विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप में रिकॉर्ड छठा पदक जीतने की कवायद में लगी दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधू ने कहा उनकी जीत की ललक अब भी उसी तरह बनी हुई है जैसे कि 2009 में 14 साल की उम्र में सीनियर स्तर के अपने करियर की शुरुआत के समय थी। विश्व चैंपियनशिप सोमवार से यहां शुरू होगी और सिंधू ने कहा कि वह घरेलू दर्शकों के सामने अच्छा प्रदर्शन करने को लेकर प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने रविवार को यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘‘मैं बेहद उत्साहित हूं और भारतीय दर्शकों से भरपूर समर्थन की उम्मीद कर रही हूं।यह विश्व चैंपियनशिप खास है क्योंकि यह 17 साल बाद भारत में हो रही है। उम्मीद है कि मैं पदक जीतने में सफल रहूंगी।’’ सिंधू ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि हर जीत या पदक ने मुझे एक अलग तरह का अनुभव दिया। विश्व चैंपियनशिप में पांच पदक जीतना एक अद्भुत सफर है।इसे भी पढ़ें: PV Sindhu की नजर BWF World Championships में इतिहास रचते हुए रिकॉर्ड छठे पदक पर हैपदक जीतना अपने आप में एक अद्भुत क्षण है। मुझे बस अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना है, चाहे नतीजा कुछ भी हो।’’ उन्होंने कहा, ‘‘खेल की प्रति मेरे जज्बे और जीत हासिल करने की ललक में किसी तरह की कमी नहीं आई है। मैं अब भी पदक जीतने में सक्षम हूं।इसे भी पढ़ें: BWF World Badminton Championship 2026: दिल्ली में सजेगा बैडमिंटन का सबसे बड़ा मंच, खिलाड़ियों में भारी उत्साहमैं अब अपने पहले विश्व चैंपियनशिप की तुलना में कहीं अधिक अनुभवी और मजबूत हूं।’’ यह 31 वर्षीय खिलाड़ी हाल ही में जापान ओपन जीतकर लगभग दो साल के खिताब के सूखे को समाप्त करने के बाद आत्मविश्वास से भरी हुई हैं। उन्होंने कहा, ‘‘यह सच है कि मुझे लंबा इंतजार करना पड़ा, लेकिन जापान ओपन ने मुझे विश्व चैंपियनशिप से पहले आत्मविश्वास दिया। मुझे लगता है कि शारीरिक और मानसिक रूप से यह काफी अच्छा रहा है।मैं अपने खेल में बदलाव देख पा रही हूं। मुझे खुशी है कि यह सही दिशा में आगे बढ़ रहा है।’’ सिंधू ने स्वीकार किया कि सोमवार को आयरलैंड की सोफिया नोबल के खिलाफ महिला एकल अभियान की शुरुआत करते समय उन पर दबाव होगा। उन्होंने कहा, ‘‘मैं इस बात से इनकार नहीं करती कि मुझ पर दबाव नहीं है, दबाव तो है ही।इसे भी पढ़ें: BWF World Championship: नई दिल्ली पहुंचे चीनी बैडमिंटन दल ने जताई संतुष्टिलेकिन खोने के लिए कुछ नहीं है, मैं बस अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना चाहती हूं। मैंने कड़ी मेहनत की है। मैं अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की कोशिश करूंगी।
विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप में रिकॉर्ड छठा पदक जीतने की कवायद में लगी दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधू ने कहा उनकी जीत की ललक अब भी उसी तरह बनी हुई है जैसे कि 2009 में 14 साल की उम्र में सीनियर स्तर के अपने करियर की शुरुआत के समय थी। विश्व चैंपियनशिप सोमवार से यहां शुरू होगी और सिंधू ने कहा कि वह घरेलू दर्शकों के सामने अच्छा प्रदर्शन करने को लेकर प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने रविवार को यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘‘मैं बेहद उत्साहित हूं और भारतीय दर्शकों से भरपूर समर्थन की उम्मीद कर रही हूं।
यह विश्व चैंपियनशिप खास है क्योंकि यह 17 साल बाद भारत में हो रही है। उम्मीद है कि मैं पदक जीतने में सफल रहूंगी।’’ सिंधू ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि हर जीत या पदक ने मुझे एक अलग तरह का अनुभव दिया। विश्व चैंपियनशिप में पांच पदक जीतना एक अद्भुत सफर है।
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पदक जीतना अपने आप में एक अद्भुत क्षण है। मुझे बस अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना है, चाहे नतीजा कुछ भी हो।’’ उन्होंने कहा, ‘‘खेल की प्रति मेरे जज्बे और जीत हासिल करने की ललक में किसी तरह की कमी नहीं आई है। मैं अब भी पदक जीतने में सक्षम हूं।
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मैं अब अपने पहले विश्व चैंपियनशिप की तुलना में कहीं अधिक अनुभवी और मजबूत हूं।’’ यह 31 वर्षीय खिलाड़ी हाल ही में जापान ओपन जीतकर लगभग दो साल के खिताब के सूखे को समाप्त करने के बाद आत्मविश्वास से भरी हुई हैं। उन्होंने कहा, ‘‘यह सच है कि मुझे लंबा इंतजार करना पड़ा, लेकिन जापान ओपन ने मुझे विश्व चैंपियनशिप से पहले आत्मविश्वास दिया। मुझे लगता है कि शारीरिक और मानसिक रूप से यह काफी अच्छा रहा है।
मैं अपने खेल में बदलाव देख पा रही हूं। मुझे खुशी है कि यह सही दिशा में आगे बढ़ रहा है।’’ सिंधू ने स्वीकार किया कि सोमवार को आयरलैंड की सोफिया नोबल के खिलाफ महिला एकल अभियान की शुरुआत करते समय उन पर दबाव होगा। उन्होंने कहा, ‘‘मैं इस बात से इनकार नहीं करती कि मुझ पर दबाव नहीं है, दबाव तो है ही।
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लेकिन खोने के लिए कुछ नहीं है, मैं बस अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना चाहती हूं। मैंने कड़ी मेहनत की है। मैं अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की कोशिश करूंगी।
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