गुलर पेड़ को लेकर विवाद में गई जान:सीवान में पिटाई के बाद युवक की मौत, 2 बेटियां हुई अनाथ

गुलर पेड़ को लेकर विवाद में गई जान:सीवान में पिटाई के बाद युवक की मौत, 2 बेटियां हुई अनाथ

सीवान के मैरवा थाना क्षेत्र अंतर्गत मुडियारी पंचायत के फरछुआ गांव में गुलर के पेड़ को लेकर शुरू हुए विवाद में एक व्यक्ति की मौत हो गई। बीते 16 मई को हुई मारपीट में गंभीर रूप से घायल युवक मंटू यादव की इलाज के दौरान मौत हो गई। शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही उनका शव गांव पहुंचा, पूरे गांव का माहौल गमगीन हो गया। परिजनों की चीख-पुकार से हर आंख नम हो गई। बताया जाता है कि फरछुआ गांव वार्ड संख्या 12 में पट्टीदारों के बीच गुलर के पेड़ को लेकर विवाद हुआ था। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि मारपीट शुरू हो गई। आरोप है कि इसी दौरान मंटू यादव के साथ बेरहमी से पिटाई की गई, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद परिजन उन्हें इलाज के लिए पहले स्थानीय अस्पताल ले गए, फिर बेहतर इलाज के लिए गोरखपुर रेफर कराया गया। कई दिनों तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। गांव के लोग भी इस घटना से हैरान मृतक के पिता महेश चौधरी ने मैरवा थाना में आवेदन देकर हरेराम चौधरी, अंकित, सत्यम, बिक्रमा चौधरी, आरती देवी, सिंधु देवी, इंदु देवी तथा आदित्य यादव को नामजद आरोपी बनाया है। परिजनों का आरोप है कि सभी ने मिलकर मंटू यादव के साथ मारपीट की थी, जिसके कारण उनकी जान गई। पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचते ही माहौल मातमी हो गया। घर के बाहर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। मृतक की पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल था, जबकि दो मासूम बेटियां पिता के शव को देख बेसुध हो जा रही थीं। गांव के लोग भी इस घटना से स्तब्ध हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी थाना प्रभारी राहुल कुमार ने बताया कि परिजनों के आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। हालांकि सभी नामजद आरोपी फिलहाल घर छोड़कर फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। सीवान के मैरवा थाना क्षेत्र अंतर्गत मुडियारी पंचायत के फरछुआ गांव में गुलर के पेड़ को लेकर शुरू हुए विवाद में एक व्यक्ति की मौत हो गई। बीते 16 मई को हुई मारपीट में गंभीर रूप से घायल युवक मंटू यादव की इलाज के दौरान मौत हो गई। शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही उनका शव गांव पहुंचा, पूरे गांव का माहौल गमगीन हो गया। परिजनों की चीख-पुकार से हर आंख नम हो गई। बताया जाता है कि फरछुआ गांव वार्ड संख्या 12 में पट्टीदारों के बीच गुलर के पेड़ को लेकर विवाद हुआ था। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि मारपीट शुरू हो गई। आरोप है कि इसी दौरान मंटू यादव के साथ बेरहमी से पिटाई की गई, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद परिजन उन्हें इलाज के लिए पहले स्थानीय अस्पताल ले गए, फिर बेहतर इलाज के लिए गोरखपुर रेफर कराया गया। कई दिनों तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। गांव के लोग भी इस घटना से हैरान मृतक के पिता महेश चौधरी ने मैरवा थाना में आवेदन देकर हरेराम चौधरी, अंकित, सत्यम, बिक्रमा चौधरी, आरती देवी, सिंधु देवी, इंदु देवी तथा आदित्य यादव को नामजद आरोपी बनाया है। परिजनों का आरोप है कि सभी ने मिलकर मंटू यादव के साथ मारपीट की थी, जिसके कारण उनकी जान गई। पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचते ही माहौल मातमी हो गया। घर के बाहर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। मृतक की पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल था, जबकि दो मासूम बेटियां पिता के शव को देख बेसुध हो जा रही थीं। गांव के लोग भी इस घटना से स्तब्ध हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी थाना प्रभारी राहुल कुमार ने बताया कि परिजनों के आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। हालांकि सभी नामजद आरोपी फिलहाल घर छोड़कर फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।  

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