मुरादाबाद में थाने को आवंटित की गई जमीन पर नगर निगम कॉमर्शियल कांप्लेक्स और 4 स्टार होटल बनवाने की प्लानिंग कर रहा है। प्रोजेक्ट पीपीपी मोड का है। जिसके लिए सालभर पहले एक बिल्डर की कंपनी से डील भी फाइनल हो चुकी थी। लेकिन इसी बीच तत्कालीन डीएम ने यह जमीन थाने की बैरक आदि बनवाने के लिए पुलिस विभाग को दे दी थी। जिसके चलते यह मामला लटक गया था।
अब फिर से कॉमर्शियल कांप्लेक्स और होटल के प्रोजेक्ट को अमलीजामा पहनाने की तैयारियां हैं। इसके लिए पुलिस विभाग से जमीन वापस लेने की कवायद शुरू हो चुकी है। एक प्रशासनिक अधिकारी का कहना है कि करीब 10 दिन पहले इस मामले में एक मीटिंग हुई थी। जिसमें सहमति बनाने की कोशिश की गई। लेकिन रेवेन्यू की एक अधिकारी के अड़ जाने की वजह से मामला लटक गया। एक प्रशासनिक अधिकारी ने बताया कि पूर्व में डीएम की ओर से लिखित में यह जमीन पुलिस विभाग को दी गई थी। फर्द में भी पुलिस विभाग का नाम दर्ज हो चुका है। अधिकारी का कहना है कि ऐसे में पूर्व डीएम के आदेशों को पलटना तकनीकि रूप से ठीक नहीं होगा। ऐसा करने से पब्लिक में भी गलत संदेश जाएगा कि पलिस से लेकर जमीन बिल्डर को दे दी गई। महिला अधिकारी के अड़ जाने की वजह से यह मीटिंग बेनतीजा खत्म हो गई। मीटिंग में नगर निगम, जिला प्रशासन और पुलिस के अधिकारी भी मौजूद थे।
तहसील के सूत्रों का कहना है कि नए सिरे से इस जमीन को पुलिस विभाग से लेने की कवायद शुरू हुई है। ताकि वहां कॉमर्शियल कांप्लेक्स और होटल बनाया जा सके। पूरा मामला कटघर थाने से सटी जमीन का है। इस सरकारी जमीन पर काफी समय से विवाद था। करीब एक साल पहले जिला प्रशासन ने इस जमीन को खाली कराकर पुलिस विभाग को दे दिया था।
पुलिस विभाग की ओर से इस जमीन पर पुलिस कर्मियों के लिए आवास और बैरक बनाने के लिए प्रस्ताव पुलिस हेडक्वार्टर को भेज दिए गए थे। लेकिन इससे पहले कि इस जमीन पर पुलिस आवास बनाने का काम शुरू हो, उसके पहले ही यहां बिल्डर की कंपनी द्वारा पीपीपी मोड पर कॉमर्शियल कांप्लेक्स और 4 स्टार होटल बनाने की कवायद शुरू हो चुकी है।


