ट्रक के जरिए 1733 किलोग्राम गांजा तस्करी करने के आरोपी ड्राइवर मुबीस को विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस) डॉ. मुकेश मलिक ने 20 साल की सजा सुनाई है। साथ ही आरोपी मुबीस के खिलाफ 2 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है। यह मामला 8 अक्टूबर 2020 का है। डीआरआई भोपाल की टीम को सूचना मिली थी कि आंध्र प्रदेश से उत्तर प्रदेश की ओर जा रहे ट्रक नंबर यूपी-21 बीएन-2022 में भारी मात्रा में अवैध गांजा छुपाकर ले जाया जा रहा है। सूचना के आधार पर डीआरआई अधिकारियों ने ट्रांसपोर्ट नगर टोल प्लाजा, भोपाल के पास घेराबंदी कर ट्रक को रोका। तलाशी के दौरान ड्राइवर के केबिन के पीछे विशेष रूप से बनाए गए एक गुप्त केबिन से 788 पैकेट बरामद किए गए। इन पैकेटों का कुल वजन 1733.434 किलोग्राम (लगभग 1.73 टन) निकला। जब्ती से बचने के लिए आरोपी ने ट्रक के पिछले हिस्से में 140 खाली लोहे के ड्रम भी भर रखे थे। कोर्ट ने डीआरआई की जांच पर भी उठाए सवाल
कोर्ट ने कहा कि जांच अधिकारी ने वाहन मालिक मोहम्मद जलीस की भूमिका की गहराई से जांच नहीं की व केवल औपचारिक कार्रवाई करके छोड़ दिया। जांच एजेंसी यह पड़ताल करने में विफल रही कि इतनी बड़ी मात्रा में गांजा किसके इशारे पर भेजा जा रहा था व इसके लिए पैसों का इंतजाम करने वाला कौन था। ट्रक मुरादाबाद जा रहा था। वहां गांजा कौन लेता। जांच डीआरआई ने नहीं की। कॉल डिटेल रिकॉर्ड, वित्तीय लेनदेन या अन्य तकनीकी साक्ष्य पेश करने चाहिए थे, जो वे करने में असमर्थ रहे। ट्रक मालिक मोहम्मद जलीस को नोटिस होगा जारी- कोर्ट ने ट्रक को जब्त करने योग्य मानते हुए उसके रजिस्टर्ड मालिक मोहम्मद जलीस को नोटिस जारी करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि ट्रक की जब्ती के लिए एनडीपीएस की धारा के तहत अलग कार्रवाई दर्ज की जाए और जलीस को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाए। कमर्शियल क्वांटिटी से 86 गुना अधिक था गांजा
एनडीपीएस एक्ट के तहत 20 किलोग्राम गांजे को कमर्शियल क्वांटिटी माना जाता है। इस मामले में पकड़ा गया गांजा 1733.434 किलोग्राम था, जो कि कानून द्वारा निर्धारित व्यावसायिक सीमा से लगभग 86 गुना अधिक था। कोर्ट ने कहा कि 86 गुना अधिक मात्रा में मादक पदार्थ की तस्करी समाज और युवाओं के भविष्य के लिए बेहद घातक है, इसलिए आरोपी के प्रति किसी भी तरह की नरमी नहीं बरती जा सकती।


