कैमूर जिले की विशेष पॉक्सो अदालत ने नाबालिग किशोरी के अपहरण और दुष्कर्म मामले में अहम फैसला सुनाया है। विशेष न्यायाधीश प्रमोद कुमार पांडेय की अदालत ने दोषी रामाशंकर बैठा को 20 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। दोषी पकड़ी, कोचस का निवासी है। अदालत ने दोषी पर 60,000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माना न भरने की स्थिति में उसे 9 माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। यह मामला 20 जनवरी 2025 का है, जब दोषी रामाशंकर बैठा ने किशोरी का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म किया था। पुलिस के दबाव और पीड़ित परिवार के सहयोग से पीड़िता को आरोपी के घर से बरामद कर मोहनिया थाना लाया गया था। मामले की सुनवाई के दौरान, विशेष लोक अभियोजक शशिभूषण पांडेय ने अदालत के समक्ष सात गवाहों की गवाही, वैज्ञानिक साक्ष्य और महत्वपूर्ण दस्तावेज प्रस्तुत किए। इन पुख्ता सबूतों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी पाया। अदालत ने जिला विधिक सेवा प्राधिकार, कैमूर को पीड़िता को शारीरिक और मानसिक क्षतिपूर्ति के रूप में 4 लाख रुपये का भुगतान करने का भी आदेश दिया है। इस त्वरित न्याय से पॉक्सो एक्ट के तहत अपराधियों को कड़ा संदेश मिला है। कैमूर जिले की विशेष पॉक्सो अदालत ने नाबालिग किशोरी के अपहरण और दुष्कर्म मामले में अहम फैसला सुनाया है। विशेष न्यायाधीश प्रमोद कुमार पांडेय की अदालत ने दोषी रामाशंकर बैठा को 20 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। दोषी पकड़ी, कोचस का निवासी है। अदालत ने दोषी पर 60,000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माना न भरने की स्थिति में उसे 9 माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। यह मामला 20 जनवरी 2025 का है, जब दोषी रामाशंकर बैठा ने किशोरी का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म किया था। पुलिस के दबाव और पीड़ित परिवार के सहयोग से पीड़िता को आरोपी के घर से बरामद कर मोहनिया थाना लाया गया था। मामले की सुनवाई के दौरान, विशेष लोक अभियोजक शशिभूषण पांडेय ने अदालत के समक्ष सात गवाहों की गवाही, वैज्ञानिक साक्ष्य और महत्वपूर्ण दस्तावेज प्रस्तुत किए। इन पुख्ता सबूतों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी पाया। अदालत ने जिला विधिक सेवा प्राधिकार, कैमूर को पीड़िता को शारीरिक और मानसिक क्षतिपूर्ति के रूप में 4 लाख रुपये का भुगतान करने का भी आदेश दिया है। इस त्वरित न्याय से पॉक्सो एक्ट के तहत अपराधियों को कड़ा संदेश मिला है।


