किशनगंज पुलिस ने एक इंटरडिस्ट्रिक्ट शटर कटिंग चोर गैंग का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) जिले से गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई किशनगंज सदर थाना क्षेत्र के गांधी चौक स्थित जीवन ज्योति दवा दुकान में हुई चोरी के मामले में की गई है। यह मामला 8 अगस्त 2026 का है, जब गांधी चौक निवासी कमल कुमार विहानी ने किशनगंज थाना में शिकायत दर्ज कराई थी। तकनीकी और वैज्ञानिक जांच के आधार पर कार्रवाई उन्होंने बताया था कि अज्ञात चोरों ने उनकी जीवन ज्योति दवा दुकान का शटर उठाकर अंदर प्रवेश किया और कैश काउंटर का ताला तोड़कर लगभग 50 हजार रुपये चुरा लिए थे। इस संबंध में किशनगंज थाना में कांड संख्या 882/26 दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार के निर्देश पर अंचल पुलिस निरीक्षक के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी मनोज कुमार के निर्देशन में जिला आसूचना इकाई और किशनगंज थाना की संयुक्त टीम ने तकनीकी एवं वैज्ञानिक जांच के आधार पर कार्रवाई की। जांच के बाद मोतिहारी जिले के जितना थाना क्षेत्र निवासी भोला सहनी (28), नीरज कुमार (25) और दरपा थाना क्षेत्र निवासी सन्नी कुमार (19) को गिरफ्तार किया गया। दुकानों और शोरूम की करता था रेकी एसडीपीओ मनोज कुमार सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के पास से चोरी की गई राशि में से 6,800 रुपये, घटना में इस्तेमाल की गई एक चादर और तीन मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि उनका गिरोह पहले दूर-दराज के इलाकों में दुकानों और शोरूम की रेकी करता था। रात में गिरोह के सदस्य दुकान के सामने चादर लगाकर खड़े हो जाते थे ताकि उनकी गतिविधियां बाहर से दिखाई न दें। अन्य सदस्यों को भी जल्द गिरफ्तार करने का दावा इसके बाद वे शटर उठाकर या काटकर दुकान में प्रवेश कर चोरी की वारदात को अंजाम देते थे। पुलिस के अनुसार, इस गिरोह में मोतिहारी, सीतामढ़ी और नेपाल के अपराधी भी शामिल हैं। गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर गिरोह के अन्य पांच सदस्यों की गिरफ्तारी और चोरी की शेष राशि की बरामदगी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। साथ ही, गिरफ्तार अपराधियों के आपराधिक इतिहास की भी जांच की जा रही है। पुलिस ने बताया कि जिला आसूचना इकाई की तकनीकी और वैज्ञानिक जांच के कारण इस संगठित चोरी गिरोह का पर्दाफाश संभव हो सका। पुलिस का दावा है कि जल्द ही गिरोह के अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। किशनगंज पुलिस ने एक इंटरडिस्ट्रिक्ट शटर कटिंग चोर गैंग का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) जिले से गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई किशनगंज सदर थाना क्षेत्र के गांधी चौक स्थित जीवन ज्योति दवा दुकान में हुई चोरी के मामले में की गई है। यह मामला 8 अगस्त 2026 का है, जब गांधी चौक निवासी कमल कुमार विहानी ने किशनगंज थाना में शिकायत दर्ज कराई थी। तकनीकी और वैज्ञानिक जांच के आधार पर कार्रवाई उन्होंने बताया था कि अज्ञात चोरों ने उनकी जीवन ज्योति दवा दुकान का शटर उठाकर अंदर प्रवेश किया और कैश काउंटर का ताला तोड़कर लगभग 50 हजार रुपये चुरा लिए थे। इस संबंध में किशनगंज थाना में कांड संख्या 882/26 दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार के निर्देश पर अंचल पुलिस निरीक्षक के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी मनोज कुमार के निर्देशन में जिला आसूचना इकाई और किशनगंज थाना की संयुक्त टीम ने तकनीकी एवं वैज्ञानिक जांच के आधार पर कार्रवाई की। जांच के बाद मोतिहारी जिले के जितना थाना क्षेत्र निवासी भोला सहनी (28), नीरज कुमार (25) और दरपा थाना क्षेत्र निवासी सन्नी कुमार (19) को गिरफ्तार किया गया। दुकानों और शोरूम की करता था रेकी एसडीपीओ मनोज कुमार सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के पास से चोरी की गई राशि में से 6,800 रुपये, घटना में इस्तेमाल की गई एक चादर और तीन मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि उनका गिरोह पहले दूर-दराज के इलाकों में दुकानों और शोरूम की रेकी करता था। रात में गिरोह के सदस्य दुकान के सामने चादर लगाकर खड़े हो जाते थे ताकि उनकी गतिविधियां बाहर से दिखाई न दें। अन्य सदस्यों को भी जल्द गिरफ्तार करने का दावा इसके बाद वे शटर उठाकर या काटकर दुकान में प्रवेश कर चोरी की वारदात को अंजाम देते थे। पुलिस के अनुसार, इस गिरोह में मोतिहारी, सीतामढ़ी और नेपाल के अपराधी भी शामिल हैं। गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर गिरोह के अन्य पांच सदस्यों की गिरफ्तारी और चोरी की शेष राशि की बरामदगी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। साथ ही, गिरफ्तार अपराधियों के आपराधिक इतिहास की भी जांच की जा रही है। पुलिस ने बताया कि जिला आसूचना इकाई की तकनीकी और वैज्ञानिक जांच के कारण इस संगठित चोरी गिरोह का पर्दाफाश संभव हो सका। पुलिस का दावा है कि जल्द ही गिरोह के अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।


