अररिया कॉलेज में स्वतंत्रता दिवस पूर्व सांस्कृतिक कार्यक्रम:छात्र-छात्राओं ने दी देशभक्ति और सामाजिक जागरूकता की प्रस्तुति

अररिया कॉलेज में स्वतंत्रता दिवस पूर्व सांस्कृतिक कार्यक्रम:छात्र-छात्राओं ने दी देशभक्ति और सामाजिक जागरूकता की प्रस्तुति

अररिया में स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले, 14 अगस्त को अररिया महाविद्यालय में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता की भावना को बढ़ावा देना था। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्रधानाचार्य प्रो. (डॉ.) रामदयाल पासवान और अन्य प्राध्यापकों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इसके बाद महाविद्यालय परिसर देशभक्ति और सांस्कृतिक रंगों से सराबोर हो उठा। छात्राओं ने लोकगीत की प्रस्तुति से कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके बाद छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति से ओत-प्रोत विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। गीत, संगीत और अन्य प्रस्तुतियों के माध्यम से विद्यार्थियों ने देशप्रेम, राष्ट्रीय एकता और स्वतंत्रता के महत्व को प्रभावी ढंग से अभिव्यक्त किया। सामाजिक सरोकार से जुड़े विभिन्न मुद्दों को भी नाट्य प्रस्तुतियों के जरिए प्रभावशाली तरीके से सामने रखा गया। इन प्रस्तुतियों में सामाजिक जागरूकता के साथ-साथ जिम्मेदार नागरिक बनने का संदेश भी दिया गया। कार्यक्रम के दौरान पूरा परिसर राष्ट्रभक्ति के भाव से सराबोर रहा, और विद्यार्थियों तथा दर्शकों में उत्साह देखा गया। इस अवसर पर प्रधानाचार्य प्रो. (डॉ.) रामदयाल पासवान ने छात्र-छात्राओं, प्राध्यापकों, कर्मियों और अतिथियों को स्वतंत्रता दिवस की अग्रिम शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि स्वतंत्रता केवल अधिकारों का प्रतीक नहीं, बल्कि देश के प्रति जिम्मेदारियों का भी बोध कराती है। उन्होंने विद्यार्थियों से देश की एकता, अखंडता और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति सदैव प्रतिबद्ध रहने का आह्वान किया। कार्यक्रम में प्रो. डॉ. अब्दुस सलाम, डॉ. भीष्म कुमार सिंह, डॉ. राजेश मोहन, डॉ. बृजकिशोर राम, डॉ. प्रभात कुमार सिंह, डॉ. फ़ैयाज़ आलम, डॉ. अंजलि, डॉ. विभा, डॉ. किम्मी, डॉ. लालकृष्ण एवं डॉ. राहुल सहित अन्य शिक्षक एवं कर्मी उपस्थित रहे। अररिया में स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले, 14 अगस्त को अररिया महाविद्यालय में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता की भावना को बढ़ावा देना था। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्रधानाचार्य प्रो. (डॉ.) रामदयाल पासवान और अन्य प्राध्यापकों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इसके बाद महाविद्यालय परिसर देशभक्ति और सांस्कृतिक रंगों से सराबोर हो उठा। छात्राओं ने लोकगीत की प्रस्तुति से कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके बाद छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति से ओत-प्रोत विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। गीत, संगीत और अन्य प्रस्तुतियों के माध्यम से विद्यार्थियों ने देशप्रेम, राष्ट्रीय एकता और स्वतंत्रता के महत्व को प्रभावी ढंग से अभिव्यक्त किया। सामाजिक सरोकार से जुड़े विभिन्न मुद्दों को भी नाट्य प्रस्तुतियों के जरिए प्रभावशाली तरीके से सामने रखा गया। इन प्रस्तुतियों में सामाजिक जागरूकता के साथ-साथ जिम्मेदार नागरिक बनने का संदेश भी दिया गया। कार्यक्रम के दौरान पूरा परिसर राष्ट्रभक्ति के भाव से सराबोर रहा, और विद्यार्थियों तथा दर्शकों में उत्साह देखा गया। इस अवसर पर प्रधानाचार्य प्रो. (डॉ.) रामदयाल पासवान ने छात्र-छात्राओं, प्राध्यापकों, कर्मियों और अतिथियों को स्वतंत्रता दिवस की अग्रिम शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि स्वतंत्रता केवल अधिकारों का प्रतीक नहीं, बल्कि देश के प्रति जिम्मेदारियों का भी बोध कराती है। उन्होंने विद्यार्थियों से देश की एकता, अखंडता और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति सदैव प्रतिबद्ध रहने का आह्वान किया। कार्यक्रम में प्रो. डॉ. अब्दुस सलाम, डॉ. भीष्म कुमार सिंह, डॉ. राजेश मोहन, डॉ. बृजकिशोर राम, डॉ. प्रभात कुमार सिंह, डॉ. फ़ैयाज़ आलम, डॉ. अंजलि, डॉ. विभा, डॉ. किम्मी, डॉ. लालकृष्ण एवं डॉ. राहुल सहित अन्य शिक्षक एवं कर्मी उपस्थित रहे।  

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