मैनपुरी में विद्युत विभाग के आउटसोर्स संविदा कर्मचारियों ने बिना नोटिस कई एसएसओ (सब-स्टेशन ऑपरेटर) को हटाए जाने के विरोध में प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि विभाग में भ्रष्टाचार के तहत 12 की जगह लगभग 20 अनुभवी कर्मियों को हटाया गया है। उन्होंने 25 मई तक हटाए गए कर्मचारियों की बहाली न होने पर कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी है। उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन संविदा कर्मचारी जिला कार्यकारिणी मैनपुरी के बैनर तले बड़ी संख्या में कर्मचारी अधीक्षण अभियंता कार्यालय पहुंचे। उन्होंने एक ज्ञापन सौंपकर अपनी नाराजगी व्यक्त की। कर्मचारियों का कहना है कि पुराने और अनुभवी कर्मियों को हटाकर नए लोगों को लगाने की तैयारी की जा रही है, जो कि भ्रष्टाचार का हिस्सा है। संगठन के जिला महामंत्री विमल कुमार द्वारा दिए गए ज्ञापन में बताया गया कि जिले की विद्युत व्यवस्था पहले से ही कर्मचारियों की कमी से जूझ रही है। शासन स्तर पर 40 प्रतिशत कटौती के बाद आउटसोर्स कर्मियों पर काम का अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है। ऐसे में, 19 मई 2026 को बिना किसी पूर्व सूचना के कई एसएसओ को ड्यूटी से हटा दिया गया, जिससे कर्मचारियों में भारी रोष है। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि विभागीय आदेश के अनुसार केवल 12 एसएसओ को हटाया जाना था, लेकिन दो डिवीजनों में लगभग 20 कर्मचारियों को कार्य से हटा दिया गया। उनका यह भी कहना है कि हटाए गए लोगों में कई ऐसे कर्मचारी शामिल हैं जिन्होंने अभी 55 वर्ष की आयु पूरी नहीं की है और उनके खिलाफ कोई शिकायत भी दर्ज नहीं थी। कर्मचारियों ने इस कार्रवाई को अन्यायपूर्ण बताते हुए इसमें भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने मांग की कि सभी एसएसओ से 8 घंटे और 26 दिन कार्य कराने के शासनादेश का पालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, हटाए गए सभी कर्मचारियों को 25 मई तक दोबारा ड्यूटी पर तैनात किया जाए। संगठन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो जिलेभर में कार्य बहिष्कार किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विभाग की होगी। ज्ञापन सौंपने के दौरान मुख्य संरक्षक सुबोध यादव, जिलाध्यक्ष सुनील यादव, जिला महामंत्री विमल कुमार, उपाध्यक्ष विनय, जोन अध्यक्ष अवनीश यादव, सबडिवीजन अध्यक्ष विवेक शर्मा, अशोक कुमार, रविकांत सहित बड़ी संख्या में संविदा कर्मचारी उपस्थित रहे।


