‘कानपुर की काशी’ कहे जाने वाले बाबा आनंदेश्वर मंदिर (परमट) परिसर में आज गंगा दशहरा का पावन पर्व बेहद अनूठे और भव्य अंदाज में मनाया गया। इस खास मौके पर मंदिर के आचार्यों और पुजारियों ने पूरे विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मां गंगा का भव्य अभिषेक किया। इस दौरान जूना अखाड़े के संतों और हजारों की संख्या में मौजूद श्रद्धालुओं ने मां गंगा की महाआरती कर सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मांगा। दूध, दही और पंचमेवा से हुआ दिव्य अभिषेक गंगा दशहरा के अवसर पर सुबह से ही आनंदेश्वर मंदिर परिसर में धार्मिक अनुष्ठानों का दौर शुरू हो गया। मंदिर के प्रमुख आचार्यों ने मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना शुरू की। इसके बाद मां गंगा की प्रतिमा का दूध, दही, पंचमेवा और मिष्ठान (मिठाइयों) से दिव्य अभिषेक किया गया। अभिषेक के बाद परंपरा के अनुसार मां गंगा को सुंदर वस्त्र यानी साड़ी भी भेंट की गई। इस अलौकिक रूप के दर्शन करने के लिए सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं। जूना अखाड़े के संतों की मौजूदगी में गूंजे मंत्र अखाड़ा परिषद के महामंत्री और जूना अखाड़ा के संरक्षक हरि गिरि जी महाराज के निर्देशन में देश भर की सभी शाखाओं में आज गंगा महोत्सव मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में कानपुर की आनंदेश्वर मंदिर शाखा में भी भव्य आयोजन हुआ। जिसके गवाह हजारों भक्त बने। जूना अखाड़े के संत और मंदिर कोठारी महंत महाकाल गिरि जी महाराज, थानापति अत्रिवन महाराज, प्रशांतपुरी जी महाराज और सुनील गिरी जी महाराज समेत कई वरिष्ठ संतों ने इस पूरे पूजन अनुष्ठान को संपन्न कराया। ‘हर-हर गंगे’ के जयकारों के बीच हुई महाआरती पूजन और अभिषेक के बाद मंदिर परिसर में मां गंगा की महाआरती का आयोजन हुआ। आरती के समय पूरा मंदिर परिसर ‘हर-हर गंगे’ और ‘बाबा आनंदेश्वर’ के जयकारों से गूंज उठा। इस महाआरती में आम भक्तों के साथ-साथ मंदिर के अजय पुजारी, केके तिवारी और जूना अखाड़े के मीडिया प्रभारी आशुतोष कुमार अंश ने भी हिस्सा लिया। हजारों की संख्या में मौजूद श्रद्धालुओं ने अपने हाथों में दीये लेकर मां गंगा की आरती उतारी और इस पावन पर्व के साक्षी बने।


