पटना में बंटी हत्याकांड में फरार आरोपी किन्नर मोनी के घर पुलिस ने इश्तिहार चिपकाया है। पुलिस ने करीब 20 मिनट ढोलक बजाकर आसपास के लोगों को बताया कि मोनी के खिलाफ कोर्ट से वारंट जारी हुआ है। अगर वो सरेंडर नहीं करता है तो मोनी के घर की कुर्की-जब्ती होगी। दरअसल, बंटी हत्याकांड की मुख्य वजह मोनी है। ये वही है जो सेक्स रैकेट चलाती थी। बंटी ने सक्स रैकेट का विरोध किया था, इसी कारण मोनी से बंटी का झगड़ा हुआ था। जिसके बाद मोनी ने घर में घुसकर बंटी को धमकी दी थी। 15 दिन बाद बंटी की हत्या कर दी। किन्नर समेत 3 हैं फरार केस के आईओ चंदन पूरे दलबल के साथ पहुंचे थे। उनके साथ संबंधित क्षेत्र के भी पुलिस पदाधिकारी मौजूद थे। तकरीबन 20 मिनट तक डुगडुगी बजाकर आसपास के लोगों को इश्तिहार की जानकारी दी गई। इसके बाद सभी लौट आए। बंटी यादव हत्याकांड में मोनी किन्नर समेत तीन आरोपी अभी भी फरार चल रहे हैं। हत्या के मुख्य आरोपी रवीश उर्फ बीसी का मोनी किन्नर से बेहतर संबंध है। हत्या की साजिश करने वालों में मोनी भी शामिल था। तेजस्वी ने मृतक के परिवार को 5 लाख का दिया था चेक इधर, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने गुरुवार को पटना में बंटी यादव हत्याकांड को लेकर सवाल उठाए। तेजस्वी यादव ने बंटी यादव के परिवार को 5 लाख रुपए की सहायता राशि का चेक सौंपा था। उन्होंने कहा कि बंटी के दोनों बच्चों की पढ़ाई का खर्च राजद उठाएगा। बंटी यादव की हत्या जिस तरह से की गई, उसे हम सब लोगों ने देखा है। उन्हें न्याय दिलाने के लिए हम लड़ाई लड़ेंगे और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। इस मामले को मेरी DGP और SP से बातचीत हुई है। हमारे सवाल उठाने के बाद कुछ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। कब और कैसे हुई थी हत्या, क्या है पूरा मामला… 6 जुलाई को पटना जंक्शन से हुई थी किडनैपिंग 6 जुलाई को बंटी का पटना जंक्शन के पास स्थित टाटा पार्क के पास से अपहरण कर लिया गया था। अपहरण के 5 दिन बाद (11 जुलाई) को उसका शव पटना से करीब 60Km दूर अथमलगोला में मिला था। पोस्टमॉर्टम में सामने आया था कि शरीर पर ईंट-पत्थर जैसे भारी चीजों से वार किया गया। चेहरे और हाथ को कुचा गया था। बंटी के दांए हाथ पर टैटू था। मर्डर के बाद बदमाशों ने उस टैटू को भी नुकीले चीज से गोदकर हटा दिया था। मर्डर के एक मुख्य आरोपी रवीश को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। जो किन्नर मोनी का दोस्त था। मोनी किन्नर समेत सूरज और शंकर अभी भी फरार हैं।
शराब धंधे में बंटी हिस्सा मांगता था पुलिस की पड़ताल में सामने आया था कि बंटी शराब तस्करी में रवीश और मोनी किन्नर से हिस्सा मांग रहा था, इसी विवाद को लेकर हत्या की थी। हालांकि परिजन ने आरोप लगाया था कि करबिगहिया इलाके में बड़े पैमाने पर सेक्स रैकेट चलाया जा रहा था। बंटी इसी का विरोध करता था, जिसके विवाद में उसकी हत्या कर दी गई। पटना में बंटी हत्याकांड में फरार आरोपी किन्नर मोनी के घर पुलिस ने इश्तिहार चिपकाया है। पुलिस ने करीब 20 मिनट ढोलक बजाकर आसपास के लोगों को बताया कि मोनी के खिलाफ कोर्ट से वारंट जारी हुआ है। अगर वो सरेंडर नहीं करता है तो मोनी के घर की कुर्की-जब्ती होगी। दरअसल, बंटी हत्याकांड की मुख्य वजह मोनी है। ये वही है जो सेक्स रैकेट चलाती थी। बंटी ने सक्स रैकेट का विरोध किया था, इसी कारण मोनी से बंटी का झगड़ा हुआ था। जिसके बाद मोनी ने घर में घुसकर बंटी को धमकी दी थी। 15 दिन बाद बंटी की हत्या कर दी। किन्नर समेत 3 हैं फरार केस के आईओ चंदन पूरे दलबल के साथ पहुंचे थे। उनके साथ संबंधित क्षेत्र के भी पुलिस पदाधिकारी मौजूद थे। तकरीबन 20 मिनट तक डुगडुगी बजाकर आसपास के लोगों को इश्तिहार की जानकारी दी गई। इसके बाद सभी लौट आए। बंटी यादव हत्याकांड में मोनी किन्नर समेत तीन आरोपी अभी भी फरार चल रहे हैं। हत्या के मुख्य आरोपी रवीश उर्फ बीसी का मोनी किन्नर से बेहतर संबंध है। हत्या की साजिश करने वालों में मोनी भी शामिल था। तेजस्वी ने मृतक के परिवार को 5 लाख का दिया था चेक इधर, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने गुरुवार को पटना में बंटी यादव हत्याकांड को लेकर सवाल उठाए। तेजस्वी यादव ने बंटी यादव के परिवार को 5 लाख रुपए की सहायता राशि का चेक सौंपा था। उन्होंने कहा कि बंटी के दोनों बच्चों की पढ़ाई का खर्च राजद उठाएगा। बंटी यादव की हत्या जिस तरह से की गई, उसे हम सब लोगों ने देखा है। उन्हें न्याय दिलाने के लिए हम लड़ाई लड़ेंगे और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। इस मामले को मेरी DGP और SP से बातचीत हुई है। हमारे सवाल उठाने के बाद कुछ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। कब और कैसे हुई थी हत्या, क्या है पूरा मामला… 6 जुलाई को पटना जंक्शन से हुई थी किडनैपिंग 6 जुलाई को बंटी का पटना जंक्शन के पास स्थित टाटा पार्क के पास से अपहरण कर लिया गया था। अपहरण के 5 दिन बाद (11 जुलाई) को उसका शव पटना से करीब 60Km दूर अथमलगोला में मिला था। पोस्टमॉर्टम में सामने आया था कि शरीर पर ईंट-पत्थर जैसे भारी चीजों से वार किया गया। चेहरे और हाथ को कुचा गया था। बंटी के दांए हाथ पर टैटू था। मर्डर के बाद बदमाशों ने उस टैटू को भी नुकीले चीज से गोदकर हटा दिया था। मर्डर के एक मुख्य आरोपी रवीश को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। जो किन्नर मोनी का दोस्त था। मोनी किन्नर समेत सूरज और शंकर अभी भी फरार हैं।
शराब धंधे में बंटी हिस्सा मांगता था पुलिस की पड़ताल में सामने आया था कि बंटी शराब तस्करी में रवीश और मोनी किन्नर से हिस्सा मांग रहा था, इसी विवाद को लेकर हत्या की थी। हालांकि परिजन ने आरोप लगाया था कि करबिगहिया इलाके में बड़े पैमाने पर सेक्स रैकेट चलाया जा रहा था। बंटी इसी का विरोध करता था, जिसके विवाद में उसकी हत्या कर दी गई।

