एनडीआरएफ के DIG मोहसिन शहीदी ने शुक्रवार को बताया कि चमोली टनल हादसे में 12 लोगों को बचाया गया है, सात शव बरामद किए गए हैं, जबकि तीन लोग अभी भी लापता हैं। THDC टनल के अंदर फंसे बाकी तीन लोगों को बाहर निकालने के लिए बचाव अभियान चल रहा है। NDRF, SDRF, राज्य पुलिस, CISF, ITBP और ज़िला प्रशासन की टीमें मौके पर मौजूद हैं। हालांकि, लगातार हो रही बारिश की वजह से बचाव अभियान में मुश्किल आ रही है और टनल के अंदर पानी का स्तर भी बढ़ रहा है। ANI से बात करते हुए DIG मोहसिन शहीदी ने कहा कि यह हादसा कल शाम हुआ था, जिसके बाद NDRF समेत कई एजेंसियों ने तुरंत बचाव अभियान शुरू किया। इसमें शामिल 22 लोगों में से 12 को बचा लिया गया है और सात शव बरामद किए गए हैं, जबकि तीन लोग अभी भी लापता हैं।
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उन्होंने कहा कि 2.5 किलोमीटर लंबी सुरंग के अंदर 5-6 फीट पानी भरा होने, लगातार पानी आने, ऑक्सीजन का लेवल कम होने और भूस्खलन के खतरे के कारण बचाव कार्य में रुकावट आ रही है। एनडीआरएफ के अधिकारी ने कहा कि सुरक्षा सावधानियों के साथ ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं और कोशिशें जारी हैं। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चमोली में सुरंग हादसे की मजिस्ट्रेट से जांच के आदेश दिए हैं और हादसे में मारे गए मजदूरों के परिवारों को 4-4 लाख रुपये का मुआवजा देने का ऐलान किया है।
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हादसे के बारे में बात करते हुए धामी ने कहा कि बचाव कार्य जारी है और सुरंग के अंदर फंसे 22 लोगों में से 19 लोगों को बचा लिया गया है। घायल मजदूरों का इलाज चल रहा है, जबकि जो लोग अभी भी फंसे हुए हैं, उन्हें बचाने की कोशिशें जारी हैं। बचाव कार्य में नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF), स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (SDRF), डिस्ट्रिक्ट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (DDRF) और इंडो-तिब्बत बॉर्डर पुलिस (ITBP) मिलकर काम कर रहे हैं।


