TRE-4 के 32,388 पदों की जल्दबाजी में घोषणा-वैकेंसी लेट होगी:STET आवेदन 17 अगस्त से, ट्रांसफर वाले टीचर्स का फाइनल रोस्टर नहीं बना

TRE-4 के 32,388 पदों की जल्दबाजी में घोषणा-वैकेंसी लेट होगी:STET आवेदन 17 अगस्त से, ट्रांसफर वाले टीचर्स का फाइनल रोस्टर नहीं बना

बिहार में 32,388 शिक्षक पदों पर होने वाली TRE-4 भर्ती अभी से अटकती दिख रही है। BPSC ने सितंबर में परीक्षा कराने का शेड्यूल तो दिया है, लेकिन उससे पहले वैकेंसी का विज्ञापन निकलना जरूरी है। ये काम अभी तक पूरा नहीं हुआ है। अब सरकार ने इसमें नए STET के अभ्यर्थियों को भी शामिल कर लिया है, जिसकी अभी पूरी प्रक्रिया बाकी है। यानी घोषणा हुई पर आवेदन, पेपर और रिजल्ट आना बाकी है। शिक्षकों का ट्रांसफर होना है। इसके बाद स्कूलों में खाली पद फिर से गिने जाएंगे। कुछ नए पद जुड़ने हैं और उनका रोस्टर भी तैयार होगा। इन कामों में देरी हुई तो वैकेंसी निकलने में समय लगेगा। TRE-4 की राह में अभी क्या दिक्कते हैं, सरकार ने क्यों जल्दबाजी में फैसला लिया और क्यों देरी हो सकती है…4 प्वाइंट में पढ़िए एक्सक्लूसिव रिपोर्ट… 1- 32,388 पद बताए गए, लेकिन वैकेंसी अभी फाइनल नहीं TRE-4 के लिए अभी 32,388 पद बताए गए हैं। लेकिन ये पद अंतिम हैं, ऐसा अभी नहीं कहा जा सकता। क्योंकि शिक्षा विभाग में स्कूलों की शिक्षक संख्या और खाली पदों की फिर से जांच चल रही है। इसकी सबसे बड़ी वजह शिक्षकों का ट्रांसफर और समायोजन है। 2- STET का रिजल्ट नहीं आया तो TRE-4 की भर्ती कैसे आगे बढ़ेगी? TRE-4 में इस बार STET का रोल बहुत अहम है। 17 अगस्त से STET-2026 के आवेदन शुरू होने हैं। पहले STET की परीक्षा होगी। फिर उसका रिजल्ट आएगा। इसके बाद पता चलेगा कि कौन अभ्यर्थी STET पास है और TRE-4 में आगे अप्लाई कर सकता है। 3- अब BPSC अकेले नहीं, BSEB पर भी निर्भर रहेगा TRE-4 की इस भर्ती में BPSC के साथ BSEB भी जुड़ गया है। STET कराने और उसका रिजल्ट देने की जिम्मेदारी BSEB की है। TRE-4 की भर्ती BPSC करेगा। टीचर्स का ट्रांसफर पूरा नहीं हुआ तो खाली पदों की गिनती कैसे होगी? TRE-4 की वैकेंसी में देरी के लिए शिक्षकों का ट्रांसफर भी बड़ी वजह बन सकता है। सरकार अभी ऐसे शिक्षकों को दूसरे स्कूलों में भेज रही है, जहां उनकी ज्यादा जरूरत है। 4- नई सीटें जुड़ेंगी, लेकिन इससे वैकेंसी में और समय लग सकता है TRE-4 की शुरुआती अधियाचना में कुछ विषयों की सीटें छूटने की बात सामने आई है। इनमें मैथिली, संगीत, अरबी, फारसी और उर्दू जैसे विषय शामिल हैं। सरकार चाहती है कि अगर इन विषयों में पद खाली हैं तो उन्हें भी इसी भर्ती में जोड़ा जाए। बिहार में 32,388 शिक्षक पदों पर होने वाली TRE-4 भर्ती अभी से अटकती दिख रही है। BPSC ने सितंबर में परीक्षा कराने का शेड्यूल तो दिया है, लेकिन उससे पहले वैकेंसी का विज्ञापन निकलना जरूरी है। ये काम अभी तक पूरा नहीं हुआ है। अब सरकार ने इसमें नए STET के अभ्यर्थियों को भी शामिल कर लिया है, जिसकी अभी पूरी प्रक्रिया बाकी है। यानी घोषणा हुई पर आवेदन, पेपर और रिजल्ट आना बाकी है। शिक्षकों का ट्रांसफर होना है। इसके बाद स्कूलों में खाली पद फिर से गिने जाएंगे। कुछ नए पद जुड़ने हैं और उनका रोस्टर भी तैयार होगा। इन कामों में देरी हुई तो वैकेंसी निकलने में समय लगेगा। TRE-4 की राह में अभी क्या दिक्कते हैं, सरकार ने क्यों जल्दबाजी में फैसला लिया और क्यों देरी हो सकती है…4 प्वाइंट में पढ़िए एक्सक्लूसिव रिपोर्ट… 1- 32,388 पद बताए गए, लेकिन वैकेंसी अभी फाइनल नहीं TRE-4 के लिए अभी 32,388 पद बताए गए हैं। लेकिन ये पद अंतिम हैं, ऐसा अभी नहीं कहा जा सकता। क्योंकि शिक्षा विभाग में स्कूलों की शिक्षक संख्या और खाली पदों की फिर से जांच चल रही है। इसकी सबसे बड़ी वजह शिक्षकों का ट्रांसफर और समायोजन है। 2- STET का रिजल्ट नहीं आया तो TRE-4 की भर्ती कैसे आगे बढ़ेगी? TRE-4 में इस बार STET का रोल बहुत अहम है। 17 अगस्त से STET-2026 के आवेदन शुरू होने हैं। पहले STET की परीक्षा होगी। फिर उसका रिजल्ट आएगा। इसके बाद पता चलेगा कि कौन अभ्यर्थी STET पास है और TRE-4 में आगे अप्लाई कर सकता है। 3- अब BPSC अकेले नहीं, BSEB पर भी निर्भर रहेगा TRE-4 की इस भर्ती में BPSC के साथ BSEB भी जुड़ गया है। STET कराने और उसका रिजल्ट देने की जिम्मेदारी BSEB की है। TRE-4 की भर्ती BPSC करेगा। टीचर्स का ट्रांसफर पूरा नहीं हुआ तो खाली पदों की गिनती कैसे होगी? TRE-4 की वैकेंसी में देरी के लिए शिक्षकों का ट्रांसफर भी बड़ी वजह बन सकता है। सरकार अभी ऐसे शिक्षकों को दूसरे स्कूलों में भेज रही है, जहां उनकी ज्यादा जरूरत है। 4- नई सीटें जुड़ेंगी, लेकिन इससे वैकेंसी में और समय लग सकता है TRE-4 की शुरुआती अधियाचना में कुछ विषयों की सीटें छूटने की बात सामने आई है। इनमें मैथिली, संगीत, अरबी, फारसी और उर्दू जैसे विषय शामिल हैं। सरकार चाहती है कि अगर इन विषयों में पद खाली हैं तो उन्हें भी इसी भर्ती में जोड़ा जाए।  

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