बेगूसराय में ATM से पैसे निकालने गई एक महिला को शातिर ठगों ने अपनी चालबाजी का शिकार बना लिया। ठगों ने एटीएम मशीन में तकनीकी छेड़छाड़ कर महिला का कार्ड फंसा दिया और मदद के बहाने उनके खाते से करीब 22,500 रुपये उड़ा लिए। पीड़िता ने बताया कि अपने बच्चों के साथ पैसे निकालने जीडी कॉलेज रोड में बजरंग चौक के समीप स्थित एसबीआई के एटीएम में पहुंची थी। जैसे ही उन्होंने मशीन में अपना एटीएम कार्ड डाला, वह अंदर ही फंस गया। कार्ड न तो बाहर आ रहा था और न ही अंदर जा रहा था। महिला घबरा गई और कार्ड निकालने की कोशिश करने लगी। ‘आपका कार्ड फंस गया है, इसे खींचिए मत’ तभी वहां पहले से घात लगाए खड़ा एक युवक मदद के बहाने आगे आया। उसने महिला प्रमिला देवी से कहा कि आपका कार्ड फंस गया है, इसे खींचिए मत। इसके बाद उसने एटीएम के केबिन में लगे एक पर्चे की ओर इशारा किया, जिस पर एक कथित हेल्पलाइन नंबर लिखा हुआ था। युवक के कहने पर प्रमिला देवी ने उस नंबर पर कॉल किया। फोन उठाने वाले व्यक्ति ने खुद को बैंक का अधिकारी बताया और महिला को झांसा दिया कि वह पास के ही मीरगंज दुर्गा स्थान के समीप स्थित एक दूसरे बैंक की शाखा के पास आ जाए, वहीं उनका एटीएम कार्ड सुरक्षित रखा है। जब महिला वहां पहुंची, तो बताया गया कि 24 घंटे बाद ही वह अपने कार्ड का इस्तेमाल कर पाएंगी। वहां से वापस एसबीआई के एटीएम पर पहुंची तो उसका कार्ड गायब था। तब जाकर उसे अपनी ठगी का अहसास हुआ। ‘अंदर सीसीटीवी क्यों लगा है, पता लगाएं कि मेरा कार्ड कौन निकालकर भागा’ ट्रू-कॉलर (Truecaller) पर जांच करने पर वह नंबर साफ तौर पर Fraud (फ्रॉड) के नाम से दिखाई दे रहा था। जालसाजों ने महिला की घबराहट का फायदा उठाकर उनका पिन देख लिया था और कार्ड फंसने का नाटक कर महिला के हटते ही 22500 रुपए की निकासी कर ली। इस दौरान पीड़िता ने रोते हुए पुलिस और प्रशासनिक हेल्पलाइन की व्यवस्था पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रमिला देवी ने बताया कि जब मेरे साथ ठगी हुई तो तुरंत 112 नंबर पर फोन लगाया, लेकिन फोन नहीं उठा। इसके बाद एटीएम केबिन के अंदर एक बोर्ड पर रतनपुर थाना का नंबर- 9065523018 लिखा हुआ था, मैंने उस पर भी कई बार कॉल किया, लेकिन वह नंबर भी नहीं लगा। रतनपुर थाना की गश्ती टीम को बुलाकर लाए तो मदद करने के बदले हम पर ही दोष मढ़ दिया और कहा कि खुद की गलती है। अंदर सीसीटीवी (CCTV) क्यों लगा है, उसकी जांच करके पता लगाया जाए कि मेरा कार्ड कौन निकालकर भागा। ठगी करने वाले आरोपियों ने अपने चेहरे नहीं ढके हुए थे। वे बिना किसी खौफ के खुले चेहरे के साथ एटीएम के आसपास घूम रहे थे। घटना के बाद पीड़िता ने बताया कि वह थाना नहीं जा पाई थी। लेकिन उन्होंने मौके से ही फोन के जरिए पुलिस से संपर्क करने की पूरी कोशिश की थी, जिसमें उन्हें निराशा हाथ लगी। एटीएम के बगल में दुकान चलाने वाले एक दुकानदार ने बताया कि जब से एसबीआई का एटीएम यहां लगा है, कोई गार्ड नहीं रहता है। जिसके कारण करीब 20 लोगों का कार्ड फंसाकर इस तरह की जालसाजी की जा चुकी है। लेकिन बैंक प्रबंधन कोई एक्शन नहीं ले रहा है। या तो यहां गार्ड की व्यवस्था हो या एटीएम बंद कर दिया जाए। जिससे गरीब बर्बाद होने से बच सकें। ATM इस्तेमाल करते समय बरतें सावधानी अजनबी पर भरोसा न करें- एटीएम केबिन के भीतर किसी भी अनजान व्यक्ति को अपने पास न आने दें और न ही मदद लें। पिन हमेशा छिपाकर दर्ज करें- कीपैड पर अपना पिन डालते समय उसे दूसरे हाथ से ढक लें। मशीन की जांच करें- कार्ड स्लॉट को हमेशा देख लें कि उसमें कोई अतिरिक्त प्लास्टिक या टेप तो नहीं लगा है। आधिकारिक नंबर का ही उपयोग करें- एटीएम केबिन में किसी कागज या अनाधिकृत बोर्ड पर लिखे नंबर पर भरोसा न करें। बैंक का आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर हमेशा आपके एटीएम कार्ड के पीछे या बैंक की आधिकारिक वेबसाइट पर होता है। तुरंत कार्ड ब्लॉक कराएं- यदि कार्ड फंस जाता है, तो किसी के झांसे में आने के बजाय तुरंत अपने आधिकारिक बैंक ऐप या कस्टमर केयर नंबर पर कॉल करके कार्ड ब्लॉक कराएं। बेगूसराय में ATM से पैसे निकालने गई एक महिला को शातिर ठगों ने अपनी चालबाजी का शिकार बना लिया। ठगों ने एटीएम मशीन में तकनीकी छेड़छाड़ कर महिला का कार्ड फंसा दिया और मदद के बहाने उनके खाते से करीब 22,500 रुपये उड़ा लिए। पीड़िता ने बताया कि अपने बच्चों के साथ पैसे निकालने जीडी कॉलेज रोड में बजरंग चौक के समीप स्थित एसबीआई के एटीएम में पहुंची थी। जैसे ही उन्होंने मशीन में अपना एटीएम कार्ड डाला, वह अंदर ही फंस गया। कार्ड न तो बाहर आ रहा था और न ही अंदर जा रहा था। महिला घबरा गई और कार्ड निकालने की कोशिश करने लगी। ‘आपका कार्ड फंस गया है, इसे खींचिए मत’ तभी वहां पहले से घात लगाए खड़ा एक युवक मदद के बहाने आगे आया। उसने महिला प्रमिला देवी से कहा कि आपका कार्ड फंस गया है, इसे खींचिए मत। इसके बाद उसने एटीएम के केबिन में लगे एक पर्चे की ओर इशारा किया, जिस पर एक कथित हेल्पलाइन नंबर लिखा हुआ था। युवक के कहने पर प्रमिला देवी ने उस नंबर पर कॉल किया। फोन उठाने वाले व्यक्ति ने खुद को बैंक का अधिकारी बताया और महिला को झांसा दिया कि वह पास के ही मीरगंज दुर्गा स्थान के समीप स्थित एक दूसरे बैंक की शाखा के पास आ जाए, वहीं उनका एटीएम कार्ड सुरक्षित रखा है। जब महिला वहां पहुंची, तो बताया गया कि 24 घंटे बाद ही वह अपने कार्ड का इस्तेमाल कर पाएंगी। वहां से वापस एसबीआई के एटीएम पर पहुंची तो उसका कार्ड गायब था। तब जाकर उसे अपनी ठगी का अहसास हुआ। ‘अंदर सीसीटीवी क्यों लगा है, पता लगाएं कि मेरा कार्ड कौन निकालकर भागा’ ट्रू-कॉलर (Truecaller) पर जांच करने पर वह नंबर साफ तौर पर Fraud (फ्रॉड) के नाम से दिखाई दे रहा था। जालसाजों ने महिला की घबराहट का फायदा उठाकर उनका पिन देख लिया था और कार्ड फंसने का नाटक कर महिला के हटते ही 22500 रुपए की निकासी कर ली। इस दौरान पीड़िता ने रोते हुए पुलिस और प्रशासनिक हेल्पलाइन की व्यवस्था पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रमिला देवी ने बताया कि जब मेरे साथ ठगी हुई तो तुरंत 112 नंबर पर फोन लगाया, लेकिन फोन नहीं उठा। इसके बाद एटीएम केबिन के अंदर एक बोर्ड पर रतनपुर थाना का नंबर- 9065523018 लिखा हुआ था, मैंने उस पर भी कई बार कॉल किया, लेकिन वह नंबर भी नहीं लगा। रतनपुर थाना की गश्ती टीम को बुलाकर लाए तो मदद करने के बदले हम पर ही दोष मढ़ दिया और कहा कि खुद की गलती है। अंदर सीसीटीवी (CCTV) क्यों लगा है, उसकी जांच करके पता लगाया जाए कि मेरा कार्ड कौन निकालकर भागा। ठगी करने वाले आरोपियों ने अपने चेहरे नहीं ढके हुए थे। वे बिना किसी खौफ के खुले चेहरे के साथ एटीएम के आसपास घूम रहे थे। घटना के बाद पीड़िता ने बताया कि वह थाना नहीं जा पाई थी। लेकिन उन्होंने मौके से ही फोन के जरिए पुलिस से संपर्क करने की पूरी कोशिश की थी, जिसमें उन्हें निराशा हाथ लगी। एटीएम के बगल में दुकान चलाने वाले एक दुकानदार ने बताया कि जब से एसबीआई का एटीएम यहां लगा है, कोई गार्ड नहीं रहता है। जिसके कारण करीब 20 लोगों का कार्ड फंसाकर इस तरह की जालसाजी की जा चुकी है। लेकिन बैंक प्रबंधन कोई एक्शन नहीं ले रहा है। या तो यहां गार्ड की व्यवस्था हो या एटीएम बंद कर दिया जाए। जिससे गरीब बर्बाद होने से बच सकें। ATM इस्तेमाल करते समय बरतें सावधानी अजनबी पर भरोसा न करें- एटीएम केबिन के भीतर किसी भी अनजान व्यक्ति को अपने पास न आने दें और न ही मदद लें। पिन हमेशा छिपाकर दर्ज करें- कीपैड पर अपना पिन डालते समय उसे दूसरे हाथ से ढक लें। मशीन की जांच करें- कार्ड स्लॉट को हमेशा देख लें कि उसमें कोई अतिरिक्त प्लास्टिक या टेप तो नहीं लगा है। आधिकारिक नंबर का ही उपयोग करें- एटीएम केबिन में किसी कागज या अनाधिकृत बोर्ड पर लिखे नंबर पर भरोसा न करें। बैंक का आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर हमेशा आपके एटीएम कार्ड के पीछे या बैंक की आधिकारिक वेबसाइट पर होता है। तुरंत कार्ड ब्लॉक कराएं- यदि कार्ड फंस जाता है, तो किसी के झांसे में आने के बजाय तुरंत अपने आधिकारिक बैंक ऐप या कस्टमर केयर नंबर पर कॉल करके कार्ड ब्लॉक कराएं।


