मधेपुरा में भाकपा कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रव्यापी पदयात्रा के अंतिम दिन सदर प्रखंड के गढ़िया चौक से चंदनपुर तक मार्च निकाला। शुक्रवार को हुई इस पदयात्रा का उद्देश्य गरीबों और भूमिहीनों को वास, आवास, रोटी तथा रोजगार उपलब्ध कराने की मांग उठाना था। कार्यकर्ताओं ने इस दौरान कहा कि गरीबों और दलितों की अनदेखी स्वीकार्य नहीं होगी। पदयात्रा का नेतृत्व भाकपा के राष्ट्रीय परिषद सदस्य प्रमोद प्रभाकर, जिला मंत्री विद्याधर मुखिया और अंचल मंत्री व पूर्व मुखिया बालकिशोर यादव ने किया। मक्का अनुसंधान केंद्र स्थापित करने की अपील चंदनपुर में पदयात्रा के समापन पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए प्रमोद प्रभाकर ने कहा कि आजादी के 79 वर्ष बाद भी भूमिहीन गरीब बदहाल जीवन जी रहे हैं। उन्होंने बताया कि भूमिहीनों को पांच डिसमिल जमीन का वासगीत पर्चा देने की सरकारी घोषणा अभी तक लागू नहीं हो पाई है। प्रमोद प्रभाकर ने खाद की किल्लत और कालाबाजारी पर तुरंत रोक लगाने की मांग की। उन्होंने मधेपुरा में एक मक्का अनुसंधान केंद्र स्थापित करने की भी अपील की। प्रभाकर ने केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि ‘डबल इंजन’ की सरकार सभी क्षेत्रों में विफल रही है। आम जनता महंगाई, बेरोजगारी और गरीबी से जूझ रही – जिला मंत्री उन्होंने ‘बुलडोजर और एनकाउंटर’ की राजनीति को अस्वीकार्य बताते हुए व्यवस्था में बदलाव के लिए व्यापक संघर्ष का आह्वान किया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से 1 सितंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली भाकपा की ‘बदलाव रैली’ में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील भी की। जिला मंत्री विद्याधर मुखिया ने अपने संबोधन में कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों के कारण आम जनता महंगाई, बेरोजगारी और गरीबी से जूझ रही है। ”सात निश्चय कार्यक्रम की स्थिति संतोषजनक नहीं” उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के कई वादे केवल छलावा साबित हुए हैं। मुखिया ने व्यवस्था में परिवर्तन के लिए लोगों से एकजुट होकर संघर्ष करने का आग्रह किया। अंचल मंत्री बालकिशोर यादव ने कहा कि विकास योजनाओं में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हो रहा है और सरकार के ‘सात निश्चय’ कार्यक्रम की स्थिति संतोषजनक नहीं है। उन्होंने लोगों से अपने हक और अधिकारों के लिए संघर्ष करने का आह्वान किया। यादव ने जोर देकर कहा कि 1 सितंबर को दिल्ली में होने वाली रैली देश की राजनीतिक दिशा निर्धारित करेगी। मधेपुरा में भाकपा कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रव्यापी पदयात्रा के अंतिम दिन सदर प्रखंड के गढ़िया चौक से चंदनपुर तक मार्च निकाला। शुक्रवार को हुई इस पदयात्रा का उद्देश्य गरीबों और भूमिहीनों को वास, आवास, रोटी तथा रोजगार उपलब्ध कराने की मांग उठाना था। कार्यकर्ताओं ने इस दौरान कहा कि गरीबों और दलितों की अनदेखी स्वीकार्य नहीं होगी। पदयात्रा का नेतृत्व भाकपा के राष्ट्रीय परिषद सदस्य प्रमोद प्रभाकर, जिला मंत्री विद्याधर मुखिया और अंचल मंत्री व पूर्व मुखिया बालकिशोर यादव ने किया। मक्का अनुसंधान केंद्र स्थापित करने की अपील चंदनपुर में पदयात्रा के समापन पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए प्रमोद प्रभाकर ने कहा कि आजादी के 79 वर्ष बाद भी भूमिहीन गरीब बदहाल जीवन जी रहे हैं। उन्होंने बताया कि भूमिहीनों को पांच डिसमिल जमीन का वासगीत पर्चा देने की सरकारी घोषणा अभी तक लागू नहीं हो पाई है। प्रमोद प्रभाकर ने खाद की किल्लत और कालाबाजारी पर तुरंत रोक लगाने की मांग की। उन्होंने मधेपुरा में एक मक्का अनुसंधान केंद्र स्थापित करने की भी अपील की। प्रभाकर ने केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि ‘डबल इंजन’ की सरकार सभी क्षेत्रों में विफल रही है। आम जनता महंगाई, बेरोजगारी और गरीबी से जूझ रही – जिला मंत्री उन्होंने ‘बुलडोजर और एनकाउंटर’ की राजनीति को अस्वीकार्य बताते हुए व्यवस्था में बदलाव के लिए व्यापक संघर्ष का आह्वान किया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से 1 सितंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली भाकपा की ‘बदलाव रैली’ में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील भी की। जिला मंत्री विद्याधर मुखिया ने अपने संबोधन में कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों के कारण आम जनता महंगाई, बेरोजगारी और गरीबी से जूझ रही है। ”सात निश्चय कार्यक्रम की स्थिति संतोषजनक नहीं” उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के कई वादे केवल छलावा साबित हुए हैं। मुखिया ने व्यवस्था में परिवर्तन के लिए लोगों से एकजुट होकर संघर्ष करने का आग्रह किया। अंचल मंत्री बालकिशोर यादव ने कहा कि विकास योजनाओं में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हो रहा है और सरकार के ‘सात निश्चय’ कार्यक्रम की स्थिति संतोषजनक नहीं है। उन्होंने लोगों से अपने हक और अधिकारों के लिए संघर्ष करने का आह्वान किया। यादव ने जोर देकर कहा कि 1 सितंबर को दिल्ली में होने वाली रैली देश की राजनीतिक दिशा निर्धारित करेगी।


