भागलपुर के कहलगांव में गंगा का जलस्तर चेतावनी स्तर से ऊपर पहुंच गया है। गुरुवार सुबह 11 बजे तक गंगा का जलस्तर 31.43 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से लगभग 34 सेंटीमीटर अधिक है। कहलगांव में खतरे का निशान 31.09 मीटर है। जलस्तर में लगातार वृद्धि के कारण तटवर्ती गांवों पर बाढ़ का खतरा बढ़ गया है, जिसके चलते प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने नदी किनारे बसे गांवों में अलर्ट जारी किया है। गंगा में नावों के परिचालन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके अतिरिक्त, सभी घाटों पर गोताखोरों को तैनात कर निगरानी बढ़ा दी गई है। गंगा घाटों पर भीड़ न लगाने, सुरक्षित स्थान पर रहने की अपील प्रशासन ने स्थानीय लोगों से गंगा घाटों पर भीड़ न लगाने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। यदि जलस्तर में इसी प्रकार वृद्धि जारी रहती है, तो आने वाले दिनों में तटवर्ती क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा और अधिक गंभीर हो सकता है। गोपालपुर-इस्माइलपुर-बिंदटोली में भी गंगा के जलस्तर में तेजी से वृद्धि इसी बीच, गोपालपुर-इस्माइलपुर-बिंदटोली क्षेत्र में भी गंगा के जलस्तर में तेजी से वृद्धि दर्ज की गई है। गुरुवार सुबह 11 बजे तटबंध के स्पर संख्या-7 के पास जलस्तर 30.58 मीटर मापा गया। पिछले 24 घंटों में इस क्षेत्र में जलस्तर लगभग 15 सेंटीमीटर बढ़ा है। इस क्षेत्र के लिए चेतावनी स्तर 30.60 मीटर है, जिसका अर्थ है कि जलस्तर चेतावनी स्तर से केवल 2 सेंटीमीटर नीचे है। खतरे का स्तर 31.60 मीटर निर्धारित किया गया है। जलस्तर में लगातार वृद्धि के मद्देनजर तटबंध की निगरानी और अधिक कड़ी कर दी गई है। प्रशासन लगातार गंगा के बढ़ते जलस्तर पर नजर बनाए हुए है। यदि जलस्तर में वृद्धि का यह सिलसिला जारी रहता है, तो तटवर्ती गांवों में बाढ़ का संकट गहरा सकता है। भागलपुर के कहलगांव में गंगा का जलस्तर चेतावनी स्तर से ऊपर पहुंच गया है। गुरुवार सुबह 11 बजे तक गंगा का जलस्तर 31.43 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से लगभग 34 सेंटीमीटर अधिक है। कहलगांव में खतरे का निशान 31.09 मीटर है। जलस्तर में लगातार वृद्धि के कारण तटवर्ती गांवों पर बाढ़ का खतरा बढ़ गया है, जिसके चलते प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने नदी किनारे बसे गांवों में अलर्ट जारी किया है। गंगा में नावों के परिचालन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके अतिरिक्त, सभी घाटों पर गोताखोरों को तैनात कर निगरानी बढ़ा दी गई है। गंगा घाटों पर भीड़ न लगाने, सुरक्षित स्थान पर रहने की अपील प्रशासन ने स्थानीय लोगों से गंगा घाटों पर भीड़ न लगाने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। यदि जलस्तर में इसी प्रकार वृद्धि जारी रहती है, तो आने वाले दिनों में तटवर्ती क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा और अधिक गंभीर हो सकता है। गोपालपुर-इस्माइलपुर-बिंदटोली में भी गंगा के जलस्तर में तेजी से वृद्धि इसी बीच, गोपालपुर-इस्माइलपुर-बिंदटोली क्षेत्र में भी गंगा के जलस्तर में तेजी से वृद्धि दर्ज की गई है। गुरुवार सुबह 11 बजे तटबंध के स्पर संख्या-7 के पास जलस्तर 30.58 मीटर मापा गया। पिछले 24 घंटों में इस क्षेत्र में जलस्तर लगभग 15 सेंटीमीटर बढ़ा है। इस क्षेत्र के लिए चेतावनी स्तर 30.60 मीटर है, जिसका अर्थ है कि जलस्तर चेतावनी स्तर से केवल 2 सेंटीमीटर नीचे है। खतरे का स्तर 31.60 मीटर निर्धारित किया गया है। जलस्तर में लगातार वृद्धि के मद्देनजर तटबंध की निगरानी और अधिक कड़ी कर दी गई है। प्रशासन लगातार गंगा के बढ़ते जलस्तर पर नजर बनाए हुए है। यदि जलस्तर में वृद्धि का यह सिलसिला जारी रहता है, तो तटवर्ती गांवों में बाढ़ का संकट गहरा सकता है।


