग की है। उनका कहना है कि सड़क की खराब स्थिति का सबसे अधिक असर स्कूल-कॉलेज जाने वाले छात्र-छात्राओं पर पड़ रहा है। यदि समय रहते सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई तो किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है। जामताड़ा के कुंडहित प्रखंड में आकना गांव से सटकी स्कूल तक करीब डेढ़ किलोमीटर लंबी मुख्य सड़क लंबे समय से जर्जर है। सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। बारिश के मौसम में स्थिति और खराब हो गई है। गड्ढों में पानी भर जाने के कारण उनकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है। इससे ग्रामीणों के साथ बंगाल के बाबूजोड़ बाजार और कॉलेज आने-जाने वाले छात्र-छात्राओं को भी रोजाना परेशानी उठानी पड़ रही है। दोपहिया वाहन चालकों और पैदल राहगीरों के लिए यह रास्ता खासा जोखिम भरा हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की बदहाली के कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। खासकर सुबह और दोपहर के समय स्कूल-कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों की आवाजाही अधिक रहती है। ऐसे में अभिभावक भी बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। ग्रामीणों के अनुसार, बारिश के दौरान सड़क पर बने गड्ढों में पानी जमा होने से वाहन चालकों को यह पता नहीं चल पाता कि सड़क कितनी गहरी है। अब तक नहीं हुई स्थायी पहल ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की समस्या नई नहीं है। लंबे समय से सड़क जर्जर होने के बावजूद इसकी मरम्मत या पुनर्निर्माण के लिए ठोस पहल नहीं की गई। ग्रामीणों ने कई बार संबंधित जनप्रतिनिधियों और विधानसभा अध्यक्ष को सड़क की स्थिति से अवगत कराया है। इसके बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों के मुताबिक, सड़क कई गांवों के लोगों के लिए महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। आकना और आसपास के गांवों के लोग इसी रास्ते से बंगाल के बाबूजोड़ बाजार, कॉलेज और अन्य जरूरी स्थानों तक पहुंचते हैं। सड़क खराब होने के कारण खासकर बरसात के दिनों में आवागमन प्रभावित होता है। ग्रामीणों का कहना है कि किसी मरीज को अस्पताल ले जाने या जरूरी काम से बाहर जाने की स्थिति में भी इस सड़क से गुजरना मुश्किल हो जाता है। वहीं दोपहिया वाहन चालकों को गड्ढों और पानी के कारण दुर्घटना का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द सड़क निर्माण की मांग की सड़क की बदहाली को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीण सब्यसाची बागती, पिंटू बागती, ललन मंडल, मनोज कुमार समेत दर्जनों लोगों ने जिला प्रशासन से मामले में शीघ्र पहल करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि करीब डेढ़ किलोमीटर सड़क की स्थायी मरम्मत या पुनर्निर्माण होने से आसपास के गांवों के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि केवल गड्ढों में मिट्टी या पत्थर डालकर अस्थायी मरम्मत से समस्या का समाधान नहीं होगा। सड़क का स्थायी निर्माण जरूरी है, ताकि बरसात में भी आवागमन सुचारू रह सके। ग्रामीणों ने प्रशासन से सड़क की स्थिति का निरीक्षण कर जल्द काम शुरू कराने की मांग की है। उनका कहना है कि सड़क की खराब स्थिति का सबसे अधिक असर स्कूल-कॉलेज जाने वाले छात्र-छात्राओं पर पड़ रहा है। यदि समय रहते सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई तो किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है।


