गोपालगंज में स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर शुक्रवार को शहर के अंबेडकर भवन में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें बिहार सरकार के मंत्री विजय कुमार सिन्हा, गोपालगंज के जिलाधिकारी समीर सौरभ और जिले के कई प्रशासनिक अधिकारी व गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रभक्ति के माहौल में हुआ। विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति गीत, नृत्य और नाटक प्रस्तुत किए। इन प्रस्तुतियों ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। नन्हे कलाकारों ने अपनी कला के माध्यम से भारत की एकता, अखंडता और स्वतंत्रता संग्राम के वीरों के बलिदान का संदेश दिया। प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित हुए स्टूडेंट्स छात्र-छात्राओं की इन प्रस्तुतियों ने दर्शकों को अंत तक बांधे रखा। अंबेडकर भवन का सभागार तालियों और “भारत माता की जय” के नारों से गूंजता रहा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री विजय कुमार सिन्हा और जिलाधिकारी समीर सौरभ ने बच्चों के हुनर की प्रशंसा की। उन्होंने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। अधिकारियों ने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक और रचनात्मक आयोजन बच्चों में देशप्रेम, अनुशासन, राष्ट्रीय स्वाभिमान और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करते हैं। कार्यक्रम के समापन पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। गोपालगंज में स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर शुक्रवार को शहर के अंबेडकर भवन में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें बिहार सरकार के मंत्री विजय कुमार सिन्हा, गोपालगंज के जिलाधिकारी समीर सौरभ और जिले के कई प्रशासनिक अधिकारी व गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रभक्ति के माहौल में हुआ। विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति गीत, नृत्य और नाटक प्रस्तुत किए। इन प्रस्तुतियों ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। नन्हे कलाकारों ने अपनी कला के माध्यम से भारत की एकता, अखंडता और स्वतंत्रता संग्राम के वीरों के बलिदान का संदेश दिया। प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित हुए स्टूडेंट्स छात्र-छात्राओं की इन प्रस्तुतियों ने दर्शकों को अंत तक बांधे रखा। अंबेडकर भवन का सभागार तालियों और “भारत माता की जय” के नारों से गूंजता रहा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री विजय कुमार सिन्हा और जिलाधिकारी समीर सौरभ ने बच्चों के हुनर की प्रशंसा की। उन्होंने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। अधिकारियों ने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक और रचनात्मक आयोजन बच्चों में देशप्रेम, अनुशासन, राष्ट्रीय स्वाभिमान और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करते हैं। कार्यक्रम के समापन पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।


