जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट का सवाल:शहर को बंधक क्यों बनाया जाए, कॉकरोच जनता पार्टी बोली- इसे हमसे मत छीनिये

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट का सवाल:शहर को बंधक क्यों बनाया जाए, कॉकरोच जनता पार्टी बोली- इसे हमसे मत छीनिये

दिल्ली हाई कोर्ट ने शुक्रवार को जंतर-मंतर को प्रदर्शन और आंदोलन के लिए निर्धारित जगह बनाए रखने पर सवाल उठाए हैं। कोर्ट ने कहा कि राजधानी के बीचों-बीच होने वाले प्रदर्शनों के कारण पूरे शहर को बंधक क्यों बनाया जाना चाहिए। हाईकोर्ट की टिप्पणी पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने कहा- हमसे जंतर-मंतर नहीं छीना जाना चाहिए।
याचिका पर सुनवाई के दौरान कोर्ट की टिप्पणी कोर्ट ऑल इंडिया दलित क्रिश्चियन राइट्स प्रोटेक्शन कमेटी की याचिका पर सुनवाई कर रहा था। याचिका में दिल्ली पुलिस को 10 अगस्त को सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति देने का निर्देश देने की मांग की गई थी। संगठन ने यह भी कहा कि यदि जंतर-मंतर नहीं तो दिल्ली पुलिस किसी वैकल्पिक स्थान की अनुमति भी दे सकती है। शहर के अंदर प्रदर्शन क्यों -हाईकोर्ट इस पर जस्टिस अमित महाजन ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि व्यक्तिगत रूप से पूछूं तो शहर के अंदर प्रदर्शन क्यों होने चाहिए। हालांकि कानून-व्यवस्था पुलिस का काम है। उन्होंने दिल्ली पुलिस को शनिवार तकअनुमति पर फैसला कर अर्जी देने वाले को बताने को कहा। अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा ने बताया कि स्वतंत्रता दिवस नजदीक है और संबंधित इलाके में निषेधाज्ञा लागू है,इसलिए अनुमति नहीं दी जा रही। सुप्रीम कोर्ट में भी चल रहा है मामला 3 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने भी एक जनहित याचिका पर विचार करने पर सहमति जताई थी। इसमें कहा गया है कि राजधानी के बीच स्थित जंतर-मंतर अब प्रदर्शनों के लिए उपयुक्त जगह नहीं है, क्योंकि इससे निवासियों को परेशानी होती है और जरूरी सेवाएं बाधित होती हैं।
इंडिया गेट पहले ही बंद, अब इसे मत छीनिए इसी बीच, हाईकोर्ट की टिप्पणियों पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। पार्टी प्रवक्ता सौरव दास ने X पर लिखा कि इंडिया गेट पहले ही धरना-प्रदर्शनों के लिए बंद किया जा चुका है और अब जंतर-मंतर भी नहीं छीना जाना चाहिए।

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शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है। NEET पेपर लीक केस में उनके इस्तीफे की मांग करते हुए कॉकरोच जनता पार्टी पिछले 36 दिन से जंतर-मंतर पर धरना दे रही थी। शनिवार शाम करीब 8.15 बजे प्रधान के मंत्रालय का चार्ज प्रह्लाद जोशी को दे दिया गया है। जोशी खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण, ऊर्जा और उपभोक्ता मामलों के मंत्री हैं। पढ़ें पूरी खबर…

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