Ectopic Pregnancy: प्रेग्नेंसी के शुरुआती दिनों में ये लक्षण दिखें तो न करें इग्नोर, NHS ने बताया एक्टोपिक प्रेगनेंसी हो सकती है वजह

Ectopic Pregnancy: प्रेग्नेंसी के शुरुआती दिनों में ये लक्षण दिखें तो न करें इग्नोर, NHS ने बताया एक्टोपिक प्रेगनेंसी हो सकती है वजह

Ectopic Pregnancy Symptoms: गर्भावस्था (Pregnancy) की खबर सुनते ही हर घर में खुशियां छा जाती हैं। प्रेगनेंसी टेस्ट की दो गुलाबी लाइनें देखते ही हर महिला एक नए सफर की उम्मीद करने लगती है। लेकिन कई बार शुरुआती दिनों में शरीर कुछ ऐसे संकेत देने लगता है जिन्हें हम आम थकावट या सामान्य दर्द मानकर टाल देते हैं। ब्रिटेन की स्वास्थ्य संस्था नेशनल हेल्थ सर्विस (NHS) के मुताबिक, अगर शुरुआती दिनों में पेट के निचले हिस्से में दर्द या मटमैली ब्लीडिंग हो, तो यह एक्टोपिक प्रेगनेंसी (Ectopic Pregnancy) का इशारा हो सकती है। यह एक ऐसी स्थिति है जिस पर अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए, तो महिला की जान को खतरा हो सकता है। आइए समझते हैं कि यह समस्या क्या है, इसके लक्षण क्या हैं और इससे कैसे बचा जा सकता है।

क्या होती है एक्टोपिक प्रेगनेंसी?

क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, जब कोई महिला प्रेग्नेंट होती है, तब बच्चा (भ्रूण) मां की बच्चेदानी (गर्भाशय या Womb) के अंदर जाकर ठहरता है और वहीं धीरे-धीरे बड़ा होता है। लेकिन एक्टोपिक प्रेगनेंसी में फर्टिलाइज्ड अंडा बच्चेदानी तक पहुंच ही नहीं पाता। वह रास्ते में ही, यानी फेलोपियन ट्यूब (Fallopian Tube) में कहीं अटक जाता है और वहीं बढ़ने लगता है। बच्चेदानी के अलावा किसी भी दूसरी जगह बच्चा नहीं पल सकता। जैसे-जैसे ट्यूब में भ्रूण का आकार बढ़ता है, फेलोपियन ट्यूब के फटने का डर पैदा हो जाता है। इसी वजह से डॉक्टर इसे बेहद गंभीर स्थिति मानते हैं।

शरीर में दिखने वाले 5 बड़े लक्षण

एक्टोपिक प्रेगनेंसी के लक्षण आमतौर पर पीरियड मिस होने के बाद चौथे से बारहवें हफ्ते के बीच दिखाई देने लगते हैं। शुरुआत में यह आम प्रेगनेंसी जैसी ही लगती है, लेकिन धीरे-धीरे ये परेशानियां सामने आने लगती हैं;

  • पेट के एक तरफ तेज या मीठा-मीठा दर्द।
  • अजीब सी ब्लीडिंग होना।
  • कंधे के ऊपरी हिस्से में दर्द
  • टॉयलेट जाते समय चुभन या दर्द।
  • अचानक चक्कर आना या घबराहट।

किन महिलाओं में इसका खतरा ज्यादा रहता है?

वैसे तो यह समस्या किसी भी प्रेग्नेंट महिला को हो सकती है, पर कुछ मामलों में इसका रिस्क थोड़ा ज्यादा होता है;

  • जिन महिलाओं को पहले कभी एक्टोपिक प्रेगनेंसी की शिकायत रही हो।
  • जिनकी फेलोपियन ट्यूब में पहले कोई रुकावट, इंफेक्शन या सर्जरी हुई हो।
  • जो महिलाएं कॉपर-टी (IUD) लगे होने के बावजूद प्रेग्नेंट हो जाती हैं।
  • जिन्होंने आईवीएफ (IVF) या गर्भधारण की किसी थेरेपी की मदद ली हो।
  • बहुत ज्यादा सिगरेट या बीड़ी पीने वाली महिलाएं।

तुरंत अस्पताल कब भागना चाहिए?

अगर फेलोपियन ट्यूब अंदर ही अंदर फट जाती है, तो यह बहुत बड़ी मेडिकल इमरजेंसी बन जाती है। अगर आपको या आपके परिवार में किसी को नीचे लिखी बातें महसूस हों, तो एक मिनट की भी देरी न करें और तुरंत नजदीकी इमरजेंसी वार्ड जाएं;

  • पेट में अचानक से असहनीय और छटपटा देने वाला दर्द होना।
  • बहुत ज्यादा चक्कर आना, पसीना छूटना या बेहोश हो जाना।
  • चेहरा एकदम पीला पड़ जाना और शरीर का ठंडा होना।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

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