IPS Nupur Prasad: अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत की जांच को लेकर देशभर में लंबे समय तक चर्चा रही थी। इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच से जुड़ी रहीं आईपीएस अधिकारी नूपुर प्रसाद को अब उनकी सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया है। 2007 बैच की AGMUT कैडर की अधिकारी नूपुर प्रसाद को इस साल उत्कृष्ट सेवा पदक के लिए चुना गया है। पुलिस सेवा में उनके काम और कई चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारियों को देखते हुए यह सम्मान उनके करियर की एक अहम उपलब्धि माना जा रहा है।
सुशांत केस की जांच से मिली देशभर में पहचान
नूपुर प्रसाद उस वक्त राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आई थीं, जब वह केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI में तैनात थीं और सुशांत सिंह राजपूत की मौत से जुड़े मामले की जांच की जिम्मेदारी संभाल रही थीं। सुशांत का निधन 14 जून 2020 को मुंबई स्थित उनके आवास पर हुआ था। इसके बाद मामले को लेकर देशभर में कई तरह के सवाल उठे और जांच की मांग तेज हुई।
अगस्त 2020 में यह मामला CBI को सौंपा गया। जांच के दौरान अधिकारियों ने कई लोगों से पूछताछ की, मेडिकल रिकॉर्ड और फोरेंसिक पहलुओं की पड़ताल की और मामले से जुड़े अलग-अलग तथ्यों को खंगाला। नूपुर प्रसाद ने इस जांच की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों को संभाला।
बाद में 2025 में CBI ने मामले में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की थी। जांच एजेंसी ने अपनी पड़ताल में हत्या, आत्महत्या के लिए उकसाने या आपराधिक साजिश का सबूत नहीं मिलने की बात कही थी।
दिल्ली पुलिस में भी संभाली कई बड़ी जिम्मेदारियां
नूपुर प्रसाद का पुलिस करियर केवल CBI की हाई-प्रोफाइल जांच तक सीमित नहीं रहा है। वह दिल्ली पुलिस में भी कई महत्वपूर्ण पदों पर काम कर चुकी हैं। वह शाहदरा जिले की पहली DCP भी रहीं। नए जिले के तौर पर शाहदरा में पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने की जिम्मेदारी भी उनके कार्यकाल का हिस्सा रही।
इस दौरान उन्होंने नशीले पदार्थों के नेटवर्क और अवैध जुए जैसी गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ अपराध रोकने पर भी जोर दिया। इसके बाद उन्होंने उत्तर दिल्ली की DCP के तौर पर भी जिम्मेदारी संभाली। इस पद पर रहते हुए स्वतंत्रता दिवस जैसे बड़े आयोजनों और दिल्ली विश्वविद्यालय चुनावों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी की।
कई राज्यों और एजेंसियों में किया काम
नूपुर प्रसाद ने अपने करियर के दौरान दिल्ली पुलिस के अलावा CBI, अरुणाचल प्रदेश और पश्चिम बंगाल में भी सेवाएं दी हैं। जटिल मामलों की जांच और प्रशासनिक जिम्मेदारियों को संभालने के कारण पुलिस महकमे में उनकी अलग पहचान बनी।
उनका काम केवल अपराध जांच तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने महिलाओं की सेल्फ डिफेंस, युवाओं से जुड़े कार्यक्रम, साइबर सुरक्षा और नशामुक्ति जैसे सामाजिक अभियानों में भी भूमिका निभाई।
अब दिल्ली पुलिस की EOW में जिम्मेदारी
CBI में अपनी प्रतिनियुक्ति पूरी करने के बाद नूपुर प्रसाद दिल्ली पुलिस में वापस लौट चुकी हैं। फिलहाल वह इकोनॉमिक ऑफेंसेज विंग (EOW) में ज्वाइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस के पद पर कार्यरत हैं। यहां वह आर्थिक और वित्तीय अपराधों से जुड़ी जांच की निगरानी करती हैं।
पुलिस सेवा में उल्लेखनीय योगदान के लिए मिलने वाला यह पदक नूपुर प्रसाद के करियर में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है। सुशांत सिंह राजपूत केस से देशभर में पहचानी गईं नूपुर प्रसाद ने अब अपनी लंबी पुलिस सेवा के लिए एक प्रतिष्ठित सम्मान भी हासिल किया है।


