BCCI में पहली बार बनेगा डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट का पद:VVS लक्ष्मण को मिल सकती है जिम्मेदारी, गंभीर-अगरकर 2027 वर्ल्डकप तक बने रहेंगे

BCCI में पहली बार बनेगा डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट का पद:VVS लक्ष्मण को मिल सकती है जिम्मेदारी, गंभीर-अगरकर 2027 वर्ल्डकप तक बने रहेंगे

BCCI भारतीय क्रिकेट के पूरे सिस्टम को एक साथ जोड़ने की तैयारी में है। बोर्ड पहली बार डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट का पद बनाने जा रहा है। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) के प्रमुख VVS लक्ष्मण को यह जिम्मेदारी मिल सकती है। इसके लिए उनका कॉन्ट्रैक्ट 2 साल बढ़ाने की तैयारी है। नई भूमिका में लक्ष्मण जूनियर क्रिकेट से लेकर सीनियर टीम तक के बीच तालमेल देखेंगे। खिलाड़ियों के रिहैब, कोचिंग और सपोर्ट स्टाफ की नियुक्ति के साथ मेन्स और विमेंस क्रिकेट की निगरानी भी करेंगे। एक पद से जुड़ेगा पूरा क्रिकेट सिस्टम BCCI में अभी सीनियर टीम, चयन समिति, CoE और एज-ग्रुप क्रिकेट अलग-अलग स्तर पर काम करते हैं। डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट का पद इन सभी के बीच तालमेल बनाने के लिए होगा। लक्ष्मण की जिम्मेदारी टैलेंट की पहचान से लेकर उसे सीनियर टीम तक तैयार करने की प्रक्रिया देखने की होगी। वे अलग-अलग स्तर के कोच और सपोर्ट स्टाफ के काम में भी तालमेल बनाएंगे। गंभीर-अगरकर की भूमिका वही रहेगी नई व्यवस्था में गौतम गंभीर हेड कोच और अजीत अगरकर मुख्य चयनकर्ता बने रहेंगे। दोनों की मौजूदा जिम्मेदारियों में बदलाव नहीं होगा। 2027 वर्ल्ड कप तक इसमें कोई बदलाव नहीं होगा। अगरकर का मौजूदा कार्यकाल सितंबर में खत्म होना है। गंभीर के टेस्ट भविष्य को लेकर भी चर्चा रही गौतम गंभीर के कोचिंग भविष्य को लेकर भी हाल के महीनों में चर्चा हुई है। खासकर टेस्ट क्रिकेट में टीम इंडिया के प्रदर्शन और वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) में स्थिति को लेकर सवाल उठे हैं। श्रीलंका के खिलाफ होने वाली 2 टेस्ट मैचों की सीरीज को गंभीर के रेड-बॉल क्रिकेट के भविष्य के लिहाज से अहम माना जा रहा है। स्टाफ नियुक्त करने की जिम्मेदारी भी लक्ष्मण के पास होगी लक्ष्मण अब तक CoE में जूनियर भारतीय टीमों, खिलाड़ियों के रिहैब और टैलेंट डेवलपमेंट से जुड़े काम देखते रहे हैं। नई भूमिका में उनके पास कोचिंग और सपोर्ट स्टाफ की नियुक्तियों की जिम्मेदारी भी होगी। डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट का मॉडल, दुनिया में कैसे काम करता है? इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसे क्रिकेट देशों में डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट की भूमिका रणनीतिक होती है। यह पद टीम की की योजना, प्लेयर्स डेवलपमेंटया की निगरानी करता है। CoE क्या है और इसमें क्या होता है? बेंगलुरु का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) BCCI का हाई-परफॉर्मेंस सेंटर है। यहां खिलाड़ियों की कोचिंग, फिटनेस, स्पोर्ट्स साइंस, चोट और रिहैब पर काम होता है। NCA से कैसे अलग है CoE? CoE को पुरानी नेशनल क्रिकेट एकेडमी (NCA) का आधुनिक रूप बताया गया है। यह करीब 40 एकड़ में फैला परिसर है। इसमें तीन अंतरराष्ट्रीय स्तर के मैदान, इनडोर ट्रेनिंग सेंटर और 45 पिचों वाला आउटडोर नेट एरिया है। यानी ट्रेनिंग, फिटनेस और रिहैब की सुविधाएं एक ही जगह मिलती हैं। ————————————– स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… भारत कल से 600वां टेस्ट खेलेगा:जीता तो वेस्टइंडीज की बराबरी करेगा; श्रीलंका में स्पिन खेलना चुनौती भारत 15 अगस्त से अपना 600वां टेस्ट मैच खेलेगा। यह मैच श्रीलंका के खिलाफ गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में सुबह 10 बजे से खेला जाएगा। अगर इंडिया इस मुकाबले को जीत लेता है, तो सबसे ज्यादा टेस्ट मैच जीतने के मामले में वेस्टइंडीज की बराबरी कर लेगा। पूरी खबर

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