केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 16 को अलवर दौरे पर आ रहे हैं। भाजपा और सरकार उनके दौरे की तैयारियों में जुटी है। सड़कों को चमकाया जा रहा है और वाटरप्रूफ डोम बनाया जा रहा है, जहां एक लाख लोगों के लाने का लक्ष्य रखा गया है।
इसी बीच कांग्रेस ने जुबानी हमले शुरू कर दिए हैं। जिलाध्यक्ष प्रकाश गंगावत ने गुरुवार को प्रेस वार्ता में कहा कि जंतर-मंतर मामले में अमित शाह जवाब देने से बच रहे हैं। वे अलवर आ रहे हैं, उनका स्वागत है, लेकिन उन्हें यहां आकर जवाब देना चाहिए कि आखिर शांतिपूर्वक धरना दे रहे युवाओं पर लाठीचार्ज किसने करवाया। किसने उन पर पैलेट गन का चलाने का ऑर्डर दिया। उन्हें अलवर में अपने इस्तीफे की घोषणा करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हमने कलक्टर को पत्र लिखकर अमित शाह से मिलने का आग्रह किया है। अगर हमें नहीं मिलने दिया गया तो विरोध किया जाएगा। रामगढ़ से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़े आर्यन जुबेर ने कहा कि मैं खुद जंतर-मंतर पर था। वहां जबर्दस्ती युवाओं पर लाठीचार्ज किया गया। इसका शाह को जवाब देना चाहिए।
बजट घोषणा तो फिर लोन क्यों?
डेयरी के पूर्व चेयरमैन विश्राम गुर्जर ने कहा कि सरकार ने डेयरी प्लांट की क्षमता बढ़ाने की घोषणा बजट में की थी। इसलिए पैसा सरकार को उपलब्ध कराना चाहिए। आखिर डेयरी की जमीन को गिरवी रखकर लोन क्यों लिया जा रहा है? गारंटर नहीं मिला तो पूरी जमीन को ही गिरवी रख रहे हैं। डेयरी पर पहले से ही 30 करोड़ रुपए का कर्ज है। ये कर्ज कैसे चुकेगा, इसका अभी तक गणित भी नहीं लगाया गया है। इस तरह से तो कब भी प्लांट की क्षमता को बढ़ाया जा सकता था।
चार साल से चल रहा है मेडिकल कॉलेज, अब उद्घाटन क्यों?
प्रकाश गंगावत ने कहा कि चार साल से अलवर का मेडिकल कॉलेज चल रहा है। आखिर अब उसके उद्घाटन की आवश्यकता क्यों पड़ रही है? यह कॉलेज कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में बना था। अब इसे पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर रखा गया है। इसलिए उद्घाटन करवाया जा रहा है। उन्होंने जवाब मांगा की सीएम भजन लाल शर्मा जवाब दें कि आखिर अलवर को ईआरसीपी का पानी कब मिलेगा।


