कर्नाटक कैबिनेट में हो सकते है बड़े बदलाव, वीरप्पा मोइली ने सत्ता-विरोधी लहर रोकने के लिए इसे बताया जरूरी

कर्नाटक कैबिनेट में हो सकते है बड़े बदलाव, वीरप्पा मोइली ने सत्ता-विरोधी लहर रोकने के लिए इसे बताया जरूरी

Karnataka Congress: कर्नाटक में सत्ता परिवर्तन के बाद कैबिनेट बदलाव की चर्चाएं तेज हो गई है। इसी बीच शुक्रवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एम. वीरप्पा मोइली ने कहा कि राज्य में सत्ता-विरोधी माहौल से निपटने और पार्टी में नई ऊर्जा लाने के लिए मंत्रिमंडल में बदलाव जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि नए चेहरों को मौका देने से सरकार और संगठन दोनों को फायदा होगा। मोइली ने कहा कि बदलाव हमेशा अच्छा होता है। कई विधायक और विधान परिषद सदस्य सरकार में काम करना चाहते हैं। अगर सिद्धरामय्या मुख्यमंत्री बने रहते, तब भी मंत्रिमंडल में बदलाव होते। इसलिए नए चेहरों का आना पार्टी और जनता दोनों के लिए बेहतर होगा।

नए लोगों को लेने से जनता में सकारात्मक संदेश जाएगा

मोइली ने आगे कहा कि लंबे समय तक एक ही मंत्री और एक जैसे चेहरे बने रहने से सत्ता-विरोधी भावना पैदा होती है। ऐसे में नए लोगों को शामिल करने से जनता में सकारात्मक संदेश जाएगा और सरकार के प्रति समर्थन बना रहेगा। उन्होंने आगे कहा कि नई कैबिनेट प्रशासनिक दक्षता को बेहतर बनाने में मदद करेगी और सरकार को जनता से बेहतर जुड़ाव बनाए रखने का अवसर मिलेगा। उनके अनुसार, नए चेहरों को शामिल करने से सरकार के कामकाज में नई सोच और ऊर्जा आएगी।

कांग्रेस को अनुभवी और सक्षम नेताओं की जरूरत

राज्यसभा में कर्नाटक के प्रतिनिधित्व को लेकर उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अनुभवी और सक्षम नेताओं की जरूरत है, क्योंकि पार्टी फिलहाल केंद्र की सत्ता में नहीं है। उन्होंने कहा कि संसद के उच्च सदन में ऐसे नेताओं का होना जरूरी है जो राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी तरीके से पार्टी और राज्य की बात रख सकें। उन्होंने कहा कि अनुभव और प्रतिभा दोनों जरूरी हैं। कांग्रेस हाई कमान इन सभी पहलुओं पर विचार करेगा, ताकि राज्यसभा में कर्नाटक और कांग्रेस का मजबूत प्रतिनिधित्व सुनिश्चित हो सके।

नेतृत्व परिवर्तन को लेकर भाजपा ने कांग्रेस पर हमला बोला

राज्य में नेतृत्व परिवर्तन के बीच भाजपा ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने कहा कि कांग्रेस अब दो गुटों, सिद्धरामय्या और डी.के. शिवकुमार, में बंट चुकी है। अशोक ने कहा, कि सिद्धरामय्या पूरी तरह विफल रहे हैं और शिवकुमार का गुट यह लड़ाई जीत गया है। अब नए मुख्यमंत्री शिवकुमार होंगे। लेकिन सरकार में कुछ भी बदलने वाला नहीं है। भ्रष्टाचार जारी रहेगा और विकास नहीं होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सिद्धरामय्या के नेतृत्व में कांग्रेस सरकार विकास देने में नाकाम रही और केवल भ्रष्टाचार बढ़ा। उनका कहना था कि राज्य की आर्थिक स्थिति भी खराब है और आने वाले समय में भ्रष्टाचार और बढ़ेगा।

सिद्धरामय्या बुरे थे और शिवकुमार उनसे भी ज्यादा बुरे

भाजपा नेता ने कहा कि हर जिले में भ्रष्टाचार शुरू हो जाएगा। सिद्धरामय्या बुरे थे और शिवकुमार उनसे भी ज्यादा बुरे हैं। वहीं, केंद्रीय राज्य मंत्री और भाजपा नेता शोभा करंदलाजे ने कहा कि राज्य में सरकार जैसी कोई स्थिति नहीं है और पिछले तीन वर्षों से कांग्रेस के भीतर सत्ता संघर्ष चल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रही खींचतान के कारण सरकार प्रशासन पर ध्यान नहीं दे सकी। शोभा करंदलाजे ने कहा, वे जिलों में समीक्षा बैठकें तक नहीं कर रहे थे। पिछले एक साल से केवल कुर्सी की लड़ाई चल रही थी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *