मधुबनी मंडल कारा में 20 साल के बंदी की मौत:परिजन ने हत्या का लगाया आरोप, बोले- शरीर पर मारपीट के मिले निशान

मधुबनी मंडल कारा में 20 साल के बंदी की मौत:परिजन ने हत्या का लगाया आरोप, बोले- शरीर पर मारपीट के मिले निशान

मधुबनी के राजनगर थाना क्षेत्र स्थित मंडल कारा में बंद युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतक के परिजनों ने जेल में मारपीट कर हत्या किए जाने का आरोप लगाया है और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। मृतक की पहचान रहिका थाना क्षेत्र के बलाट गांव निवासी रामदयाल यादव के बेटे रौशन कुमार यादव(20) के रूप में हुई है। परिजन के अनुसार, तीन दिन पहले वे रौशन से मिलने रामपट्टी स्थित मंडल कारा गए थे, तब उसकी तबीयत सामान्य थी। परिजनों का आरोप है कि रौशन की तबीयत बिगड़ने की सूचना उन्हें नहीं दी गई। सोमवार को रहिका थाना पुलिस ने फोन कर उन्हें रौशन की मौत के बारे में बताया। रौशन को दो महीने पहले रहिका थाना में दर्ज आमर्स एक्ट के तहत गिरफ्तार कर मंडल कारा भेजा गया था। डॉक्टर ने जांच के बाद किया मृत घोषित पुलिस प्रशासन के अनुसार, मंडल कारा में बंदी की तबीयत बिगड़ने पर उसे इलाज दिया गया। स्वास्थ्य में सुधार न होने पर उसे बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल भेजा गया, जहां इमरजेंसी में तैनात चिकित्सक ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। मौत के बाद परिजनों ने रौशन के शरीर पर मारपीट के निशान होने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि उसके गले पर भी निशान दिखाई दे रहा है, जिससे उन्हें संदेह है कि उसके साथ मारपीट की गई और गले में फंदा डालकर उसकी हत्या की गई है। हालांकि, पुलिस प्रशासन ने इन आरोपों की पुष्टि नहीं की है। मजिस्ट्रेट की निगरानी में होगा पोस्टमॉर्टम घटना की सूचना मिलने पर मंडल कारा के सुरक्षाकर्मियों के साथ नगर थाना और राजनगर थाना की पुलिस टीम सदर अस्पताल पहुंची। मामले की जांच के लिए घटनास्थल और सदर अस्पताल में FSL की टीम भी मौजूद थी। प्रशासन की ओर से पोस्टमॉर्टम के लिए वरीय उपसमाहर्ता बिरजू दास को मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया, जिनकी निगरानी में मेडिकल टीम ने पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी की। पोस्टमॉर्टम करने वाली टीम में डॉ. रवि प्रकाश, डॉ. विकास कुमार और डॉ. अभिषेक कुमार झा शामिल रहे। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही बंदी की मौत के वास्तविक कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा। मधुबनी के राजनगर थाना क्षेत्र स्थित मंडल कारा में बंद युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतक के परिजनों ने जेल में मारपीट कर हत्या किए जाने का आरोप लगाया है और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। मृतक की पहचान रहिका थाना क्षेत्र के बलाट गांव निवासी रामदयाल यादव के बेटे रौशन कुमार यादव(20) के रूप में हुई है। परिजन के अनुसार, तीन दिन पहले वे रौशन से मिलने रामपट्टी स्थित मंडल कारा गए थे, तब उसकी तबीयत सामान्य थी। परिजनों का आरोप है कि रौशन की तबीयत बिगड़ने की सूचना उन्हें नहीं दी गई। सोमवार को रहिका थाना पुलिस ने फोन कर उन्हें रौशन की मौत के बारे में बताया। रौशन को दो महीने पहले रहिका थाना में दर्ज आमर्स एक्ट के तहत गिरफ्तार कर मंडल कारा भेजा गया था। डॉक्टर ने जांच के बाद किया मृत घोषित पुलिस प्रशासन के अनुसार, मंडल कारा में बंदी की तबीयत बिगड़ने पर उसे इलाज दिया गया। स्वास्थ्य में सुधार न होने पर उसे बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल भेजा गया, जहां इमरजेंसी में तैनात चिकित्सक ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। मौत के बाद परिजनों ने रौशन के शरीर पर मारपीट के निशान होने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि उसके गले पर भी निशान दिखाई दे रहा है, जिससे उन्हें संदेह है कि उसके साथ मारपीट की गई और गले में फंदा डालकर उसकी हत्या की गई है। हालांकि, पुलिस प्रशासन ने इन आरोपों की पुष्टि नहीं की है। मजिस्ट्रेट की निगरानी में होगा पोस्टमॉर्टम घटना की सूचना मिलने पर मंडल कारा के सुरक्षाकर्मियों के साथ नगर थाना और राजनगर थाना की पुलिस टीम सदर अस्पताल पहुंची। मामले की जांच के लिए घटनास्थल और सदर अस्पताल में FSL की टीम भी मौजूद थी। प्रशासन की ओर से पोस्टमॉर्टम के लिए वरीय उपसमाहर्ता बिरजू दास को मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया, जिनकी निगरानी में मेडिकल टीम ने पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी की। पोस्टमॉर्टम करने वाली टीम में डॉ. रवि प्रकाश, डॉ. विकास कुमार और डॉ. अभिषेक कुमार झा शामिल रहे। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही बंदी की मौत के वास्तविक कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा।  

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