SFI कार्यकर्ता और स्कूल स्टाफ आमने-सामने:प्रतियोगी परीक्षा के नाम पर बांटी RSS की किताबें, बोले- स्टूडेंट्स पर जबरदस्ती थोपी जा रहा विचारधारा

SFI कार्यकर्ता और स्कूल स्टाफ आमने-सामने:प्रतियोगी परीक्षा के नाम पर बांटी RSS की किताबें, बोले- स्टूडेंट्स पर जबरदस्ती थोपी जा रहा विचारधारा

सीकर में शनिवार को छात्र संगठन SFI ने सरकाकरी स्कूलों में पहुंचकर कथिर रूप से RSS की किताबों से कराई जा रही प्रतियोगी परीक्षा का विरोध किया है। इस दौरान एसएफआई के कार्यकर्ता और स्कूल स्टाफ आमने-सामने हो गए। फिर पुलिस अधिकारियों ने पहुंचकर समझाइश की। एसएफआई प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र ढाका ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षा के नाम पर RSS की विचारधारा जबरदस्ती स्टूडेंट्स पर थोपी जा रही है। दरअसल, शनिवार को SFI प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र ढाका के नेतृत्व में सीकर की SK स्कूल पहुंचे थे, जहां कार्यकर्ताओं ने शिक्षा विभाग के नाम ज्ञापन देकर कथित रूप से होने वाली प्रतियोगी परीक्षा को रुकवाने की मांग की है। वहीं SFI कार्यकर्ताओं ने बाय गांव स्थित सरकारी पीएमश्री स्कूल पहुंचकर भी परीक्षा का विरोध किया। स्टूडेंट पर RSS की विचारधारा को जबरदस्ती थोपने का प्रयास SFI प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र ढाका ने कहा कि काफी दिनों से RSS के लोग सरकारी स्कूलों में अधिकारियों के साथ मिलकर RSS स्थापना के 100 साल होने पर एक कथित प्रतियोगी परीक्षा के नाम पर किताबें बांट रहे थे। इसके लिए हर स्टूडेंट से 30 रुपए भी लिए गए। इस तरह स्टूडेंट पर RSS की विचारधारा को जबरदस्ती थोपने का काम किया जा रहा है। ढाका ने कहा कि आज उन किताबों से संबंधित परीक्षा का आयोजन किया जाना था, लेकिन इससे पहले छात्र संगठन SFI ने इसका विरोध करते हुए परीक्षा रोकने की मांग की है। SFI कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन देकर मांग की है कि इस तरह के सार्वजनिक शिक्षा के मंदिरों को RSS की प्रयोगशाला नहीं बनने देंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षा के मंदिरों में या सार्वजनिक उपक्रमों में जाति-धर्म की बात करने वालों और आजादी की लड़ाई में अंग्रेजों की मुखबिरी करने वाले लोगों के नाम का इतिहास पढ़ाने की मानसिकता को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। RSS की मानसिकता वाले स्कूल स्टाफ को बनाया जाएगा बंधक SFI ने ऐसी विचारधारा की परीक्षा रोकने की मांग की है, फिर भी अगर परीक्षा होती है तो स्कूलों के गेट की तालाबंदी की जाएगी, RSS की मानसिकता वाले स्कूल स्टाफ को बंधक बनाया जाएगा और शिक्षा विभाग का घेराव किया जाएगा। RSS की प्रतियोगी परीक्षा को रुकवाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। सीकर के SK सरकारी स्कूल में विरोध जताने वालों में जिलाध्यक्ष महिपाल सिंह गुर्जर, जिला सचिव राकेश मुवाल, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष राजू बिजारणिया, अमित कुमार शामिल थे। वहीं बाय गांव में सुरेंद्र सिंह रणवां, अशोक और विनोद‌ ने परीक्षा का विरोध किया।

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