नवादा में सावन की दूसरी सोमवारी को तेज बारिश के बीच वज्रपात की घटनाओं में तीन लोगों की मौत हो गई। इन घटनाओं में एक बच्ची भी शामिल है, जबकि एक अन्य बच्ची घायल हो गई। ये हादसे जिले के अलग-अलग स्थानों पर हुए। पहली घटना रोह प्रखंड के रूपौ थाना क्षेत्र के छनौन गांव में हुई। यहां बारिश के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से प्रिंस कुमार(10) की मृत्यु हो गई। प्रिंस छनौन गांव निवासी रघुनंदन रविदास के बेटे थे। दूसरी घटना मेसकौर प्रखंड की सहवाजपुरसराय पंचायत के लक्ष्मीपुर गांव में दर्ज की गई। इस स्थान पर वज्रपात की चपेट में आने से आठ वर्षीय सुष्मिता कुमारी की मौत हो गई। सुष्मिता लक्ष्मीपुर गांव निवासी राम चौहान की बेटी थीं। इसी घटना में शीतल कुमारी नामक एक बच्ची घायल हो गई, जिसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। खेती कार्य के दौरान वज्रपात की चपेट में आए तीसरी घटना मेसकौर प्रखंड की मिर्जापुर पंचायत के ढिबरा गांव में हुई। बताया गया कि नवनीत कुमार(16) कृषि कार्य कर रहे थे, तभी वे वज्रपात की चपेट में आ गए। गंभीर रूप से झुलसने के बाद उनकी मृत्यु हो गई। नवनीत कामता यादव के बेटे थे। एक ही दिन में वज्रपात की इन तीन घटनाओं ने स्थानीय लोगों को सतर्क रहने पर मजबूर किया है। स्थानीय निवासियों ने बारिश और गरज-चमक के दौरान लोगों से खुले मैदानों और खेतों में जाने से बचने की अपील की है। नवादा में सावन की दूसरी सोमवारी को तेज बारिश के बीच वज्रपात की घटनाओं में तीन लोगों की मौत हो गई। इन घटनाओं में एक बच्ची भी शामिल है, जबकि एक अन्य बच्ची घायल हो गई। ये हादसे जिले के अलग-अलग स्थानों पर हुए। पहली घटना रोह प्रखंड के रूपौ थाना क्षेत्र के छनौन गांव में हुई। यहां बारिश के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से प्रिंस कुमार(10) की मृत्यु हो गई। प्रिंस छनौन गांव निवासी रघुनंदन रविदास के बेटे थे। दूसरी घटना मेसकौर प्रखंड की सहवाजपुरसराय पंचायत के लक्ष्मीपुर गांव में दर्ज की गई। इस स्थान पर वज्रपात की चपेट में आने से आठ वर्षीय सुष्मिता कुमारी की मौत हो गई। सुष्मिता लक्ष्मीपुर गांव निवासी राम चौहान की बेटी थीं। इसी घटना में शीतल कुमारी नामक एक बच्ची घायल हो गई, जिसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। खेती कार्य के दौरान वज्रपात की चपेट में आए तीसरी घटना मेसकौर प्रखंड की मिर्जापुर पंचायत के ढिबरा गांव में हुई। बताया गया कि नवनीत कुमार(16) कृषि कार्य कर रहे थे, तभी वे वज्रपात की चपेट में आ गए। गंभीर रूप से झुलसने के बाद उनकी मृत्यु हो गई। नवनीत कामता यादव के बेटे थे। एक ही दिन में वज्रपात की इन तीन घटनाओं ने स्थानीय लोगों को सतर्क रहने पर मजबूर किया है। स्थानीय निवासियों ने बारिश और गरज-चमक के दौरान लोगों से खुले मैदानों और खेतों में जाने से बचने की अपील की है।


