सीतामढ़ी जिले के डुमरा परेड मैदान में शनिवार को स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह का आयोजन किया गया। इस दौरान बिहार सरकार की खेल एवं उद्योग विभाग की मंत्री सह सीतामढ़ी की प्रभारी मंत्री श्रेयसी सिंह के संबोधन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में मंत्री द्वारा महापुरुषों के नाम और संबोधन में हुई दो शब्दों की चूक चर्चा का विषय बनी हुई है। ध्वजारोहण के बाद मंत्री श्रेयसी सिंह ने समारोह को संबोधित करते हुए स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान देने वाले महापुरुषों का उल्लेख किया। संबोधन के दौरान उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को ‘राष्ट्रपति’ और लोकनायक जयप्रकाश नारायण को ‘लोकनायक जनप्रकाश’ कहकर संबोधित किया। उच्चारण में हुई चूक कैमरे में रिकॉर्ड हो गई
मंच से दिए गए इस संबोधन में हुई चूक को वहां मौजूद लोगों ने भी सुना। कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इस पर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। हालांकि, माना जा रहा है कि मंत्री का आशय महात्मा गांधी को राष्ट्रपिता और जयप्रकाश नारायण को लोकनायक के रूप में ही संबोधित करने का था, लेकिन उच्चारण में हुई चूक कैमरे में रिकॉर्ड हो गई। स्वतंत्रता दिवस के इस मुख्य समारोह में जिले के प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि, पुलिस पदाधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में आम लोग उपस्थित थे। मंत्री ने अपने संबोधन में स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को याद किया और देश तथा समाज के विकास में सभी से अपनी जिम्मेदारी निभाने की अपील की। सीतामढ़ी जिले के डुमरा परेड मैदान में शनिवार को स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह का आयोजन किया गया। इस दौरान बिहार सरकार की खेल एवं उद्योग विभाग की मंत्री सह सीतामढ़ी की प्रभारी मंत्री श्रेयसी सिंह के संबोधन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में मंत्री द्वारा महापुरुषों के नाम और संबोधन में हुई दो शब्दों की चूक चर्चा का विषय बनी हुई है। ध्वजारोहण के बाद मंत्री श्रेयसी सिंह ने समारोह को संबोधित करते हुए स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान देने वाले महापुरुषों का उल्लेख किया। संबोधन के दौरान उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को ‘राष्ट्रपति’ और लोकनायक जयप्रकाश नारायण को ‘लोकनायक जनप्रकाश’ कहकर संबोधित किया। उच्चारण में हुई चूक कैमरे में रिकॉर्ड हो गई
मंच से दिए गए इस संबोधन में हुई चूक को वहां मौजूद लोगों ने भी सुना। कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इस पर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। हालांकि, माना जा रहा है कि मंत्री का आशय महात्मा गांधी को राष्ट्रपिता और जयप्रकाश नारायण को लोकनायक के रूप में ही संबोधित करने का था, लेकिन उच्चारण में हुई चूक कैमरे में रिकॉर्ड हो गई। स्वतंत्रता दिवस के इस मुख्य समारोह में जिले के प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि, पुलिस पदाधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में आम लोग उपस्थित थे। मंत्री ने अपने संबोधन में स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को याद किया और देश तथा समाज के विकास में सभी से अपनी जिम्मेदारी निभाने की अपील की।


