हापुड़ में एसएसवी डिग्री कॉलेज में शुक्रवार को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाया गया। इस अवसर पर 14 अगस्त 1947 को देश के विभाजन के दौरान विस्थापन और हिंसा का दंश झेलने वाले परिवारों की पीड़ा को याद किया गया। कार्यक्रम में स्वतंत्रता सेनानियों और विभाजन पीड़ित परिवारों के परिजनों को शाल तथा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ जिला पंचायत अध्यक्ष रेखा नागर और भाजपा जिलाध्यक्ष कविता माधरे ने विभाजन की विभीषिका से विस्थापित परिवारों की स्मृति में मोमबत्ती जलाकर किया। मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश विधान परिषद सदस्य श्रीचंद शर्मा ने सम्मानित परिवारों को शाल और प्रशस्ति पत्र प्रदान किए। इस दौरान 14 अगस्त 1947 को हुए देश के विभाजन से जुड़ी घटनाओं पर आधारित एक लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई। फिल्म के माध्यम से विभाजन के दौरान हुए विस्थापन, हिंसा और नरसंहार की भयावहता को दर्शाया गया। दीवान इंटर कॉलेज सहित विभिन्न स्कूलों की छात्राओं ने विभाजन विभीषिका पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम और कविताएं प्रस्तुत कीं। मुख्य अतिथि श्रीचंद शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि विभाजन के दौरान लाखों लोगों को अपना घर-बार छोड़कर विस्थापित होना पड़ा। असंख्य लोगों ने अपनी जान गंवाई और परिवार बिछड़ गए। उन्होंने बताया कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस का उद्देश्य उस त्रासदी को याद करना और आने वाली पीढ़ियों को उसके बारे में जागरूक करना है, ताकि समाज में आपसी भाईचारा और एकता मजबूत हो। जिलाधिकारी कविता मीना ने कहा कि विभाजन देश के इतिहास की ऐसी त्रासदी है, जिसकी पीड़ा को भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने नई पीढ़ी को इतिहास की इन घटनाओं से परिचित कराने की आवश्यकता पर जोर दिया। मीना ने कहा कि यह दिवस उन परिवारों के संघर्ष और पीड़ा को याद करने का अवसर है, जिन्होंने विषम परिस्थितियों का सामना किया। कार्यक्रम के अंत में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के जनपद स्तरीय नोडल अधिकारी एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष रेखा नागर, भाजपा जिलाध्यक्ष कविता माधरे, जिलाधिकारी कविता मीना, पुलिस अधीक्षक कुंवर ज्ञानंजय सिंह, मुख्य विकास अधिकारी श्रुति शर्मा समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।


