गयाजी में ईद उल अजहा यानी बकरीद का पर्व पूरे उत्साह, उल्लास और भाईचारे के साथ मनाई गई। शहर से लेकर गांव तक सभी ईदगाहों और मस्जिदों में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने नमाज अदा कर देश में अमन-चैन, तरक्की और आपसी सौहार्द की दुआ मांगी। बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों में पर्व को लेकर खास उत्साह देखने को मिला। लोगों ने आपसी प्रेम और एकता का संदेश दिया। जिले के ऐतिहासिक गांधी मैदान में नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे से गले मिलकर बकरीद की मुबारकबाद दी। नमाज शुरू होने से पहले ही पूरा मैदान नमाजियों से भर गया था। नमाजियों ने केवल अपने परिवार और समाज की खुशहाली के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे देश और दुनिया में शांति कायम रहने की भी दुआ की। लोगों से अमन-चैन और शांति की अपील स्थानीय ताबिश पटेल ने कहा कि बकरीद त्याग, बलिदान और इंसानियत का पर्व है। इस त्योहार का संदेश लोगों को एक-दूसरे के साथ प्रेम और भाईचारे के साथ रहने की प्रेरणा देता है। नमाज के दौरान देश की तरक्की, समाज की खुशहाली और लोगों की बेहतर जिंदगी के लिए दुआएं मांगी गईं, साथ ही दुनिया में चल रहे संघर्षों को समाप्त करने की भी अपील की गई। फैसल रहमानी ने कहा कि बकरीद केवल जानवर की कुर्बानी तक सीमित नहीं है, बल्कि इंसान को अपने अंदर के अहंकार, नफरत और बुराइयों की भी कुर्बानी देनी चाहिए। समाज में प्रेम, सहिष्णुता और भाईचारा सबसे जरूरी है। लोगों से अपील करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की नफरत फैलाने वाली बातों पर ध्यान नहीं देना चाहिए। समाज में शांति बनाए रखने में सभी को अपनी भूमिका निभानी चाहिए। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम गांधी मैदान के अलावा गया जामा मस्जिद, कर्बला में भी बड़ी संख्या में लोगों ने सामूहिक नमाज अदा की। इस मौके पर शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों में प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। सभी जगहों पर शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल देखने को मिला। पूरे शहर में बकरीद का त्योहार उत्साह, श्रद्धा और भाईचारे के साथ संपन्न हुआ। लोगों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर और गले मिलकर त्योहार की खुशियां बांटी। गयाजी में ईद उल अजहा यानी बकरीद का पर्व पूरे उत्साह, उल्लास और भाईचारे के साथ मनाई गई। शहर से लेकर गांव तक सभी ईदगाहों और मस्जिदों में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने नमाज अदा कर देश में अमन-चैन, तरक्की और आपसी सौहार्द की दुआ मांगी। बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों में पर्व को लेकर खास उत्साह देखने को मिला। लोगों ने आपसी प्रेम और एकता का संदेश दिया। जिले के ऐतिहासिक गांधी मैदान में नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे से गले मिलकर बकरीद की मुबारकबाद दी। नमाज शुरू होने से पहले ही पूरा मैदान नमाजियों से भर गया था। नमाजियों ने केवल अपने परिवार और समाज की खुशहाली के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे देश और दुनिया में शांति कायम रहने की भी दुआ की। लोगों से अमन-चैन और शांति की अपील स्थानीय ताबिश पटेल ने कहा कि बकरीद त्याग, बलिदान और इंसानियत का पर्व है। इस त्योहार का संदेश लोगों को एक-दूसरे के साथ प्रेम और भाईचारे के साथ रहने की प्रेरणा देता है। नमाज के दौरान देश की तरक्की, समाज की खुशहाली और लोगों की बेहतर जिंदगी के लिए दुआएं मांगी गईं, साथ ही दुनिया में चल रहे संघर्षों को समाप्त करने की भी अपील की गई। फैसल रहमानी ने कहा कि बकरीद केवल जानवर की कुर्बानी तक सीमित नहीं है, बल्कि इंसान को अपने अंदर के अहंकार, नफरत और बुराइयों की भी कुर्बानी देनी चाहिए। समाज में प्रेम, सहिष्णुता और भाईचारा सबसे जरूरी है। लोगों से अपील करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की नफरत फैलाने वाली बातों पर ध्यान नहीं देना चाहिए। समाज में शांति बनाए रखने में सभी को अपनी भूमिका निभानी चाहिए। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम गांधी मैदान के अलावा गया जामा मस्जिद, कर्बला में भी बड़ी संख्या में लोगों ने सामूहिक नमाज अदा की। इस मौके पर शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों में प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। सभी जगहों पर शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल देखने को मिला। पूरे शहर में बकरीद का त्योहार उत्साह, श्रद्धा और भाईचारे के साथ संपन्न हुआ। लोगों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर और गले मिलकर त्योहार की खुशियां बांटी।


