गिरिडीह जिले के पचंबा थाना पुलिस ने मानव तस्करी और देह व्यापार के बड़े रैकेट का भंडाफोड़ करने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने बोडो इलाके में छापेमारी कर बंधक बनाई गईं दो नाबालिग जुड़वां बहनों को सकुशल मुक्त करा लिया। इस नेटवर्क का संचालन करने वाली मुख्य महिला मास्टरमाइंड को पुलिस ने मुफस्सिल थाना क्षेत्र के सिरसिया से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी महिला शातिर तरीके से ग्रामीण इलाकों की गरीब लड़कियों को शहर में अच्छी नौकरी दिलाने का झांसा देकर बुलाती थी। इसके बाद उन्हें ठिकानों पर बंधक बनाकर जबरन इस घिनौने दलदल में धकेल दिया जाता था। पुलिस को इस काले धंधे की भनक तब लगी जब पीड़ितों ने फोन कर मदद मांगी। काम के बहाने बुलाकर बनाया बंधक मुक्त कराई गईं जुड़वां बहनों ने पुलिस को बताया कि उन्हें 15 दिनों से बोडो इलाके के एक कमरे में कैद रखा गया था। उन्हें काम दिलाने के बहाने गिरिडीह लाया गया था, लेकिन यहां आते ही उनसे जबरन अश्लील काम कराया जाने लगा। जब भी वे इसका विरोध करतीं, आरोपी महिला उनके साथ गाली-गलौज करती थी। उन्हें घर नहीं लौटने देती थी। मंगलवार को जब दोनों बहनों ने घर जाने की जिद की, तो आरोपी ने उन्हें कमरे में बंद कर दिया। इसके बाद लड़कियों ने साहस जुटाकर पुलिस को फोन किया। उन्होंने बताया कि उनके अलावा कई अन्य लड़कियों को भी नौकरी का लालच देकर यहां लाया जाता था। धंधा चलाने वाली महिला गई जेल पीड़ितों की सूचना पर पचंबा थाना प्रभारी राजीव कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बोडो में छापा मारा। पुलिस के आने की भनक मिलते ही आरोपी महिला भाग निकली, जिसे बाद में पुलिस ने सिरसिया से दबोच लिया। जांच में खुलासा हुआ कि महिला शातिर ढंग से एकांत इलाकों में किराए का कमरा लेकर यह धंधा चलाती थी। शक होने पर ठिकाना बदल लेती थी। थाना प्रभारी ने बताया कि दोनों लड़कियों को सुरक्षित बरामद कर लिया गया है। मामले की गहन जांच जारी है। गिरोह में शामिल अन्य चेहरों को बेनकाब करने के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है। गिरिडीह जिले के पचंबा थाना पुलिस ने मानव तस्करी और देह व्यापार के बड़े रैकेट का भंडाफोड़ करने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने बोडो इलाके में छापेमारी कर बंधक बनाई गईं दो नाबालिग जुड़वां बहनों को सकुशल मुक्त करा लिया। इस नेटवर्क का संचालन करने वाली मुख्य महिला मास्टरमाइंड को पुलिस ने मुफस्सिल थाना क्षेत्र के सिरसिया से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी महिला शातिर तरीके से ग्रामीण इलाकों की गरीब लड़कियों को शहर में अच्छी नौकरी दिलाने का झांसा देकर बुलाती थी। इसके बाद उन्हें ठिकानों पर बंधक बनाकर जबरन इस घिनौने दलदल में धकेल दिया जाता था। पुलिस को इस काले धंधे की भनक तब लगी जब पीड़ितों ने फोन कर मदद मांगी। काम के बहाने बुलाकर बनाया बंधक मुक्त कराई गईं जुड़वां बहनों ने पुलिस को बताया कि उन्हें 15 दिनों से बोडो इलाके के एक कमरे में कैद रखा गया था। उन्हें काम दिलाने के बहाने गिरिडीह लाया गया था, लेकिन यहां आते ही उनसे जबरन अश्लील काम कराया जाने लगा। जब भी वे इसका विरोध करतीं, आरोपी महिला उनके साथ गाली-गलौज करती थी। उन्हें घर नहीं लौटने देती थी। मंगलवार को जब दोनों बहनों ने घर जाने की जिद की, तो आरोपी ने उन्हें कमरे में बंद कर दिया। इसके बाद लड़कियों ने साहस जुटाकर पुलिस को फोन किया। उन्होंने बताया कि उनके अलावा कई अन्य लड़कियों को भी नौकरी का लालच देकर यहां लाया जाता था। धंधा चलाने वाली महिला गई जेल पीड़ितों की सूचना पर पचंबा थाना प्रभारी राजीव कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बोडो में छापा मारा। पुलिस के आने की भनक मिलते ही आरोपी महिला भाग निकली, जिसे बाद में पुलिस ने सिरसिया से दबोच लिया। जांच में खुलासा हुआ कि महिला शातिर ढंग से एकांत इलाकों में किराए का कमरा लेकर यह धंधा चलाती थी। शक होने पर ठिकाना बदल लेती थी। थाना प्रभारी ने बताया कि दोनों लड़कियों को सुरक्षित बरामद कर लिया गया है। मामले की गहन जांच जारी है। गिरोह में शामिल अन्य चेहरों को बेनकाब करने के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है।


