पटना यूनिवर्सिटी के पटना कॉलेज में जूनियर छात्र के साथ रैगिंग और मारपीट का मामला सामने आया है। मनोविज्ञान विभाग के सत्र 2025-29 के एक छात्र ने सीनियर छात्रों पर परीक्षा हॉल के पास मारपीट और उत्पीड़न का आरोप लगाया है। उसने राष्ट्रीय एंटी-रैगिंग हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत मिलने के बाद विश्वविद्यालय और कॉलेज प्रशासन ने मामले में कार्रवाई शुरू कर दी है। मारपीट करने वाले छात्र मिंटो हॉस्टल के बताए जा रहे हैं। UGC की शिकायत के बाद कॉलेज ने दर्ज कराई FIR छात्र की शिकायत मिलने के बाद UGC की राष्ट्रीय एंटी-रैगिंग हेल्पलाइन ने पटना विश्वविद्यालय को मामले में जरूरी कार्रवाई के निर्देश दिए। UGC के निर्देश के बाद पटना कॉलेज प्रशासन की ओर से पीरबहोर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। मामले में आरोपित छात्रों की पहचान और घटना की पूरी जानकारी जांच के बाद सामने आएगी। परीक्षा हॉल के पास मारपीट का आरोप शिकायत के मुताबिक परीक्षा और शैक्षणिक गतिविधियों के दौरान परीक्षा हॉल के आसपास जूनियर छात्र के साथ कुछ सीनियर छात्रों ने मारपीट की। छात्र ने इसे रैगिंग और शारीरिक हिंसा का मामला बताते हुए UGC से शिकायत की। उसने अपने साथ दोबारा किसी तरह की घटना होने की आशंका जताते हुए सुरक्षा की भी मांग की है। कैंपस और हॉस्टल की सुरक्षा पर उठाए सवाल शिकायतकर्ता ने पटना विश्वविद्यालय के कैंपस और हॉस्टलों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए हैं। छात्र का कहना है कि पर्याप्त CCTV कैमरे और निगरानी व्यवस्था नहीं होने से ऐसी घटनाओं के साक्ष्य जुटाने में परेशानी हो सकती है। उसने विश्वविद्यालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। छात्र की पहचान गोपनीय रखने का निर्देश UGC ने शिकायतकर्ता छात्र की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखने का निर्देश दिया है। साथ ही उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करने और काउंसिलिंग कराने को कहा गया है, ताकि शिकायत के बाद छात्र पर किसी तरह का दबाव या प्रताड़ना न हो। एंटी-रैगिंग कमेटी करेगी जांच UGC ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच विश्वविद्यालय या कॉलेज की आधिकारिक एंटी-रैगिंग कमेटी के माध्यम से की जाएगी। कमेटी शिकायत में लगाए गए आरोपों, संबंधित छात्रों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच करेगी। पुलिस की FIR के साथ कॉलेज स्तर पर भी जांच आगे बढ़ेगी। नए सत्र को देखते हुए सभी कॉलेजों को अलर्ट पटना कॉलेज में सामने आए मामले के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी कॉलेजों को रैगिंग रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने का निर्देश दिया है। नए सत्र की शुरुआत को देखते हुए कॉलेजों को अपने एंटी-रैगिंग सेल की समीक्षा और पुनर्गठन करने को कहा गया है। हर नए छात्र से लिया जाएगा शपथ पत्र विश्वविद्यालय प्रशासन ने कॉलेजों को नामांकन लेने वाले प्रत्येक छात्र से एंटी-रैगिंग को लेकर शपथ पत्र लेने का निर्देश दिया है। इसके अलावा कॉलेजों में एंटी-रैगिंग स्क्वायड को सक्रिय रखने और कैंपस में लगातार निगरानी करने को कहा गया है। रैगिंग रोकने में लापरवाही मिलने पर संबंधित जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ विश्वविद्यालय स्तर से कार्रवाई की जा सकती है। रैगिंग रोकने की व्यवस्था पर भी उठ रहे सवाल पटना विश्वविद्यालय के कॉलेजों में रैगिंग रोकने के लिए एंटी-रैगिंग सेल और अन्य व्यवस्थाएं मौजूद हैं, लेकिन इनकी सक्रियता को लेकर सवाल उठते रहे हैं। नए सत्र में इन व्यवस्थाओं को प्रभावी बनाने, छात्रों को जागरूक करने और कैंपस में नियमित निगरानी बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। मामले की जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति और दोषी छात्रों के खिलाफ कार्रवाई स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस ने बुधवार को जांच की पीयू के प्रॉक्टर प्रो सूरजदेव सिंह ने इस मामले पर कहा कि पटना कॉलेज में जो घटना हुई है, उसमें FIR किया गया है। पुलिस ने बुधवार को जांच भी की है। विवि व कॉलेजों में पहले से एंटी रैगिंग सेल मौजूद हैं और वह काम कर रही है। फिर भी रैगिंग की जो घटना हुई है उसके मद्देनजर सभी कॉलेजों को इस संबंध में नोटिस जारी किया गया है कि वे एंटी रैगिंग सेल का पुनर्गठन करें। पटना यूनिवर्सिटी के पटना कॉलेज में जूनियर छात्र के साथ रैगिंग और मारपीट का मामला सामने आया है। मनोविज्ञान विभाग के सत्र 2025-29 के एक छात्र ने सीनियर छात्रों पर परीक्षा हॉल के पास मारपीट और उत्पीड़न का आरोप लगाया है। उसने राष्ट्रीय एंटी-रैगिंग हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत मिलने के बाद विश्वविद्यालय और कॉलेज प्रशासन ने मामले में कार्रवाई शुरू कर दी है। मारपीट करने वाले छात्र मिंटो हॉस्टल के बताए जा रहे हैं। UGC की शिकायत के बाद कॉलेज ने दर्ज कराई FIR छात्र की शिकायत मिलने के बाद UGC की राष्ट्रीय एंटी-रैगिंग हेल्पलाइन ने पटना विश्वविद्यालय को मामले में जरूरी कार्रवाई के निर्देश दिए। UGC के निर्देश के बाद पटना कॉलेज प्रशासन की ओर से पीरबहोर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। मामले में आरोपित छात्रों की पहचान और घटना की पूरी जानकारी जांच के बाद सामने आएगी। परीक्षा हॉल के पास मारपीट का आरोप शिकायत के मुताबिक परीक्षा और शैक्षणिक गतिविधियों के दौरान परीक्षा हॉल के आसपास जूनियर छात्र के साथ कुछ सीनियर छात्रों ने मारपीट की। छात्र ने इसे रैगिंग और शारीरिक हिंसा का मामला बताते हुए UGC से शिकायत की। उसने अपने साथ दोबारा किसी तरह की घटना होने की आशंका जताते हुए सुरक्षा की भी मांग की है। कैंपस और हॉस्टल की सुरक्षा पर उठाए सवाल शिकायतकर्ता ने पटना विश्वविद्यालय के कैंपस और हॉस्टलों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए हैं। छात्र का कहना है कि पर्याप्त CCTV कैमरे और निगरानी व्यवस्था नहीं होने से ऐसी घटनाओं के साक्ष्य जुटाने में परेशानी हो सकती है। उसने विश्वविद्यालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। छात्र की पहचान गोपनीय रखने का निर्देश UGC ने शिकायतकर्ता छात्र की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखने का निर्देश दिया है। साथ ही उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करने और काउंसिलिंग कराने को कहा गया है, ताकि शिकायत के बाद छात्र पर किसी तरह का दबाव या प्रताड़ना न हो। एंटी-रैगिंग कमेटी करेगी जांच UGC ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच विश्वविद्यालय या कॉलेज की आधिकारिक एंटी-रैगिंग कमेटी के माध्यम से की जाएगी। कमेटी शिकायत में लगाए गए आरोपों, संबंधित छात्रों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच करेगी। पुलिस की FIR के साथ कॉलेज स्तर पर भी जांच आगे बढ़ेगी। नए सत्र को देखते हुए सभी कॉलेजों को अलर्ट पटना कॉलेज में सामने आए मामले के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी कॉलेजों को रैगिंग रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने का निर्देश दिया है। नए सत्र की शुरुआत को देखते हुए कॉलेजों को अपने एंटी-रैगिंग सेल की समीक्षा और पुनर्गठन करने को कहा गया है। हर नए छात्र से लिया जाएगा शपथ पत्र विश्वविद्यालय प्रशासन ने कॉलेजों को नामांकन लेने वाले प्रत्येक छात्र से एंटी-रैगिंग को लेकर शपथ पत्र लेने का निर्देश दिया है। इसके अलावा कॉलेजों में एंटी-रैगिंग स्क्वायड को सक्रिय रखने और कैंपस में लगातार निगरानी करने को कहा गया है। रैगिंग रोकने में लापरवाही मिलने पर संबंधित जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ विश्वविद्यालय स्तर से कार्रवाई की जा सकती है। रैगिंग रोकने की व्यवस्था पर भी उठ रहे सवाल पटना विश्वविद्यालय के कॉलेजों में रैगिंग रोकने के लिए एंटी-रैगिंग सेल और अन्य व्यवस्थाएं मौजूद हैं, लेकिन इनकी सक्रियता को लेकर सवाल उठते रहे हैं। नए सत्र में इन व्यवस्थाओं को प्रभावी बनाने, छात्रों को जागरूक करने और कैंपस में नियमित निगरानी बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। मामले की जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति और दोषी छात्रों के खिलाफ कार्रवाई स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस ने बुधवार को जांच की पीयू के प्रॉक्टर प्रो सूरजदेव सिंह ने इस मामले पर कहा कि पटना कॉलेज में जो घटना हुई है, उसमें FIR किया गया है। पुलिस ने बुधवार को जांच भी की है। विवि व कॉलेजों में पहले से एंटी रैगिंग सेल मौजूद हैं और वह काम कर रही है। फिर भी रैगिंग की जो घटना हुई है उसके मद्देनजर सभी कॉलेजों को इस संबंध में नोटिस जारी किया गया है कि वे एंटी रैगिंग सेल का पुनर्गठन करें।


