भोजपुर के पीरो SDPO हटाए गए, रीडर गिरफ्तार:कार्यालय से अधिकारियों के फर्जी ट्रांसफर लेटर तैयार किए गए थे, पटना साइबर पुलिस कर रही जांच

बिहार पुलिस महकमे में फर्जी ट्रांसफर लेटर कांड ने हड़कंप मचा दिया है। तीन सीनियर पुलिस अधिकारियों के तबादले से जुड़ा एक कथित सरकारी आदेश सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस मुख्यालय ने सख्त कार्रवाई की है। मामले में भोजपुर जिले के पीरो अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) कृष्ण कुमार सिंह को उनके पद से हटा दिया गया है, जबकि उनके कार्यालय में तैनात रीडर सहायक अवर निरीक्षक रामानंदन मंडल को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस पूरे मामले की जांच पटना साइबर थाना की टीम कर रही है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि वायरल किया गया ट्रांसफर आदेश पूरी तरह फर्जी था, लेकिन उसे इस तरह तैयार किया गया था कि वह बिल्कुल असली सरकारी अधिसूचना जैसा दिखाई दे रहा था। सरकारी लेटर हेड की तरह भाषा बुधवार देर रात सोशल मीडिया पर एक आदेश तेजी से वायरल हुआ, जिसमें बिहार पुलिस के तीन एसडीपीओ स्तर के अधिकारियों को सारण, मोतिहारी और बेगूसराय में ग्रामीण एसपी के पद पर ट्रांसफर किए जाने की बात लिखी गई थी। आदेश की भाषा, प्रारूप और सरकारी शैली इतनी सटीक थी कि पुलिस विभाग में भी कुछ समय के लिए भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गई। मामला तब गंभीर हुआ जब इसकी जानकारी गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी तक पहुंची। उन्होंने तत्काल डीजीपी विनय कुमार को इसकी सूचना देते हुए जांच कराने का निर्देश दिया। लेटर कांड में रीडर की गिरफ्तारी इसके बाद पटना साइबर थाना में प्राथमिकी दर्ज कर तकनीकी जांच शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले, जिसके आधार पर यह पता चला कि फर्जी आदेश पीरो एसडीपीओ कार्यालय से तैयार किया गया था। गुरुवार शाम साइबर थाना की टीम ने कार्रवाई करते हुए कार्यालय में तैनात रीडर रामानंदन मंडल को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में रीडर ने खुलासा किया कि उसने यह फर्जी अधिसूचना पीरो एसडीपीओ कृष्ण कुमार सिंह के निर्देश पर तैयार की थी। बाद में इसे सोशल मीडिया पर वायरल भी कराया गया। पुलिस मुख्यालय में किया क्लोज सूत्रों के मुताबिक, जिन अधिकारियों के नाम पर यह फर्जी ट्रांसफर आदेश जारी किया गया था, उनसे एसडीपीओ की निजी नाराजगी थी। उन्हें मानसिक रूप से परेशान करने और विभाग में भ्रम फैलाने की नीयत से यह साजिश रची गई थी। मामले के खुलासे के बाद पुलिस मुख्यालय ने कृष्ण कुमार सिंह को तत्काल प्रभाव से पद से हटाकर मुख्यालय में क्लोज कर दिया। साथ ही भोजपुर साइबर क्राइम थाना के डीएसपी स्नेह सेतु को पीरो एसडीपीओ का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। फिलहाल साइबर पुलिस इस मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता की भी जांच कर रही है। बिहार पुलिस महकमे में फर्जी ट्रांसफर लेटर कांड ने हड़कंप मचा दिया है। तीन सीनियर पुलिस अधिकारियों के तबादले से जुड़ा एक कथित सरकारी आदेश सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस मुख्यालय ने सख्त कार्रवाई की है। मामले में भोजपुर जिले के पीरो अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) कृष्ण कुमार सिंह को उनके पद से हटा दिया गया है, जबकि उनके कार्यालय में तैनात रीडर सहायक अवर निरीक्षक रामानंदन मंडल को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस पूरे मामले की जांच पटना साइबर थाना की टीम कर रही है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि वायरल किया गया ट्रांसफर आदेश पूरी तरह फर्जी था, लेकिन उसे इस तरह तैयार किया गया था कि वह बिल्कुल असली सरकारी अधिसूचना जैसा दिखाई दे रहा था। सरकारी लेटर हेड की तरह भाषा बुधवार देर रात सोशल मीडिया पर एक आदेश तेजी से वायरल हुआ, जिसमें बिहार पुलिस के तीन एसडीपीओ स्तर के अधिकारियों को सारण, मोतिहारी और बेगूसराय में ग्रामीण एसपी के पद पर ट्रांसफर किए जाने की बात लिखी गई थी। आदेश की भाषा, प्रारूप और सरकारी शैली इतनी सटीक थी कि पुलिस विभाग में भी कुछ समय के लिए भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गई। मामला तब गंभीर हुआ जब इसकी जानकारी गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी तक पहुंची। उन्होंने तत्काल डीजीपी विनय कुमार को इसकी सूचना देते हुए जांच कराने का निर्देश दिया। लेटर कांड में रीडर की गिरफ्तारी इसके बाद पटना साइबर थाना में प्राथमिकी दर्ज कर तकनीकी जांच शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले, जिसके आधार पर यह पता चला कि फर्जी आदेश पीरो एसडीपीओ कार्यालय से तैयार किया गया था। गुरुवार शाम साइबर थाना की टीम ने कार्रवाई करते हुए कार्यालय में तैनात रीडर रामानंदन मंडल को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में रीडर ने खुलासा किया कि उसने यह फर्जी अधिसूचना पीरो एसडीपीओ कृष्ण कुमार सिंह के निर्देश पर तैयार की थी। बाद में इसे सोशल मीडिया पर वायरल भी कराया गया। पुलिस मुख्यालय में किया क्लोज सूत्रों के मुताबिक, जिन अधिकारियों के नाम पर यह फर्जी ट्रांसफर आदेश जारी किया गया था, उनसे एसडीपीओ की निजी नाराजगी थी। उन्हें मानसिक रूप से परेशान करने और विभाग में भ्रम फैलाने की नीयत से यह साजिश रची गई थी। मामले के खुलासे के बाद पुलिस मुख्यालय ने कृष्ण कुमार सिंह को तत्काल प्रभाव से पद से हटाकर मुख्यालय में क्लोज कर दिया। साथ ही भोजपुर साइबर क्राइम थाना के डीएसपी स्नेह सेतु को पीरो एसडीपीओ का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। फिलहाल साइबर पुलिस इस मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता की भी जांच कर रही है।  

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