मोतिहारी नगर थाना क्षेत्र में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे के खिलाफ प्रशासन ने कार्रवाई की है। नगर थाना के सामने स्थित भारत पेट्रोलियम नामक पेट्रोल पंप को सील कर दिया गया है। यह कार्रवाई लंबे समय से लंबित लीज विवाद और बकाया राशि के भुगतान न होने के कारण की गई है। जानकारी के अनुसार, यह जमीन वर्ष 1952 में केवल 5 वर्षों के लिए लीज पर दी गई थी। लीज की अवधि 1957 में समाप्त हो गई थी, लेकिन इसका नवीनीकरण नहीं कराया गया। इसके बावजूद संबंधित व्यक्ति द्वारा वर्षों तक इस सरकारी जमीन पर पेट्रोल पंप का संचालन जारी रखा गया, जो नियमों का उल्लंघन है। लीज राशि भी अभी तक जमा नहीं की गई
प्रशासनिक रिकॉर्ड के मुताबिक, 7 अप्रैल 2011 तक कुल 44 लाख रुपये बकाया थे। 50 प्रतिशत जुर्माना जोड़ने पर यह राशि 66 लाख रुपये हो गई थी। इसमें से 44 लाख रुपये जमा कर दिए गए, लेकिन 22 लाख रुपये की जुर्माना राशि का भुगतान नहीं किया गया। वर्ष 2011 के बाद की लीज राशि भी अभी तक जमा नहीं की गई है। प्रशासन ने कई बार नोटिस जारी कर बकाया राशि जमा करने और लीज का नवीनीकरण कराने का निर्देश दिया था। हालांकि, संबंधित पक्ष ने इन आदेशों का पालन नहीं किया। इसके बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए पेट्रोल पंप को सील कर दिया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा या नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आगे की कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी। इस कार्रवाई से क्षेत्र में अन्य अवैध कब्जाधारियों में भी चिंता देखी जा रही है। मोतिहारी नगर थाना क्षेत्र में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे के खिलाफ प्रशासन ने कार्रवाई की है। नगर थाना के सामने स्थित भारत पेट्रोलियम नामक पेट्रोल पंप को सील कर दिया गया है। यह कार्रवाई लंबे समय से लंबित लीज विवाद और बकाया राशि के भुगतान न होने के कारण की गई है। जानकारी के अनुसार, यह जमीन वर्ष 1952 में केवल 5 वर्षों के लिए लीज पर दी गई थी। लीज की अवधि 1957 में समाप्त हो गई थी, लेकिन इसका नवीनीकरण नहीं कराया गया। इसके बावजूद संबंधित व्यक्ति द्वारा वर्षों तक इस सरकारी जमीन पर पेट्रोल पंप का संचालन जारी रखा गया, जो नियमों का उल्लंघन है। लीज राशि भी अभी तक जमा नहीं की गई
प्रशासनिक रिकॉर्ड के मुताबिक, 7 अप्रैल 2011 तक कुल 44 लाख रुपये बकाया थे। 50 प्रतिशत जुर्माना जोड़ने पर यह राशि 66 लाख रुपये हो गई थी। इसमें से 44 लाख रुपये जमा कर दिए गए, लेकिन 22 लाख रुपये की जुर्माना राशि का भुगतान नहीं किया गया। वर्ष 2011 के बाद की लीज राशि भी अभी तक जमा नहीं की गई है। प्रशासन ने कई बार नोटिस जारी कर बकाया राशि जमा करने और लीज का नवीनीकरण कराने का निर्देश दिया था। हालांकि, संबंधित पक्ष ने इन आदेशों का पालन नहीं किया। इसके बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए पेट्रोल पंप को सील कर दिया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा या नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आगे की कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी। इस कार्रवाई से क्षेत्र में अन्य अवैध कब्जाधारियों में भी चिंता देखी जा रही है।


