पटना यूनिवर्सिटी में सीनेट की बैठक आज:वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया जाएगा, अपनी मांगों को लेकर छात्र करेंगे सीनेट का घेराव

पटना यूनिवर्सिटी में सीनेट की बैठक आज:वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया जाएगा, अपनी मांगों को लेकर छात्र करेंगे सीनेट का घेराव

पटना यूनिवर्सिटी में आज सीनेट की वार्षिक बैठक है। यह बैठक जयप्रकाश नारायण सभागार में आयोजित की गई है। इस सीनेट बैठक का आज यूनिवर्सिटी के छात्र घेराव करने वाले हैं। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) द्वारा ये घेराव किया जाएगा। कैंपस में पुलिसिया दमन और जर्जर व्यवस्था के खिलाफ छात्र आज कैंपस में जुटेंगे और अपनी मांगों को लेकर प्रतिरोध व्यक्त करेंगे। छात्रों की प्रमुख मांगें बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया जाएगा इस बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया जाएगा। पिछली एकेडमिक काउंसिल बैठक के निर्णयों को सीनेट की स्वीकृति मिल सकती है। इन कोर्स को ऑनलाइन माध्यम से संचालित करने पर भी विचार हो रहा है। वहीं, सैनिक कल्याण बोर्ड की ओर से भूतपूर्व सैनिकों के लिए मानव संसाधन प्रबंधन में स्नातक पाठ्यक्रम का प्रस्ताव भी रखा जाएगा। कई नए कोर्स को मंजूरी मिलने की संभावना वहीं, कई नए कोर्स को मंजूरी मिलने की संभावना है। इनमें स्नातक स्तर पर तीन या चार वर्षीय डिग्री कोर्स के साथ रोजगारपरक कोर्स शुरू करने का प्रस्ताव शामिल है। इसके साथ ही स्नातकोत्तर के दो वर्षीय कोर्स के साथ भी रोजगारपरक कोर्स शुरू किए जाने पर विचार होगा। इन कोर्स को ऑनलाइन माध्यम से संचालित करने पर भी विचार हो रहा है। पटना यूनिवर्सिटी में आज सीनेट की वार्षिक बैठक है। यह बैठक जयप्रकाश नारायण सभागार में आयोजित की गई है। इस सीनेट बैठक का आज यूनिवर्सिटी के छात्र घेराव करने वाले हैं। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) द्वारा ये घेराव किया जाएगा। कैंपस में पुलिसिया दमन और जर्जर व्यवस्था के खिलाफ छात्र आज कैंपस में जुटेंगे और अपनी मांगों को लेकर प्रतिरोध व्यक्त करेंगे। छात्रों की प्रमुख मांगें बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया जाएगा इस बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया जाएगा। पिछली एकेडमिक काउंसिल बैठक के निर्णयों को सीनेट की स्वीकृति मिल सकती है। इन कोर्स को ऑनलाइन माध्यम से संचालित करने पर भी विचार हो रहा है। वहीं, सैनिक कल्याण बोर्ड की ओर से भूतपूर्व सैनिकों के लिए मानव संसाधन प्रबंधन में स्नातक पाठ्यक्रम का प्रस्ताव भी रखा जाएगा। कई नए कोर्स को मंजूरी मिलने की संभावना वहीं, कई नए कोर्स को मंजूरी मिलने की संभावना है। इनमें स्नातक स्तर पर तीन या चार वर्षीय डिग्री कोर्स के साथ रोजगारपरक कोर्स शुरू करने का प्रस्ताव शामिल है। इसके साथ ही स्नातकोत्तर के दो वर्षीय कोर्स के साथ भी रोजगारपरक कोर्स शुरू किए जाने पर विचार होगा। इन कोर्स को ऑनलाइन माध्यम से संचालित करने पर भी विचार हो रहा है।  

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