‘केवल मुसलमानों को गाली देना हिंदू धर्म नहीं’, शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का BJP पर बड़ा हमला

‘केवल मुसलमानों को गाली देना हिंदू धर्म नहीं’, शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का BJP पर बड़ा हमला

Swami Avimukteshwaranand News: प्रतापगढ़ पहुंचे ज्योतिष पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गाय और हिंदुत्व के मुद्दे पर सरकार को खुली चुनौती दे दी। उन्होंने साफ कहा कि अगर कोई सरकार खुद को हिंदुत्ववादी बताती है तो उसका पहला काम गोमाता की रक्षा होना चाहिए, लेकिन ऐसा जमीन पर दिखाई नहीं दे रहा है।

बूचड़खानों से चंदा लेने का लगाया आरोप

शंकराचार्य ने भाजपा पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी बूचड़खानों से सैंकड़ों करोड़ रुपये चंदा ले रही है। इसी वजह से उन पर कार्रवाई नहीं हो पा रही। उन्होंने कहा कि यह बात अब सार्वजनिक हो चुकी है और लोग भी इसे समझने लगे हैं। उन्होंने कहा कि अगर सरकार चाहती तो अवैध बूचड़खानों पर पूरी तरह रोक लग सकती थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसी वजह से लोगों की उम्मीदें टूट रही हैं।

‘गेरुआ कपड़े पहनने से कोई हिंदुत्ववादी नहीं बन जाता’

पत्रकारों से बातचीत में शंकराचार्य ने कहा कि सरकार सिर्फ कहने भर के लिए हिंदुत्ववादी दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि सरकार कहती तो है कि हम हिंदू हैं। गेरुआ कपड़ा पहनकर हमारे सामने आती है, तिलक लगाती है, गेरुआ पट्टा अपने गले में लपेटती है, जय श्रीराम का नारा भी लगाती है। लेकिन सरकार के काम हिंदुओं वाले दिखाई नहीं दे रहे हैं। शंकराचार्य का कहना है केवल मुसलमानों को गाली देना ही हिंदू धर्म का काम नहीं है। गोमाता की रक्षा करना सबसे बड़ा कार्य है और अगर सरकार यह भी नहीं कर पा रही तो फिर दूसरे हिंदू कार्यों की उम्मीद कैसे की जा सकती है।

‘दो से तीन साल में भी नहीं बचा पाए गोमाता’

शंकराचार्य ने कहा कि पिछले दो से तीन साल में सरकार गोमाता की रक्षा नहीं कर पाई। इसी वजह से उन्होंने गविष्ठि यात्रा शुरू की है। उनका कहना था कि जब सरकार से उम्मीद टूट गई तब समाज को जागरूक करने के लिए सड़क पर उतरना पड़ा। साथ ही यह भी कहा कि जो लोग हिंदुओं की भावनाओं को समझते हुए गाय को राष्ट्र माता घोषित करने की बात करते हैं, वे सम्मान के पात्र हैं।

मौलाना मदनी का भी किया जिक्र

अपने बयान में शंकराचार्य ने मौलाना मदनी का नाम लेते हुए कहा कि मौलाना मदनी हों या फिर कोई दूसरे कोई मौलाना हों, तब वह अभिनंदनीय हो जाते हैं, जब वह हिंदुओं की भावनाओं को समझ कर गोमाता को राष्ट्र माता घोषित करने की बात कह रहे हों। दुख की बात यह है कि कई हिंदू धर्म से जुड़े लोग भी गाय को माता कहने में हिचकिचाते हैं।

योगी सरकार के फैसले को याद दिलाया

शंकराचार्य ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पुराने बयान का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार बनने के बाद योगी ने खुद अवैध बूचड़खाने बंद करने की बात कही थी। इसी दौरान उन्होंने सवाल उठाया कि गाय की हत्या वैध भी हो सकती है क्या।

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