Strait of Hormuz: पश्चिम एशिया में युद्ध का दायरा थमने के बजाय नए मोर्चों पर तनाव बढ़ा रहा है। ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत की कोशिशों के बावजूद रणनीतिक हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर गतिरोध कायम है। इसी बीच दक्षिणी लेबनान में इजरायली हमलों में 11 लोगों की मौत ने जून में हुए संघर्षविराम की कमजोर नींव को फिर हिला दिया है। तेहरान आर्थिक संकट के लिए अमेरिकी नाकाबंदी को जिम्मेदार ठहरा रहा है, जबकि वॉशिंगटन दबाव बढ़ाने के संकेत दे रहा है।
Iran US War: हॉर्मुज पर बातचीत, लेकिन भरोसा कायम नहीं
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के मुताबिक, तेहरान ओमान की मध्यस्थता से हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही को लेकर बातचीत जारी रखे हुए है। हालांकि ईरान साफ कर चुका है कि जलमार्ग खोलने का फैसला अमेरिका की ओर से जून में हुए समझौते के पालन पर निर्भर करेगा। दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हॉर्मुज को अमेरिकी क्षेत्र घोषित करने की बात कही है। ईरान ने इस बयान को अवास्तविक बताते हुए अमेरिका से अपनी रणनीतिक हार स्वीकार करने की मांग की है।
हॉर्मुज का महत्व इसलिए भी बेहद बड़ा है क्योंकि युद्ध से पहले दुनिया के करीब पांचवें हिस्से का तेल निर्यात इसी समुद्री मार्ग से गुजरता था। लंबे समय से यातायात बाधित होने के कारण कच्चे तेल की कीमतों और ईंधन बाजार पर दबाव बढ़ा है।
महंगाई से जूझ रहा ईरान
ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने देश में बढ़ती महंगाई और आर्थिक मुश्किलों के लिए अमेरिकी बंदरगाह नाकाबंदी, घटते तेल राजस्व और औद्योगिक प्रतिष्ठानों को हुए नुकसान को जिम्मेदार बताया है। उनका कहना है कि पहले सामान समुद्री रास्ते से आसानी से आता था, लेकिन अब लंबा वैकल्पिक रास्ता अपनाना पड़ रहा है, जिससे लागत बढ़ गई है। तेल बिक्री घटने से सरकारी आय और टैक्स संग्रह पर भी असर पड़ा है।
लेबनान में फिर गूंजे धमाके
इसी बीच दक्षिणी लेबनान में इजरायली हमलों में कम से कम 11 लोगों की मौत हुई। इनमें बच्चे और महिलाएं भी शामिल बताए गए हैं। इजरायल का कहना है कि हमलों में हिज्बुल्लाह के ठिकानों और एक कमांडर को निशाना बनाया गया। यह घटनाक्रम जून के अमेरिका-मध्यस्थता वाले संघर्षविराम के लिए गंभीर चुनौती है।
इस बीच लेबनान में ड्रोन हमले में तीन इजरायली सैनिकों के घायल होने की भी खबर है। गाजा में भी इजरायली कार्रवाई जारी है। उधर, ईरान और कतर के बीच तीन ईरानी पायलटों को लेकर आरोप-प्रत्यारोप ने तनाव की एक नई परत जोड़ दी है। ऐसे में हॉर्मुज पर होने वाली अगली बातचीत पूरे क्षेत्र की दिशा तय करने में अहम साबित हो सकती है।



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