सहरसा प्रमंडल में आए तेज आंधी-तूफान ने जनजीवन के साथ-साथ बिजली व्यवस्था को भी बुरी तरह प्रभावित किया। अचानक बदले मौसम और तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर बिजली के पोल, तार और अन्य विद्युत उपकरण क्षतिग्रस्त हो गए। जिससे शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। हालांकि, विद्युत विभाग की तत्परता और लगातार मेहनत के कारण कुछ ही घंटों में अधिकांश इलाकों में बिजली सेवा बहाल कर दी गई। पेड़ गिरने से बिजली के तार टूटे जानकारी के अनुसार, शहरी क्षेत्र में हाई टेंशन (HT) के 2 और लो टेंशन (LT) के 3 पोल क्षतिग्रस्त हुए। ग्रामीण इलाकों में आंधी का असर अधिक देखने को मिला, जहाँ एचटी के 27 और एलटी के 25 पोल क्षतिग्रस्त हो गए। कई जगहों पर पेड़ गिरने से बिजली के तार टूट गए और लाइनें बाधित हो गईं, जिसके कारण लोगों को रातभर बिजली संकट का सामना करना पड़ा। युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य शुरू विद्युत कार्यपालक अभियंता ई. अमित कुमार ने बताया कि तूफान थमते ही विभागीय अधिकारी और कर्मियों की टीम मौके पर पहुँच गई। युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य शुरू कर दिया गया। कठिन मौसम और अंधेरे के बावजूद कर्मियों ने लगातार काम करते हुए बिजली व्यवस्था को सामान्य करने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने बताया कि शहर के टाउन क्षेत्र में लगभग पाँच घंटे के भीतर बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई। वहीं, दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक प्रयासों के बाद करीब दस घंटे के अंदर सेवा सुचारू कर दी गई। विभाग की ओर से क्षतिग्रस्त पोल बदलने, टूटे तारों को जोड़ने और फॉल्ट सुधारने का कार्य लगातार किया गया। खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतें विद्युत अभियंता ई. अमित कुमार ने कहा कि विभाग आपात परिस्थितियों से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क है। भविष्य में भी ऐसी घटनाओं के दौरान त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। विभाग ने उपभोक्ताओं से खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने और किसी भी विद्युत समस्या की सूचना तुरंत विभाग को देने की अपील की है। साथ ही, उपभोक्ताओं के सहयोग और धैर्य के लिए आभार भी जताया गया। सहरसा प्रमंडल में आए तेज आंधी-तूफान ने जनजीवन के साथ-साथ बिजली व्यवस्था को भी बुरी तरह प्रभावित किया। अचानक बदले मौसम और तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर बिजली के पोल, तार और अन्य विद्युत उपकरण क्षतिग्रस्त हो गए। जिससे शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। हालांकि, विद्युत विभाग की तत्परता और लगातार मेहनत के कारण कुछ ही घंटों में अधिकांश इलाकों में बिजली सेवा बहाल कर दी गई। पेड़ गिरने से बिजली के तार टूटे जानकारी के अनुसार, शहरी क्षेत्र में हाई टेंशन (HT) के 2 और लो टेंशन (LT) के 3 पोल क्षतिग्रस्त हुए। ग्रामीण इलाकों में आंधी का असर अधिक देखने को मिला, जहाँ एचटी के 27 और एलटी के 25 पोल क्षतिग्रस्त हो गए। कई जगहों पर पेड़ गिरने से बिजली के तार टूट गए और लाइनें बाधित हो गईं, जिसके कारण लोगों को रातभर बिजली संकट का सामना करना पड़ा। युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य शुरू विद्युत कार्यपालक अभियंता ई. अमित कुमार ने बताया कि तूफान थमते ही विभागीय अधिकारी और कर्मियों की टीम मौके पर पहुँच गई। युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य शुरू कर दिया गया। कठिन मौसम और अंधेरे के बावजूद कर्मियों ने लगातार काम करते हुए बिजली व्यवस्था को सामान्य करने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने बताया कि शहर के टाउन क्षेत्र में लगभग पाँच घंटे के भीतर बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई। वहीं, दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक प्रयासों के बाद करीब दस घंटे के अंदर सेवा सुचारू कर दी गई। विभाग की ओर से क्षतिग्रस्त पोल बदलने, टूटे तारों को जोड़ने और फॉल्ट सुधारने का कार्य लगातार किया गया। खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतें विद्युत अभियंता ई. अमित कुमार ने कहा कि विभाग आपात परिस्थितियों से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क है। भविष्य में भी ऐसी घटनाओं के दौरान त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। विभाग ने उपभोक्ताओं से खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने और किसी भी विद्युत समस्या की सूचना तुरंत विभाग को देने की अपील की है। साथ ही, उपभोक्ताओं के सहयोग और धैर्य के लिए आभार भी जताया गया।


