आगर-मालवा जिले में सोमवार के बाद एक बार फिर बारिश का दौर शुरू हो गया। शुक्रवार सुबह रिमझिम बारिश के बाद दोपहर में अचानक तेज बारिश हुई। इससे शहर के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति बन गई। वहीं, बारिश से किसानों को खरीफ फसलों के लिए राहत मिली है। शुक्रवार को बड़ौद चौराहा, छावनी नाका और उज्जैन मार्ग सहित शहर के प्रमुख स्थानों पर पानी जमा हो गया। सड़कों पर जलभराव के कारण वाहन चालकों और राहगीरों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। खरीफ फसलों के लिए बारिश लाभदायक बारिश से किसानों में उत्साह है। खेतों में खड़ी सोयाबीन और अन्य खरीफ फसलों के लिए इसे लाभदायक माना जा रहा है। किसानों को इस बार अच्छी पैदावार की उम्मीद है। जिले में इस मानसून अवधि में अब तक करीब 24 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है। कुंडालिया बांध में पानी की आवक जारी लगातार बारिश के कारण जिले के महत्वपूर्ण कुंडालिया बांध में पानी की आवक बनी हुई है। बांध अपने निर्धारित जलस्तर तक पहुंच गया है। कुंडालिया बांध के अधिकारी अर्पित सक्सेना ने बताया कि यदि पानी की आवक इसी तरह बनी रहती है तो आने वाले समय में बांध के गेट खोलने पड़ सकते हैं। निचले इलाकों के लोगों को सतर्क रहने की अपील बांध में पानी की आवक को देखते हुए निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से नदी और अन्य जलस्रोतों के तटों से दूर रहने की अपील की गई है। प्रशासन ने लोगों से लापरवाही नहीं बरतने और तेज बारिश के दौरान नदी, नाले व जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से नहीं जाने की सलाह दी है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में जिले में कहीं तेज तो कहीं मध्यम बारिश होने की संभावना है। प्रशासन और संबंधित विभाग जलाशयों तथा निचले क्षेत्रों की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।


