नालंदा के लाल ने बढ़ाया देश का मान:कॉमनवेल्थ गेम्स के पदक विजेता झंडू कुमार ने पीएम से की मुलाकात; उज्ज्वल भविष्य की कामना

नालंदा के लाल ने बढ़ाया देश का मान:कॉमनवेल्थ गेम्स के पदक विजेता झंडू कुमार ने पीएम से की मुलाकात; उज्ज्वल भविष्य की कामना

​ज्ञान और इतिहास की प्राचीन भूमि नालंदा अब खेल के मैदानों में भी अपना परचम लहरा रही है। कॉमनवेल्थ गेम्स में अपने अद्भुत खेल कौशल का प्रदर्शन कर देश, बिहार और विशेष रूप से जिले का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन करने वाले होनहार पैरा एथलीट झंडू कुमार ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की है। कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक जीतने के बाद हुई यह शिष्टाचार भेंट झंडू कुमार के खेल करियर और उनके व्यक्तिगत जीवन का एक बेहद गौरवपूर्ण, ऐतिहासिक और कभी न भूलने वाला क्षण बन गई है। दिल्ली में हुई इस विशेष मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने झंडू कुमार की खेल उपलब्धियों की जमकर सराहना की और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी। इस अविस्मरणीय पल को साझा करते हुए झंडू कुमार ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री से मिलना उनके जीवन का सबसे खास और भावुक अनुभव रहा। जब आप देश के लिए खेलते हैं और सर्वोच्च नेतृत्व द्वारा आपके संघर्षों को सराहा जाता है, तो सारी थकान मिट जाती है। प्रधानमंत्री जी के प्रोत्साहन और उनके द्वारा दी गई शुभकामनाओं से मेरा आत्मविश्वास कई गुना बढ़ गया है। झंडू ने दृढ़ संकल्प के साथ कहा कि इस मुलाकात ने उन्हें भविष्य में देश के लिए और भी बेहतर प्रदर्शन करने और तिरंगे की शान को और ऊंचा करने की नई प्रेरणा दी है। वे आगे भी पूरी लगन और समर्पण के साथ देश का नाम रोशन करने का प्रयास करेंगे। युवाओं के नाम झंडू का संदेश ​अपने गांव-कस्बे के युवाओं और आने वाली पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए झंडू कुमार अब एक ‘आइकन’ बन चुके हैं। उन्होंने नालंदा और हरनौत के युवा खिलाड़ियों संदेश देते हुए कहा कि हमेशा अपने सपने बड़े रखें। मेहनत पूरी ईमानदारी और लगन के साथ करें। रास्ते में कई असफलताएं आएंगी, लेकिन उनसे कभी निराश न हो। आज आप खेल के मैदान में जो पसीना बहाएंगे, वही कल आपकी सबसे बड़ी पहचान बनेगा। प्रशंसकों के लिए एक कविता के माध्यम से अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा… ‘आपका साथ मेरी ताकत है, आपका विश्वास मेरी पहचान। मैदान में पसीना मेरा, पर जीत में आप सबका सम्मान।’ संघर्षों की भट्टी में तपकर कुंदन बना करियर (2019 से कॉमनवेल्थ तक का सफर) ​झंडू कुमार की यह सफलता रातों-रात नहीं मिली है। उनकी खेल यात्रा की शुरुआत वर्ष 2019 में हुई, जब वे ‘नालंदा पैरा स्पोर्ट्स एसोसिएशन’ के संपर्क में आए। यह वह दौर था जब संसाधन सीमित थे और चुनौतियां अपार थी। शुरुआती दौर में उन्हें कई कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। लेकिन, ग्रामीण परिवेश की कठिनाइयां उनके फौलादी इरादों को डिगा नहीं सकीं। वे लगातार पसीना बहाते रहे और प्रशिक्षण जारी रखा। ​उनकी इस अथक मेहनत का पहला बड़ा परिणाम वर्ष 2022 में सामने आया, जब उन्होंने अपना पहला महत्वपूर्ण पदक हासिल किया। यह पदक उनके लिए एक ‘टर्निंग पॉइंट’ साबित हुआ। इस सफलता के बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और उनकी कामयाबी का सिलसिला लगातार आगे बढ़ता गया। उन्होंने राज्य, राष्ट्रीय और फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर की विभिन्न प्रतियोगिताओं में एक के बाद एक पदक जीतकर खेल जगत में अपनी एक अलग पहचान स्थापित की, जिसका चरमोत्कर्ष कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक जीतना रहा। नालंदा लक्ष्य खेल अकादमी बनी मील का पत्थर ​वर्ष 2022 में हरनौत में स्थापित ‘नालंदा लक्ष्य खेल अकादमी’ झंडू कुमार के करियर के लिए एक प्रमुख मील का पत्थर साबित हुई। जब वे इस अकादमी से जुड़े, तो उन्हें न केवल बेहतर बुनियादी ढांचा मिला, बल्कि उच्च स्तरीय प्रशिक्षण, सही तकनीकी मार्गदर्शन और प्रतियोगिताओं के लिए पेशेवर तैयारी का एक शानदार मंच भी प्राप्त हुआ। इसी अकादमी के माध्यम से उनकी खेल प्रतिभा को तराशा गया। यहीं से उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए खुद को तैयार किया और आखिरकार कॉमनवेल्थ गेम्स के पोडियम तक का सफर तय किया। वर्तमान में, अपने खेल को और अधिक निखारने के लिए झंडू कुमार जुलाई 2024 से गुजरात के गांधीनगर स्थित प्रतिष्ठित राष्ट्रीय प्रशिक्षण केंद्र में कड़ा अभ्यास कर रहे हैं। वहां वे जाने-माने कोच रहेलू कर के विशेषज्ञ मार्गदर्शन में अपनी आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी कर रहे हैं। कोच और मेंटर का मिला भरपूर साथ ​किसी भी खिलाड़ी की सफलता के पीछे उसके गुरुओं और प्रशिक्षकों का अहम योगदान होता है। झंडू कुमार की इस गौरवशाली यात्रा में 2019 से ही कोच एवं ‘नालंदा पैरा स्पोर्ट्स एसोसिएशन’ के सचिव कुंदन कुमार पांडेय का लगातार और सबसे महत्वपूर्ण योगदान रहा है। एसोसिएशन से जुड़ने के पहले दिन से ही कुंदन पांडेय ने झंडू का साथ दिया। उन्हें खेल की बारीकियां सिखाईं, प्रतियोगिताओं की रणनीति बनाई और मानसिक रूप से मजबूत किया। ​कुंदन कुमार पांडेय ने इस अवसर पर कहा कि झंडू कुमार की सफलता किसी एक दिन के चमत्कार या रातों-रात मिली कामयाबी का परिणाम नहीं है। यह वर्ष 2019 से लेकर आज तक लगातार चले आ रहे उनके कठोर संघर्ष, कठोर प्रशिक्षण, कड़े अनुशासन और कई लोगों के सामूहिक सहयोग का मीठा फल है। उन्होंने जिस तरह पदकों की झड़ी लगाते हुए कॉमनवेल्थ तक का सफर तय किया है, वह पूरे नालंदा और बिहार के लिए गर्व की बात है। इसके साथ ही, झंडू कुमार के करियर के शुरुआती और सबसे नाजुक दौर में उनकी फिटनेस को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने में ‘द रॉकस्टार’ के संस्थापक एवं जिम ट्रेनर गौतम सिंह का भी अमूल्य योगदान रहा। वर्ष 2020 से लेकर 2024 तक गौतम सिंह ने झंडू की शारीरिक क्षमता, ताकत (स्ट्रेंथ) और फिटनेस पर विशेष ध्यान दिया। झंडू कुमार ने कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि मेरे शुरुआती वर्षों में गौतम सिंह जी का सहयोग बहुत अहम रहा। 2020 से 2024 तक उन्होंने मेरी फिटनेस को लेकर जिस तरह मेरा मार्गदर्शन किया, वह मेरे लिए हमेशा यादगार रहेगा। आज मैं जिस मुकाम पर खड़ा हूं, उसकी नींव में गौतम सर और कुंदन सर का पसीना भी शामिल है।
गोल्डी कुमारी के बाद झंडू का कमाल झंडू कुमार नालंदा जिले के दूसरे ऐसे भाग्यशाली और प्रतिभावान खिलाड़ी बन गए हैं, जिन्हें अपनी असाधारण खेल उपलब्धि के कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी से मिलने का विशेष गौरव प्राप्त हुआ है। इससे पहले, नालंदा की ही प्रतिभाशाली खिलाड़ी गोल्डी कुमारी को ‘प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार’ से सम्मानित होने के बाद पीएम से मुलाकात करने का अवसर मिला था।

झंडू कुमार ने इस ऐतिहासिक सफलता का श्रेय परिवार, कोच कुंदन कुमार पांडेय, ट्रेनर गौतम सिंह, साथी खिलाड़ियों, ‘नालंदा पैरा स्पोर्ट्स एसोसिएशन’, ‘नालंदा लक्ष्य खेल अकादमी’, गांधीनगर प्रशिक्षण केंद्र के कोच रहेलू कर और हरनौत समेत पूरे नालंदा के खेल प्रेमियों को दिया है।
बधाई देने वालों का लगा तांता झंडू कुमार की इस कॉमनवेल्थ पदक उपलब्धि और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनकी इस गौरवपूर्ण मुलाकात पर पूरे जिले में जश्न का माहौल है। रवि कुमार, प्रमोद कुमार, डॉ. सुभाष कुमार, ज्ञानेश कुमार, सत्यनाम कबीर, विनय कुमार, चंदा कुमारी, संजू कुमारी, ओमप्रकाश पटेल, विकास कुमार, सीमा कुमारी, अमित पांडे, नालंदा लक्ष्य खेल अकादमी और नालंदा पैरा स्पोर्ट्स एसोसिएशन के पूरे परिवार ने उन्हें हार्दिक बधाई दी है। उनके और अधिक उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। 2019 का वह संघर्ष, 2022 का पहला पदक और अब प्रधानमंत्री से मुलाकात। झंडू कुमार की यह कहानी खेल इतिहास के पन्नों में सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गई है। ​ज्ञान और इतिहास की प्राचीन भूमि नालंदा अब खेल के मैदानों में भी अपना परचम लहरा रही है। कॉमनवेल्थ गेम्स में अपने अद्भुत खेल कौशल का प्रदर्शन कर देश, बिहार और विशेष रूप से जिले का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन करने वाले होनहार पैरा एथलीट झंडू कुमार ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की है। कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक जीतने के बाद हुई यह शिष्टाचार भेंट झंडू कुमार के खेल करियर और उनके व्यक्तिगत जीवन का एक बेहद गौरवपूर्ण, ऐतिहासिक और कभी न भूलने वाला क्षण बन गई है। दिल्ली में हुई इस विशेष मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने झंडू कुमार की खेल उपलब्धियों की जमकर सराहना की और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी। इस अविस्मरणीय पल को साझा करते हुए झंडू कुमार ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री से मिलना उनके जीवन का सबसे खास और भावुक अनुभव रहा। जब आप देश के लिए खेलते हैं और सर्वोच्च नेतृत्व द्वारा आपके संघर्षों को सराहा जाता है, तो सारी थकान मिट जाती है। प्रधानमंत्री जी के प्रोत्साहन और उनके द्वारा दी गई शुभकामनाओं से मेरा आत्मविश्वास कई गुना बढ़ गया है। झंडू ने दृढ़ संकल्प के साथ कहा कि इस मुलाकात ने उन्हें भविष्य में देश के लिए और भी बेहतर प्रदर्शन करने और तिरंगे की शान को और ऊंचा करने की नई प्रेरणा दी है। वे आगे भी पूरी लगन और समर्पण के साथ देश का नाम रोशन करने का प्रयास करेंगे। युवाओं के नाम झंडू का संदेश ​अपने गांव-कस्बे के युवाओं और आने वाली पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए झंडू कुमार अब एक ‘आइकन’ बन चुके हैं। उन्होंने नालंदा और हरनौत के युवा खिलाड़ियों संदेश देते हुए कहा कि हमेशा अपने सपने बड़े रखें। मेहनत पूरी ईमानदारी और लगन के साथ करें। रास्ते में कई असफलताएं आएंगी, लेकिन उनसे कभी निराश न हो। आज आप खेल के मैदान में जो पसीना बहाएंगे, वही कल आपकी सबसे बड़ी पहचान बनेगा। प्रशंसकों के लिए एक कविता के माध्यम से अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा… ‘आपका साथ मेरी ताकत है, आपका विश्वास मेरी पहचान। मैदान में पसीना मेरा, पर जीत में आप सबका सम्मान।’ संघर्षों की भट्टी में तपकर कुंदन बना करियर (2019 से कॉमनवेल्थ तक का सफर) ​झंडू कुमार की यह सफलता रातों-रात नहीं मिली है। उनकी खेल यात्रा की शुरुआत वर्ष 2019 में हुई, जब वे ‘नालंदा पैरा स्पोर्ट्स एसोसिएशन’ के संपर्क में आए। यह वह दौर था जब संसाधन सीमित थे और चुनौतियां अपार थी। शुरुआती दौर में उन्हें कई कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। लेकिन, ग्रामीण परिवेश की कठिनाइयां उनके फौलादी इरादों को डिगा नहीं सकीं। वे लगातार पसीना बहाते रहे और प्रशिक्षण जारी रखा। ​उनकी इस अथक मेहनत का पहला बड़ा परिणाम वर्ष 2022 में सामने आया, जब उन्होंने अपना पहला महत्वपूर्ण पदक हासिल किया। यह पदक उनके लिए एक ‘टर्निंग पॉइंट’ साबित हुआ। इस सफलता के बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और उनकी कामयाबी का सिलसिला लगातार आगे बढ़ता गया। उन्होंने राज्य, राष्ट्रीय और फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर की विभिन्न प्रतियोगिताओं में एक के बाद एक पदक जीतकर खेल जगत में अपनी एक अलग पहचान स्थापित की, जिसका चरमोत्कर्ष कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक जीतना रहा। नालंदा लक्ष्य खेल अकादमी बनी मील का पत्थर ​वर्ष 2022 में हरनौत में स्थापित ‘नालंदा लक्ष्य खेल अकादमी’ झंडू कुमार के करियर के लिए एक प्रमुख मील का पत्थर साबित हुई। जब वे इस अकादमी से जुड़े, तो उन्हें न केवल बेहतर बुनियादी ढांचा मिला, बल्कि उच्च स्तरीय प्रशिक्षण, सही तकनीकी मार्गदर्शन और प्रतियोगिताओं के लिए पेशेवर तैयारी का एक शानदार मंच भी प्राप्त हुआ। इसी अकादमी के माध्यम से उनकी खेल प्रतिभा को तराशा गया। यहीं से उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए खुद को तैयार किया और आखिरकार कॉमनवेल्थ गेम्स के पोडियम तक का सफर तय किया। वर्तमान में, अपने खेल को और अधिक निखारने के लिए झंडू कुमार जुलाई 2024 से गुजरात के गांधीनगर स्थित प्रतिष्ठित राष्ट्रीय प्रशिक्षण केंद्र में कड़ा अभ्यास कर रहे हैं। वहां वे जाने-माने कोच रहेलू कर के विशेषज्ञ मार्गदर्शन में अपनी आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी कर रहे हैं। कोच और मेंटर का मिला भरपूर साथ ​किसी भी खिलाड़ी की सफलता के पीछे उसके गुरुओं और प्रशिक्षकों का अहम योगदान होता है। झंडू कुमार की इस गौरवशाली यात्रा में 2019 से ही कोच एवं ‘नालंदा पैरा स्पोर्ट्स एसोसिएशन’ के सचिव कुंदन कुमार पांडेय का लगातार और सबसे महत्वपूर्ण योगदान रहा है। एसोसिएशन से जुड़ने के पहले दिन से ही कुंदन पांडेय ने झंडू का साथ दिया। उन्हें खेल की बारीकियां सिखाईं, प्रतियोगिताओं की रणनीति बनाई और मानसिक रूप से मजबूत किया। ​कुंदन कुमार पांडेय ने इस अवसर पर कहा कि झंडू कुमार की सफलता किसी एक दिन के चमत्कार या रातों-रात मिली कामयाबी का परिणाम नहीं है। यह वर्ष 2019 से लेकर आज तक लगातार चले आ रहे उनके कठोर संघर्ष, कठोर प्रशिक्षण, कड़े अनुशासन और कई लोगों के सामूहिक सहयोग का मीठा फल है। उन्होंने जिस तरह पदकों की झड़ी लगाते हुए कॉमनवेल्थ तक का सफर तय किया है, वह पूरे नालंदा और बिहार के लिए गर्व की बात है। इसके साथ ही, झंडू कुमार के करियर के शुरुआती और सबसे नाजुक दौर में उनकी फिटनेस को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने में ‘द रॉकस्टार’ के संस्थापक एवं जिम ट्रेनर गौतम सिंह का भी अमूल्य योगदान रहा। वर्ष 2020 से लेकर 2024 तक गौतम सिंह ने झंडू की शारीरिक क्षमता, ताकत (स्ट्रेंथ) और फिटनेस पर विशेष ध्यान दिया। झंडू कुमार ने कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि मेरे शुरुआती वर्षों में गौतम सिंह जी का सहयोग बहुत अहम रहा। 2020 से 2024 तक उन्होंने मेरी फिटनेस को लेकर जिस तरह मेरा मार्गदर्शन किया, वह मेरे लिए हमेशा यादगार रहेगा। आज मैं जिस मुकाम पर खड़ा हूं, उसकी नींव में गौतम सर और कुंदन सर का पसीना भी शामिल है।
गोल्डी कुमारी के बाद झंडू का कमाल झंडू कुमार नालंदा जिले के दूसरे ऐसे भाग्यशाली और प्रतिभावान खिलाड़ी बन गए हैं, जिन्हें अपनी असाधारण खेल उपलब्धि के कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी से मिलने का विशेष गौरव प्राप्त हुआ है। इससे पहले, नालंदा की ही प्रतिभाशाली खिलाड़ी गोल्डी कुमारी को ‘प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार’ से सम्मानित होने के बाद पीएम से मुलाकात करने का अवसर मिला था।

झंडू कुमार ने इस ऐतिहासिक सफलता का श्रेय परिवार, कोच कुंदन कुमार पांडेय, ट्रेनर गौतम सिंह, साथी खिलाड़ियों, ‘नालंदा पैरा स्पोर्ट्स एसोसिएशन’, ‘नालंदा लक्ष्य खेल अकादमी’, गांधीनगर प्रशिक्षण केंद्र के कोच रहेलू कर और हरनौत समेत पूरे नालंदा के खेल प्रेमियों को दिया है।
बधाई देने वालों का लगा तांता झंडू कुमार की इस कॉमनवेल्थ पदक उपलब्धि और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनकी इस गौरवपूर्ण मुलाकात पर पूरे जिले में जश्न का माहौल है। रवि कुमार, प्रमोद कुमार, डॉ. सुभाष कुमार, ज्ञानेश कुमार, सत्यनाम कबीर, विनय कुमार, चंदा कुमारी, संजू कुमारी, ओमप्रकाश पटेल, विकास कुमार, सीमा कुमारी, अमित पांडे, नालंदा लक्ष्य खेल अकादमी और नालंदा पैरा स्पोर्ट्स एसोसिएशन के पूरे परिवार ने उन्हें हार्दिक बधाई दी है। उनके और अधिक उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। 2019 का वह संघर्ष, 2022 का पहला पदक और अब प्रधानमंत्री से मुलाकात। झंडू कुमार की यह कहानी खेल इतिहास के पन्नों में सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गई है।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *