इटली के फैबियो कोबोली ने करियर में पहली बार किसी ग्रैंड स्लैम के फाइनल में जगह बनाई है। फ्रेंच ओपन 2026 के मेंस सिंगल्स सेमीफाइनल से पहले उनके विरोधी माटेओ अर्नाल्डी ने बीमारी के कारण नाम वापस ले लिया, जिससे कोबोली को वॉकओवर मिल गया। 10वें सीड कोबोली का सामना अब रविवार के खिताबी मुकाबले में जर्मनी के अलेक्जेंडर ज्वेरेव से होगा। ज्वेरेव ने चेक रिपब्लिक के याकूब मेन्सिका को हराया। इस जीत के साथ उन्होंने करियर में दूसरी बार रोलां गैरो के फाइनल में जगह बनाई। वायरल इन्फेक्शन के कारण हटे अर्नाल्डी, करियर का पहला सेमीफाइनल नहीं खेल पाए इटली के माटेओ अर्नाल्डी वायरल इन्फेक्शन (पेट की खराबी) के कारण अपने करियर के पहले ग्रैंड स्लैम सेमीफाइनल से हट गए। उन्होंने बताया कि तबीयत अचानक बिगड़ने से वे कोर्ट पर उतरने की स्थिति में नहीं थे। उनके हटने से कोबोली का फाइनल का रास्ता साफ हो गया। अर्नाल्डी बोले- रात 1 बजे से उल्टी हो रही थी, मैं कुछ भी खा-पी नहीं पा रहा हूं मैच से हटने के बाद अर्नाल्डी ने कहा,’मैं ऐसा बिल्कुल नहीं करना चाहता था। कल रात से ही मुझे अस्वस्थ महसूस होने लगा था और डिनर के समय मेरे पेट में दिक्कत शुरू हो गई थी। इसके बाद रात को करीब 1 बजे मेरी आंख खुली और मुझे उल्टियां होने लगीं।’ उन्होंने आगे बताया,’मैं रातभर बिल्कुल सो नहीं सका। सुबह 6 से 7 बजे के बीच मुझे फिर से उल्टी हुई, जिसके बाद हमने डॉक्टर को कमरे पर बुलाया और उन्होंने मुझे कुछ दवाइयां दीं। लेकिन आज पूरे दिन मेरी हालत ऐसी रही कि मैं कुछ भी खा या पी नहीं पा रहा हूं, जब भी कुछ लेता हूं तो मुझे तुरंत वॉशरूम भागना पड़ रहा है।” एलियासिमे को हराकर सेमीफाइनल में पहुंचे थे कोबोली बेहतरीन फॉर्म में चल रहे फैबियो कोबोली ने चौथी वरीयता प्राप्त फेलिक्स ऑगर-एलियासिमे को चार सेट तक चले कड़े मुकाबले में हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई थी। सेमीफाइनल में उनका मुकाबला अर्नाल्डी से होना था, लेकिन वॉकओवर मिलने से वे सीधे फाइनल में पहुंच गए हैं। अर्नाल्डी को भी पिछले राउंड में वॉकओवर मिला था माटेओ अर्नाल्डी पिछले राउंड (क्वार्टर फाइनल) में वॉकओवर पाकर यहां तक पहुंचे थे। कोर्ट फिलिप-चैटियर पर खेले गए मैच में इटली के माटेओ बेरेटिनी 5-7, 2-5 से पीछे थे, तब उन्होंने चोट या अन्य वजहों से मैच बीच में छोड़ दिया था। लेकिन सेमीफाइनल में बीमारी के कारण अर्नाल्डी को बाहर होना पड़ा। ज्वेरेव ने मेन्सिका को चार सेट के मुकाबले में हराया ज्वेरेव और मेन्सिका के बीच दूसरा सेमीफाइनल चार सेट तक चला। ज्वेरेव ने 20 साल के याकूब मेन्सिका को 7-5, 6-2, 3-6, 6-3 से हराया। उन्होंने पहले दो सेट आसानी से जीते, लेकिन तीसरे सेट में मेन्सिका ने 6-3 से जीत दर्ज की। इसके बावजूद ज्वेरेव ने चौथा सेट 6-3 से जीतकर संडे के फाइनल में जगह बना ली। यह उनके करियर का चौथा ग्रैंड स्लैम फाइनल होगा। ज्वेरेव ने पूरे टूर्नामेंट में सिर्फ दो सेट गंवाए इस बार फ्रेंच ओपन में खिताब के बड़े दावेदार यानिक सिनर और नोवाक जोकोविच जल्दी बाहर हो गए थे। इसके बाद ज्वेरेव का रास्ता कुछ आसान हुआ, लेकिन फाइनल तक पहुंचने के लिए उन्हें लगातार टॉप लेवल प्रदर्शन करना पड़ा। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में दबदबा बनाए रखा और फाइनल की राह में खेले 6 मैचों में सिर्फ दो सेट गंवाए हैं। ———————————— स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… प्रज्ञानानंदा नॉर्वे चेस खिताब जीतने वाले पहले भारतीय बने:फाइनल राउंड में जर्मनी के विन्सेंट को हराया; वर्ल्ड नंबर-1 कार्लसन को दो बार मात दी भारत के युवा ग्रैंडमास्टर आर. प्रज्ञानानंदा ने इतिहास रचते हुए नॉर्वे चेस 2026 का खिताब जीत लिया है। 20 साल के प्रज्ञानानंदा इस टूर्नामेंट को जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं। फाइनल राउंड में उन्होंने जर्मनी के विन्सेंट कीमर को हराकर यह उपलब्धि हासिल की। टूर्नामेंट के आखिरी दिन प्रज्ञानानंदा 15 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर थे। उन्होंने क्लासिकल मुकाबला जीतकर 3 अंक हासिल किए और कुल 18 अंकों के साथ खिताब अपने नाम कर लिया। पूरी खबर इटली के फैबियो कोबोली ने करियर में पहली बार किसी ग्रैंड स्लैम के फाइनल में जगह बनाई है। फ्रेंच ओपन 2026 के मेंस सिंगल्स सेमीफाइनल से पहले उनके विरोधी माटेओ अर्नाल्डी ने बीमारी के कारण नाम वापस ले लिया, जिससे कोबोली को वॉकओवर मिल गया। 10वें सीड कोबोली का सामना अब रविवार के खिताबी मुकाबले में जर्मनी के अलेक्जेंडर ज्वेरेव से होगा। ज्वेरेव ने चेक रिपब्लिक के याकूब मेन्सिका को हराया। इस जीत के साथ उन्होंने करियर में दूसरी बार रोलां गैरो के फाइनल में जगह बनाई। वायरल इन्फेक्शन के कारण हटे अर्नाल्डी, करियर का पहला सेमीफाइनल नहीं खेल पाए इटली के माटेओ अर्नाल्डी वायरल इन्फेक्शन (पेट की खराबी) के कारण अपने करियर के पहले ग्रैंड स्लैम सेमीफाइनल से हट गए। उन्होंने बताया कि तबीयत अचानक बिगड़ने से वे कोर्ट पर उतरने की स्थिति में नहीं थे। उनके हटने से कोबोली का फाइनल का रास्ता साफ हो गया। अर्नाल्डी बोले- रात 1 बजे से उल्टी हो रही थी, मैं कुछ भी खा-पी नहीं पा रहा हूं मैच से हटने के बाद अर्नाल्डी ने कहा,’मैं ऐसा बिल्कुल नहीं करना चाहता था। कल रात से ही मुझे अस्वस्थ महसूस होने लगा था और डिनर के समय मेरे पेट में दिक्कत शुरू हो गई थी। इसके बाद रात को करीब 1 बजे मेरी आंख खुली और मुझे उल्टियां होने लगीं।’ उन्होंने आगे बताया,’मैं रातभर बिल्कुल सो नहीं सका। सुबह 6 से 7 बजे के बीच मुझे फिर से उल्टी हुई, जिसके बाद हमने डॉक्टर को कमरे पर बुलाया और उन्होंने मुझे कुछ दवाइयां दीं। लेकिन आज पूरे दिन मेरी हालत ऐसी रही कि मैं कुछ भी खा या पी नहीं पा रहा हूं, जब भी कुछ लेता हूं तो मुझे तुरंत वॉशरूम भागना पड़ रहा है।” एलियासिमे को हराकर सेमीफाइनल में पहुंचे थे कोबोली बेहतरीन फॉर्म में चल रहे फैबियो कोबोली ने चौथी वरीयता प्राप्त फेलिक्स ऑगर-एलियासिमे को चार सेट तक चले कड़े मुकाबले में हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई थी। सेमीफाइनल में उनका मुकाबला अर्नाल्डी से होना था, लेकिन वॉकओवर मिलने से वे सीधे फाइनल में पहुंच गए हैं। अर्नाल्डी को भी पिछले राउंड में वॉकओवर मिला था माटेओ अर्नाल्डी पिछले राउंड (क्वार्टर फाइनल) में वॉकओवर पाकर यहां तक पहुंचे थे। कोर्ट फिलिप-चैटियर पर खेले गए मैच में इटली के माटेओ बेरेटिनी 5-7, 2-5 से पीछे थे, तब उन्होंने चोट या अन्य वजहों से मैच बीच में छोड़ दिया था। लेकिन सेमीफाइनल में बीमारी के कारण अर्नाल्डी को बाहर होना पड़ा। ज्वेरेव ने मेन्सिका को चार सेट के मुकाबले में हराया ज्वेरेव और मेन्सिका के बीच दूसरा सेमीफाइनल चार सेट तक चला। ज्वेरेव ने 20 साल के याकूब मेन्सिका को 7-5, 6-2, 3-6, 6-3 से हराया। उन्होंने पहले दो सेट आसानी से जीते, लेकिन तीसरे सेट में मेन्सिका ने 6-3 से जीत दर्ज की। इसके बावजूद ज्वेरेव ने चौथा सेट 6-3 से जीतकर संडे के फाइनल में जगह बना ली। यह उनके करियर का चौथा ग्रैंड स्लैम फाइनल होगा। ज्वेरेव ने पूरे टूर्नामेंट में सिर्फ दो सेट गंवाए इस बार फ्रेंच ओपन में खिताब के बड़े दावेदार यानिक सिनर और नोवाक जोकोविच जल्दी बाहर हो गए थे। इसके बाद ज्वेरेव का रास्ता कुछ आसान हुआ, लेकिन फाइनल तक पहुंचने के लिए उन्हें लगातार टॉप लेवल प्रदर्शन करना पड़ा। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में दबदबा बनाए रखा और फाइनल की राह में खेले 6 मैचों में सिर्फ दो सेट गंवाए हैं। ———————————— स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… प्रज्ञानानंदा नॉर्वे चेस खिताब जीतने वाले पहले भारतीय बने:फाइनल राउंड में जर्मनी के विन्सेंट को हराया; वर्ल्ड नंबर-1 कार्लसन को दो बार मात दी भारत के युवा ग्रैंडमास्टर आर. प्रज्ञानानंदा ने इतिहास रचते हुए नॉर्वे चेस 2026 का खिताब जीत लिया है। 20 साल के प्रज्ञानानंदा इस टूर्नामेंट को जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं। फाइनल राउंड में उन्होंने जर्मनी के विन्सेंट कीमर को हराकर यह उपलब्धि हासिल की। टूर्नामेंट के आखिरी दिन प्रज्ञानानंदा 15 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर थे। उन्होंने क्लासिकल मुकाबला जीतकर 3 अंक हासिल किए और कुल 18 अंकों के साथ खिताब अपने नाम कर लिया। पूरी खबर
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