मऊ कलेक्ट्रेट में किसानों का प्रदर्शन:उचित मुआवजे की मांग को लेकर DM को ज्ञापन दिया, जमकर नारेबाजी की

मऊ जिले के कलेक्ट्रेट परिसर में मंगलवार को सैकड़ों किसानों ने प्रदर्शन किया। उन्होंने उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद द्वारा भूमि अधिग्रहण में उचित मुआवजा न दिए जाने का आरोप लगाया। प्रदर्शनकारी किसानों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जिलाधिकारी को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा। किसानों ने बताया कि ग्राम डाड़ी, रेवरीडीह, शहरोज, मेघई और मुहम्मदपुर शहरोज के किसानों की कृषि भूमि अधिग्रहित की जा रही है। उनका आरोप है कि इस प्रक्रिया में “भूमि अधिग्रहण, पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम-2013” का सही ढंग से पालन नहीं किया गया है। ज्ञापन में किसानों ने आरोप लगाया कि भूमि अधिग्रहण से पहले उनकी सहमति नहीं ली गई। इसके अतिरिक्त, सामाजिक प्रभाव आकलन (Social Impact Assessment) और सार्वजनिक सुनवाई की प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से नहीं की गई। अधिग्रहण से संबंधित सूचनाएं और अभिलेख भी सभी प्रभावित किसानों तक नहीं पहुंचाए गए। किसानों ने यह भी कहा कि उनकी आपत्तियों और सुझावों को सुनने तथा उनका निस्तारण करने की वैधानिक प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। मुआवजे की दरों के संबंध में भी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है, जिससे उनमें असुरक्षा और भ्रम की स्थिति बनी हुई है। प्रदर्शनकारी किसानों ने मांग की है कि वर्तमान सर्किल रेट और अधिनियम-2013 के प्रावधानों के अनुसार उचित प्रतिकर निर्धारित किया जाए। उन्होंने पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन (RR) से जुड़ी सुविधाओं और लाभों की स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराने की भी मांग की। ज्ञापन में किसानों ने अधिनियम के तहत निर्धारित सर्वोत्तम भू-प्रतिकर, आजीविका समाप्त होने पर मिलने वाले लाभ, पुनर्वास सहायता और ब्याज सहित समस्त देय राशि का नियमानुसार आकलन कर उन्हें प्रदान करने की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि इसकी एक प्रति प्रथम अपीलीय अधिकारी (डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट आर्बिट्रेशन) को भी भेजी जाए। किसानों ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायपूर्ण मुआवजा दिलाने की मांग की है।

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